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Punjab: दस हजार की कीमत वाली साइकिल पर पांच फीसदी हो सकती है GST Rate, सूचना से साइकिल उद्यमी गद्गद्

Mon, 21 Oct 2024 03:13 PM IST
निवेदिता वर्मा राजीव शर्मा, संवाद, लुधियाना (पंजाब)
राजीव शर्मा, संवाद, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 21 Oct 2024 03:13 PM IST
सार

मंत्री समूह की बैठक में दस हजार रुपये तक की कीमत के साइकिल पर जीएसटी की दर कम करने को सहमति दी गई है। उद्यमियों का तर्क है कि देश में 95 फीसदी से अधिक साइकिल दस हजार रुपये से कम कीमत के बनाए जा रहे हैं। जीएसटी मंत्री समूह के फैसले से साइकिल उद्योग को अधिकतर लाभ होगा।

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GST rate on bicycle costing ten thousand rupees may be five percent, bicycle entrepreneurs happy
Cycle - फोटो : istock

विस्तार

देश में जीएसटी की दरें तय करने के लिए बने मंत्री समूह की बैठक में दस हजार रुपये तक कीमत वाली साइकिल पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से कम करके पांच फीसदी करने पर सहमति बनी है। इस पर अंतिम मोहर अगले माह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में लगेगी। 
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इसके बाद सरकारी नोटिफिकेशन जारी होगा और जीएसटी की पांच फीसदी दर प्रभावी हो सकेगी। साइकिल पर जीएसटी की दर कम होने की सूचना से उद्यमी गदगद हैं। उद्यमियों का कहना है कि जीएसटी की दर कम होने से दस हजार रुपये तक की साइकिल 700 रुपये तक सस्ती हो जाएगी। इसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा। दूसरे इससे साइकिल उद्योग में ग्रोथ आएगी और मांग में इजाफा होगा।
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सालाना बनते हैं ढाई करोड़ से अधिक साइकिल

देश में सालाना ढाई करोड़ से अधिक साइकिल बनाए जा रहे हैं। लुधियाना में साइकिल एवं साइकिल पार्ट्स की चार हजार से अधिक इकाइयां हैं। यहां पर देश का 75 फीसदी साइकिल एवं 92 फीसदी साइकिल पार्ट्स तैयार किया जा रहा है। इस उद्योग का सालाना कारोबार लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का है।
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मंत्री समूह की बैठक में दस हजार रुपये तक की कीमत के साइकिल पर जीएसटी की दर कम करने को सहमति दी गई है। उद्यमियों का तर्क है कि देश में 95 फीसदी से अधिक साइकिल दस हजार रुपये से कम कीमत के बनाए जा रहे हैं। इससे अधिक कीमत के प्रीमियम एवं हाईएंड साइकिल्स का उत्पादन काफी सीमित है या वे विदेशों से आयात किए जा रहे हैं। ऐसे में जीएसटी मंत्री समूह के फैसले से साइकिल उद्योग को अधिकतर लाभ होगा। अभी दस हजार रुपये की साइकिल पर 1200 रुपये जीएसटी लग रहा है और फैसला लागू होने के बाद यह कम होकर पांच सौ रुपये रह जाएगा। साफ है कि जीएसटी का बोझ सात सौ रुपये कम होगा और इसे ग्राहक को पास-आन किया जाएगा।

यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने मंत्री समूह के फैसले को इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि लंबे अर्से से साइकिल उद्योग की ग्रोथ एक दायरे में ही घूम रही है। जीएसटी कम होने से इस उद्योग को भी पंख लगेंगे और इसका विस्तार होगा, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


बाईसाइकिल रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट एवं फिको के जनरल सेक्रेटरी मनजिंदर सचदेवा ने मंत्री समूह के इस फैसले को साइकिल उद्योग के हित में बताया है और कहा है कि इससे साइकिल इंडस्ट्री के अच्छे दिन आएंगे, दूसरे इससे ग्राहकों को भी लाभ मिलेगा। सचदेवा ने कहा कि अभी साइकिल एवं पुर्जों पर जीएसटी 12-12 फीसदी है। अब इसे कम करके 5-5 फीसदी करना होगा। आटोमोबाइल सेक्टर में भी पुर्जे एवं वाहनों पर जीएसटी की दर एक समान 28 फीसदी है। इस सिद्धांत को साइकिल पर भी लागू करके स्थिति स्पष्ट करना अनिवार्य है।
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