{"_id":"8c882e294d368a42b711055f58a29fe1","slug":"double-murder-postmortem-report-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरा हत्याकांड : ताबड़तोड़ किए गए थे वार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दोहरा हत्याकांड : ताबड़तोड़ किए गए थे वार
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sat, 30 Jan 2016 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शेरे पंजाब कालोनी में शुक्रवार को हुए दोहरे हत्याकांड में हत्यारों ने दोनों महिलाओं पर लगातार कई वार किए थे। शनिवार को सिविल अस्पताल में डॉ. राकेश अग्रवाल की पत्नी सरिता और मां पुष्पावती के शव का पोस्टमार्टम किया गया। डॉ. मंजोत सिंह, डॉ. बिंदू नलवा और डॉ. रंजीव जस्सी पर आधारित एक बोर्ड ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि हत्यारों ने सरिता के सिर पर तेजधार हथियारों से छह वार किए। हत्यारों ने सरिता के मुंह पर दो, गले पर एक और बाकी अन्य जगहों पर कुल मिलाकर 11 वार किए। सरिता की हत्या गले पर गहरी चोट लगने के कारण हुई है। वहीं पुष्पावती की गर्दन पर दो, सिर पर चार और बाजू पर एक वार किया गया। पुष्पावती की मौत भी गर्दन पर गहरी चोट लगने के कारण हुई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार हत्यारों ने किसी बड़े तेजधार हथियार का इस्तेमाल किया है। वहीं पुलिस के हाथ 24 घंटे बाद भी खाली हैं।
दो सप्ताह पहले ही बेटे के पास रहने आई थीं पुष्पावती
डॉ. राकेश अग्रवाल के पिता की करीब एक महीने पहले ही मौत हुई थी। सारे रिवाज पूरे करने के बाद उनकी मां पुष्पावती करीब दो सप्ताह पहले ही अपने बेटे के पास आई थीं।
विज्ञापन
बेटे के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
डॉ. राकेश अग्रवाल के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा भुवनेश पत्नी के साथ यूएसए में रहता है, जबकि छोटा बेटा निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। भुवनेश मां और दादी की हत्या की सूचना मिलते ही यूएसए से चल पड़ा है। शनिवार देर रात वह घर पहुंचेगा। रविवार को सरिता और पुष्पावति का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लुधियाना के डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने बताया कि डॉ. राकेश अग्रवाल और उनके परिजन पूरी तरह से कुछ बताने की हालत में नहीं है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल टावरों के जरिए इलाके में चलने वाले फोन की लोकेशन जांच में जुटी हुई है। इस मामले को रंजिश के एंगल से जोड़ कर भी देखा जा रहा है। जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
ऐसे हुई थी वारदात
शुक्रवार सुबह डॉ. राकेश अग्रवाल और उनका बेटा अखिलेश अपने काम पर चले गए। सरिता और उनकी सास पुष्पावती घर में थी। दोपहर को सरिता ने घर के बाहर गोशाला से आने वाले व्यक्ति को रोटी दी थी। उसके बाद अज्ञात हत्यारों ने घर के अंदर घुस दोनों की हत्या कर दी। ढाई बजे के करीब घर में काम करने वाली पूजा पहुंची तो उसने दोनों को खून से लथपथ देखा था।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि हत्यारों ने सरिता के सिर पर तेजधार हथियारों से छह वार किए। हत्यारों ने सरिता के मुंह पर दो, गले पर एक और बाकी अन्य जगहों पर कुल मिलाकर 11 वार किए। सरिता की हत्या गले पर गहरी चोट लगने के कारण हुई है। वहीं पुष्पावती की गर्दन पर दो, सिर पर चार और बाजू पर एक वार किया गया। पुष्पावती की मौत भी गर्दन पर गहरी चोट लगने के कारण हुई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार हत्यारों ने किसी बड़े तेजधार हथियार का इस्तेमाल किया है। वहीं पुलिस के हाथ 24 घंटे बाद भी खाली हैं।
विज्ञापन
दो सप्ताह पहले ही बेटे के पास रहने आई थीं पुष्पावती
डॉ. राकेश अग्रवाल के पिता की करीब एक महीने पहले ही मौत हुई थी। सारे रिवाज पूरे करने के बाद उनकी मां पुष्पावती करीब दो सप्ताह पहले ही अपने बेटे के पास आई थीं।
विज्ञापन
बेटे के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
डॉ. राकेश अग्रवाल के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा भुवनेश पत्नी के साथ यूएसए में रहता है, जबकि छोटा बेटा निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। भुवनेश मां और दादी की हत्या की सूचना मिलते ही यूएसए से चल पड़ा है। शनिवार देर रात वह घर पहुंचेगा। रविवार को सरिता और पुष्पावति का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लुधियाना के डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने बताया कि डॉ. राकेश अग्रवाल और उनके परिजन पूरी तरह से कुछ बताने की हालत में नहीं है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल टावरों के जरिए इलाके में चलने वाले फोन की लोकेशन जांच में जुटी हुई है। इस मामले को रंजिश के एंगल से जोड़ कर भी देखा जा रहा है। जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
ऐसे हुई थी वारदात
शुक्रवार सुबह डॉ. राकेश अग्रवाल और उनका बेटा अखिलेश अपने काम पर चले गए। सरिता और उनकी सास पुष्पावती घर में थी। दोपहर को सरिता ने घर के बाहर गोशाला से आने वाले व्यक्ति को रोटी दी थी। उसके बाद अज्ञात हत्यारों ने घर के अंदर घुस दोनों की हत्या कर दी। ढाई बजे के करीब घर में काम करने वाली पूजा पहुंची तो उसने दोनों को खून से लथपथ देखा था।