{"_id":"c4b83047ee256273fa1e86e5bab41790","slug":"missing-rss-worker-dead-body-found-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दिन से लापता आरएसएस वर्कर का शव मिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छह दिन से लापता आरएसएस वर्कर का शव मिला
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sun, 31 Jan 2016 09:58 PM IST
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छह दिन से लापता चल रहे आरएसएस वर्कर और कॉलेज स्टूडेंट ऋषभ कुमार (18) का शव रविवार सुबह बाड़ेवाल रोड स्थित सिधवां नहर में मिला। शव देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना साहनेवाल और चौकी कंगनवाल की पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाकर उसकी पहचान करवाई गई।
जांच के दौरान पता चला कि ऋषभ के गले और शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि हत्या करने के बाद ही ऋषभ का शव नहर में फेंका गया है। तीन डॉक्टरों पर आधारित एक बोर्ड ने ऋषभ के शव का पोस्टमार्टम किया। विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
ऋषभ के पिता राकेश कुमार ने बताया कि 25 जनवरी को ऋषभ घर के पास घूम रहा था और अचानक बिना बताए कहीं चला गया। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। 26 जनवरी को ऋषभ की एक्टिवा डुगरी पुल के पास लावारिस हालत में मिली थी। उसी दिन ऋषभ का मोबाइल फोन भी कुछ समय के लिए ऑन था, लेकिन बाद में फोन बंद आने लगा।
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उनका कहना है कि एक्टिवा मिलने के बाद उन्होंने उसी इलाके में ऋषभ की फोटो लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ की। कुछ लोगों का कहना था कि उन्होंने ऋषभ को एक अन्य युवक के साथ देखा था, जिन्होंने नहर के आसपास खोखे पर चाय भी पी थी। राकेश कुमार का आरोप है कि उनके स्कूल में एक टीचर है, जिसकी ऋषभ से बातचीत होती थी। उन्होंने इस मामले में पुलिस से उक्त टीचर से भी पूछताछ के लिए कहा है। उन्हें शक है कि इस टीचर का ऋषभ की मौत में कोई हाथ हो सकता है। ऋषभ ज्ञान निकेतन स्कूल में लगने वाली आरएसएस की शाखा में जाया करता था। वह स्कूल में भी आरएसएस की शाखा लगाता था।
इस मामले में थाना साहनेवाल के अंतर्गत चौकी कंगनवाल की पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। चौकी कंगनवाल के इंचार्ज कुलवंत चंद ने कहा कि ऋषभ का शव रविवार सुबह नहर में मिला। डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम कर विसरा जांच के लिए भेजा है।
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जांच के दौरान पता चला कि ऋषभ के गले और शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि हत्या करने के बाद ही ऋषभ का शव नहर में फेंका गया है। तीन डॉक्टरों पर आधारित एक बोर्ड ने ऋषभ के शव का पोस्टमार्टम किया। विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
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ऋषभ के पिता राकेश कुमार ने बताया कि 25 जनवरी को ऋषभ घर के पास घूम रहा था और अचानक बिना बताए कहीं चला गया। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। 26 जनवरी को ऋषभ की एक्टिवा डुगरी पुल के पास लावारिस हालत में मिली थी। उसी दिन ऋषभ का मोबाइल फोन भी कुछ समय के लिए ऑन था, लेकिन बाद में फोन बंद आने लगा।
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उनका कहना है कि एक्टिवा मिलने के बाद उन्होंने उसी इलाके में ऋषभ की फोटो लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ की। कुछ लोगों का कहना था कि उन्होंने ऋषभ को एक अन्य युवक के साथ देखा था, जिन्होंने नहर के आसपास खोखे पर चाय भी पी थी। राकेश कुमार का आरोप है कि उनके स्कूल में एक टीचर है, जिसकी ऋषभ से बातचीत होती थी। उन्होंने इस मामले में पुलिस से उक्त टीचर से भी पूछताछ के लिए कहा है। उन्हें शक है कि इस टीचर का ऋषभ की मौत में कोई हाथ हो सकता है। ऋषभ ज्ञान निकेतन स्कूल में लगने वाली आरएसएस की शाखा में जाया करता था। वह स्कूल में भी आरएसएस की शाखा लगाता था।
इस मामले में थाना साहनेवाल के अंतर्गत चौकी कंगनवाल की पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। चौकी कंगनवाल के इंचार्ज कुलवंत चंद ने कहा कि ऋषभ का शव रविवार सुबह नहर में मिला। डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम कर विसरा जांच के लिए भेजा है।