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अफसरों को इंप्रेस करने के चक्कर में फंसा हवलदार
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Fri, 08 Jan 2016 10:17 PM IST
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एक कांस्टेबल अपनी नौकरी पाने के लिए अपने ही बुने जाल में फंस गया। कुछ दिन पहले सस्पेंड किए गए एक कांस्टेबल ने एक बैग में कारतूस डाल कर उसे जमालपुर में फेंक दिया और खुद ही उसे बरामद करने का ड्रामा किया। उसने अधिकारियों को सूचना दी कि उसने बैग बरामद किया है। पुलिस ने जांच की तो सारा मामला साफ हो गया।
पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल फगवाड़ा के गांव भगतपुर निवासी विजय कुमार के कब्जे से 9 एमएम के चार, 32 बोर के दो, एलएलआर के 22, 3.3 के 13 और एके 47 के 17 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि विजय कुमार सीआईए में तैनात था और उसे किसी कारण सस्पेंड कर दिया गया था। वह अपनी बहाली करवाना चाहता था। पठानकोट आतंकी हमले के बाद पुलिस काफी हरकत में आई थी। कांस्टेबल विजय कुमार ने इसी का फायदा उठाया और उसने अपनी बहाली के लिए प्लानिंग बनाई कि वह बारूद से भरा बैग फेंक कर बरामद करेगा और अधिकारी प्रभावित हो जाएंगे और जल्द ही उसकी बहाली हो सकेगी।
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विजय ने कारतूस से भरा बैग जमालपुर चौक के पास स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर फेंक दिया और खुद ही बरामद कर पुलिस को सूचना दे दी। विजय कुमार की कहानी पर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि खुद की बहाली कराने और पुलिस अधिकारियों के आगे नंबर बनाने के चक्कर में विजय कुमार ने सारा ड्रामा किया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी कारतूस कहां से लाया था।
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पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल फगवाड़ा के गांव भगतपुर निवासी विजय कुमार के कब्जे से 9 एमएम के चार, 32 बोर के दो, एलएलआर के 22, 3.3 के 13 और एके 47 के 17 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि विजय कुमार सीआईए में तैनात था और उसे किसी कारण सस्पेंड कर दिया गया था। वह अपनी बहाली करवाना चाहता था। पठानकोट आतंकी हमले के बाद पुलिस काफी हरकत में आई थी। कांस्टेबल विजय कुमार ने इसी का फायदा उठाया और उसने अपनी बहाली के लिए प्लानिंग बनाई कि वह बारूद से भरा बैग फेंक कर बरामद करेगा और अधिकारी प्रभावित हो जाएंगे और जल्द ही उसकी बहाली हो सकेगी।
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विजय ने कारतूस से भरा बैग जमालपुर चौक के पास स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर फेंक दिया और खुद ही बरामद कर पुलिस को सूचना दे दी। विजय कुमार की कहानी पर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि खुद की बहाली कराने और पुलिस अधिकारियों के आगे नंबर बनाने के चक्कर में विजय कुमार ने सारा ड्रामा किया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी कारतूस कहां से लाया था।