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बैलगाड़ी दौड़ पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से मायूसी

Thu, 14 Jan 2016 03:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Thu, 14 Jan 2016 03:17 PM IST
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disappointment for stopped the bullock cart race
बैलगाड़ी दौड़ व जल्लीकटटू खेल कराने को लेकर केंद्र सरकार की अधिसूचना पर
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सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद पंजाब में मिनी ओलंपिक के नाम से ख्याति प्राप्त किला रायपुर ग्रामीण खेल आयोजकों में मायूसी छा गई है।

किला रायपुर खेलों के आयोजक इस संबंध में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से राहत की गुहार लगाएंगे। चार साल पहले बैलगाड़ी दौड़ पर प्रतिबंध लगाया गया था। नतीजतन किला रायपुर के ग्रामीण ओलंपिक खेलों की रौनक पर ग्रहण लग गया। बैलगाड़ी दौड़ एवं जल्लीकट्टू को प्राचीन परंपरा एवं संस्कृति का हिस्सा बताते हुए केंद्र सरकार ने इन पर रोक हटाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया था।

पशु कल्याण बोर्ड एवं पेटा की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट ने बैन हटाने के फैसले पर रोक लगा दी है।
किला रायपुर ग्रामीण खेलों के आयोजक गरेवाल स्पोर्ट्स क्लब के सदस्य बलविंदर सिंह गरेवाल का कहना है कि बैलगाड़ी दौड़ इन खेलों की रूह है।

ग्रामीण खेलों का आयोजन चार से सात फरवरी तक किया जा रहा है और इनके लिए बाकायदा तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। निमंत्रण पत्र के कवर पेज पर बैलगाड़ी दौड़ की तस्वीर भी लगा दी गई है।अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी मायूस हैं। गरेवाल ने कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल कर प्रतिबंध हटाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे असफल रहती हैं तो गरेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन राष्ट्रपति के समक्ष गुहार लगाएगी।
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