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नोटबंदी : पेट्रोल पंपों पर लगे ‘छुट्टे पैसे दें’ के बोर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 04 Dec 2016 09:41 PM IST
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आठ नवंबर की रात को हुई नोटबंदी के बाद भी 500 और 1000 के पुराने नोट कई जगह स्वीकार किए जाने के आदेश हुए थे। पेट्रोल पंपों पर यह नोट चलाने की अंतिम तारीख तीन दिसंबर रखी गई थी। रविवार को पेट्रोल पंप मालिकों ने पंप पर बोर्ड लगा दिए कि ‘500 और 1000 के नोट नहीं लिए जाएंगे, कृपया पेट्रोल भरवाने से पहले खुले पैसे दें’।
भारत नगर चौक स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की ओर से पोस्टर के जरिए लोगों से खुले पैसे देने की अपील की गई है। इसके अलावा ग्राहक भुगतान क्रेडिट कार्ड या ई-वोलेट के जरिए भी कर सकता है।
वहीं फिरोजपुर रोड स्थित लक्ष्मी पंप ने स्वैप मशीन के जरिए 100-100 के नोट देने की सुविधा शुरू की है। ग्राहक विक्की ने बताया कि उन्होंने लक्ष्मी पंप से क्रेडिट कार्ड स्वैप करवाकर 2000 रुपये के खुले करवाए हैं। यह सुविधा फिलहाल अभी एक ही पंप पर है। इसके अलावा कई मॉल में भी यह सुविधा दी जा रहा है।
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नोटबंदी के बाद से सुबह से रात तक पैसे निकलवाने के लिए एटीएम में लोगों की भीड़ लगी रहती है। महानगर में कई एटीएम ऐसे भी है जहां अभी तक कैश ही नहीं डाला गया है। रविवार को भी कई एटीएम बंद रहे।
नोटबंदी : बैंक बंद, एटीएम में पैसे नहीं
नोटबंदी के 26वें दिन भी दिक्कतें कम नहीं हुईं। रविवार को छुट्टी के कारण सभी बैंक बंद रहे और एटीएम में पैसे न होने के कारण लोग पैसों के लिए भटकते रहे। मुलाजिमों की तनख्वाह आ गई है, लेकिन लोग पैसे निकाल नहीं पा रहे हैं।
रविवार को महानगर के हर एटीएम पर लोगों की भीड़ रही।
कुछ को पैसे मिले तो कुछ को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। माल रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर लगे एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए लाइन में लगे विक्रम कपूर ने कहा कि वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। हर महीने की एक तारीख को उनकी सैलरी उनके खाते में आ जाती है। इस बार वह बैंक में पैसे निकलवाने गए तो उन्हें कैश न होने की बात कर वापस भेज दिया गया। एटीएम में पैसे निकलवाने के लिए आज सुबह से ही लाइन में खड़े हैं, लेकिन एटीएम में पैसे ही नहीं हैं।
फव्वारा चौक के पास स्थित विजया बैंक के एटीएम के बाहर पैसे निकलवाने के लिए खड़े कुणाल ने कहा कि सैलरी आ गई है, लेकिन बैंक में कैश नहीं है। अब रुटीन खर्च के लिए कुछ पैसे चाहिए तो लाइन में लगे हैं। अब यह नहीं पता कि एटीएम से भी पैसे मिलेंगे या नहीं।
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भारत नगर चौक स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की ओर से पोस्टर के जरिए लोगों से खुले पैसे देने की अपील की गई है। इसके अलावा ग्राहक भुगतान क्रेडिट कार्ड या ई-वोलेट के जरिए भी कर सकता है।
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वहीं फिरोजपुर रोड स्थित लक्ष्मी पंप ने स्वैप मशीन के जरिए 100-100 के नोट देने की सुविधा शुरू की है। ग्राहक विक्की ने बताया कि उन्होंने लक्ष्मी पंप से क्रेडिट कार्ड स्वैप करवाकर 2000 रुपये के खुले करवाए हैं। यह सुविधा फिलहाल अभी एक ही पंप पर है। इसके अलावा कई मॉल में भी यह सुविधा दी जा रहा है।
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नोटबंदी के बाद से सुबह से रात तक पैसे निकलवाने के लिए एटीएम में लोगों की भीड़ लगी रहती है। महानगर में कई एटीएम ऐसे भी है जहां अभी तक कैश ही नहीं डाला गया है। रविवार को भी कई एटीएम बंद रहे।
नोटबंदी : बैंक बंद, एटीएम में पैसे नहीं
नोटबंदी के 26वें दिन भी दिक्कतें कम नहीं हुईं। रविवार को छुट्टी के कारण सभी बैंक बंद रहे और एटीएम में पैसे न होने के कारण लोग पैसों के लिए भटकते रहे। मुलाजिमों की तनख्वाह आ गई है, लेकिन लोग पैसे निकाल नहीं पा रहे हैं।
रविवार को महानगर के हर एटीएम पर लोगों की भीड़ रही।
कुछ को पैसे मिले तो कुछ को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। माल रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर लगे एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए लाइन में लगे विक्रम कपूर ने कहा कि वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। हर महीने की एक तारीख को उनकी सैलरी उनके खाते में आ जाती है। इस बार वह बैंक में पैसे निकलवाने गए तो उन्हें कैश न होने की बात कर वापस भेज दिया गया। एटीएम में पैसे निकलवाने के लिए आज सुबह से ही लाइन में खड़े हैं, लेकिन एटीएम में पैसे ही नहीं हैं।
फव्वारा चौक के पास स्थित विजया बैंक के एटीएम के बाहर पैसे निकलवाने के लिए खड़े कुणाल ने कहा कि सैलरी आ गई है, लेकिन बैंक में कैश नहीं है। अब रुटीन खर्च के लिए कुछ पैसे चाहिए तो लाइन में लगे हैं। अब यह नहीं पता कि एटीएम से भी पैसे मिलेंगे या नहीं।