लुधियाना: चार साल के अपहृत बच्चे को ग्रामीणों ने 36 घंटे में ढूंढ निकाला, दरिया में कूदे आरोपी की डंडों से की पिटाई

संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 31 Jul 2021 08:53 PM IST

सार

आरोपी आकाश उर्फ विजय ने सुबह बच्चे का एक वीडियो बनाकर उसके पिता को व्हाट्सएप पर भेजा था। पुलिस ने उसका मोबाइल ट्रेसिंग पर लगा रखा था। जैसे ही उसने मोबाइल ऑन किया तो पुलिस के पास उसकी लोकेशन आ गई।
लुधियाना में अपहृत बच्चे के साथ पुलिस और परिजन।
लुधियाना में अपहृत बच्चे के साथ पुलिस और परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

36 घंटे पहले घर से चार साल के बच्चे को अगवा कर भागे आरोपी को ग्रामीणों ने ढूंढ निकाला। पुलिस आरोपी की तलाश में सौ किलोमीटर के दायरे में खाक छानती रही, लेकिन आरोपी घर के पास ही जंगल में बैठा था। दो गांवों के लोग बच्चे की तलाश में निकले हुए थे। आरोपी की लोकेशन पता लगते ही ग्रामीणों ने पूरा इलाका घेर लिया।
विज्ञापन


लोगों को देखकर आरोपी सतलुज दरिया में कूद गया। पहले लोगों ने बच्चे को संभाला और उसके तुरंत बाद सतलुज दरिया में कूदकर आरोपी को बाहर निकाला। इसके बाद उसे पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। आरोपी की पहचान आकाश उर्फ विजय के रूप में हुई है। 



पुलिस कमिश्नर ने बताया कि परमजीत सिंह गांव रौड़ में खेतीबाड़ी करते हैं। जानवरों की देखभाल के लिए आरोपी विजय को कुछ दिन पहले ही काम पर रखा गया था। मौका देख आरोपी उनके चार साल के बेटे अमनदीप सिंह को अगवा कर ले गया। जैसे ही परिवार वालों को पता चला तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद जांच में पुलिस के साथ ग्रामीण भी जुड़ गए।

आरोपी आकाश उर्फ विजय ने सुबह बच्चे का एक वीडियो बनाकर उसके पिता को व्हाट्सएप पर भेजा था। पुलिस ने उसका मोबाइल ट्रेसिंग पर लगा रखा था। जैसे ही उसने मोबाइल ऑन किया तो पुलिस के पास उसकी लोकेशन आ गई। जानकारी मिलते ही पचास के करीब ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आरोपी उन्हें देख फरार होने लगा, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया और खूब पिटाई की। 

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी पहले नवांशहर में एक डॉक्टर के पास काम करता था। उसने वहां काम करते हुए डॉक्टर की ही कार चोरी कर ली। अब जिसके पास काम कर रहा था, उसका बच्चा चोरी कर लिया। चार साल के बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए जहां पुलिस की टीमें जांच में जुटी थीं, वहीं करीब 500 ग्रामीण भी लगे हुए थे।    

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00