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एनआरआई की हत्या में महिला समेत दो काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 01 Dec 2015 03:47 PM IST
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एनआरआई बुजुर्ग जगजीत सिंह की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है।
एनआरआई का कत्ल 6.80 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुआ था। पुलिस ने इस मामले में महिला वीना रानी और उसके देवर कुशल कुमार उर्फ मिंटू को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी मनोज कुमार फरार है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुआ चाकू और एक घर की रजिस्ट्री बरामद की है।
एडीसीपी क्राइम जीएस औलख ने बताया कि एनआरआई जगजीत सिंह अकेला ही रहता था। उसके पास काफी जायदाद थी। वीना रानी ने जगजीत सिंह से 50 वर्ग गज का एक मकान 10.80 लाख में खरीदा था। जगजीत ने उक्त मकान की रजिस्ट्री वीना रानी के नाम पर करवा दी। पूरे रुपये न मिलने पर रजिस्ट्री अपने पास रख ली। वीना रानी को 6.80 लाख रुपये जगजीत को देने थे। अब बकाया रकम देने में वह आनाकानी कर रही थी। जगजीत सिंह उसे बार-बार फोन कर रुपयों की मांग कर रहा था।
इसके बाद वीना रानी ने अपने देवर कुशल कुमार से कहा कि जगजीत उसे परेशान कर रहा है। कुशल ने अपने दोस्त मनोज से बात की और इसके बाद तीनों ने मिल कर एनआरआई के कत्ल की साजिश रची। एडीसीपी ने कहा कि 29 सितंबर करीब 8 बजे कुशल व मनोज बाइक से जनता नगर स्थित एनआरआई के घर गए और चाकू से एनआरआई के सिर पर पांच व तीन वार छाती पर कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी कमरे की अलमारी से मकान की रजिस्ट्री निकाल ले गए। इसके बाद जब पड़ोसी जगजीत सिंह को खाना देने आया, तब उसे वारदात का पता चला।
एडीसीपी औलख ने कहा कि आरोपी महिला वीना रानी से थाना शिमलापुरी की पहले भी पूछताछ कर चुकी है। कोई सुराग न होने के कारण मामले का खुलासा नहीं हो पाया। इसके बाद आसपास के इलाके में सीसीटीवी खंगाले गए। फुटेज में घटना वाले दिन पुलिस को कुशल कुमार इलाके में घूमता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को पता चला कि कुशल, वीना का रिश्तेदार है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया।
एनआरआई का कत्ल 6.80 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुआ था। पुलिस ने इस मामले में महिला वीना रानी और उसके देवर कुशल कुमार उर्फ मिंटू को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी मनोज कुमार फरार है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुआ चाकू और एक घर की रजिस्ट्री बरामद की है।
एडीसीपी क्राइम जीएस औलख ने बताया कि एनआरआई जगजीत सिंह अकेला ही रहता था। उसके पास काफी जायदाद थी। वीना रानी ने जगजीत सिंह से 50 वर्ग गज का एक मकान 10.80 लाख में खरीदा था। जगजीत ने उक्त मकान की रजिस्ट्री वीना रानी के नाम पर करवा दी। पूरे रुपये न मिलने पर रजिस्ट्री अपने पास रख ली। वीना रानी को 6.80 लाख रुपये जगजीत को देने थे। अब बकाया रकम देने में वह आनाकानी कर रही थी। जगजीत सिंह उसे बार-बार फोन कर रुपयों की मांग कर रहा था।
इसके बाद वीना रानी ने अपने देवर कुशल कुमार से कहा कि जगजीत उसे परेशान कर रहा है। कुशल ने अपने दोस्त मनोज से बात की और इसके बाद तीनों ने मिल कर एनआरआई के कत्ल की साजिश रची। एडीसीपी ने कहा कि 29 सितंबर करीब 8 बजे कुशल व मनोज बाइक से जनता नगर स्थित एनआरआई के घर गए और चाकू से एनआरआई के सिर पर पांच व तीन वार छाती पर कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी कमरे की अलमारी से मकान की रजिस्ट्री निकाल ले गए। इसके बाद जब पड़ोसी जगजीत सिंह को खाना देने आया, तब उसे वारदात का पता चला।
एडीसीपी औलख ने कहा कि आरोपी महिला वीना रानी से थाना शिमलापुरी की पहले भी पूछताछ कर चुकी है। कोई सुराग न होने के कारण मामले का खुलासा नहीं हो पाया। इसके बाद आसपास के इलाके में सीसीटीवी खंगाले गए। फुटेज में घटना वाले दिन पुलिस को कुशल कुमार इलाके में घूमता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को पता चला कि कुशल, वीना का रिश्तेदार है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया।