{"_id":"576c0ec54f1c1b5055b47e2e","slug":"attack-shivsena-leader-arrested-for-attack-ludhiana-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी सुरक्षा लेने के लिए शिवसेेना नेता ने खुद ही करवाया था हमला ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी सुरक्षा लेने के लिए शिवसेेना नेता ने खुद ही करवाया था हमला
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 23 Jun 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
लुधियाना में पुलिस की हिरासत में शिव सेना नेता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवसेेना पंजाब के यूथ विंग के राष्ट्रीय प्रधान अमित अरोड़ा पर तीन फरवरी को गोली चलने का मामला फर्जी था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अमित अरोड़ा ने सरकारी जिप्सी और गनमैन लेने के लिए खुद पर गोली चलाने का ड्रामा किया था, उसने गोली के बजाय अपनी गर्दन पर अपने ही नौकर की मदद से सरिया मारा था।
उसने इसमें अपने गनमैन ओम प्रकाश को भी मिलाया था। लुधियाना पुलिस ने अमित अरोड़ा, उसके सुरक्षा गार्ड कांस्टेबल ओम प्रकाश और उसके नौकर हनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने सरिए का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है, जिससे उसने खुद को चोट लगवाई थी।
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख और डीसीपी ध्रुमन निंबले ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि गोलीकांड तीन फरवरी को प्लान किया गया था। अमित अरोड़ा सूप की रेहड़ी पर खड़ा था और पुलिस को सूचना दी गई थी कि दो आरोपियों ने उसे गोली मार कर घायल कर दिया है। फोरेंसिक टीम की जांच के बाद पता चला कि अमित अरोड़ा की गर्दन पर जो चोट लगी है वह गोली की नहीं बल्कि किसी पत्ती की है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस को पहले दिन से ही सारा मामला फर्जी होने का शक था। जब अमित के गनमैन ओम प्रकाश और नौकर मनी से पूछताछ की गई तो उन्होंने सारा राज खोल दिया। औलख ने कहा कि घटना से पहले अमित के पास एक गनमैन था, जबकि हादसे के बाद तीन गनमैन और दे दिए गए थे। अमित अरोड़ा ने ओम प्रकाश को प्रमोशन दिलाने का लालच जबकि नौकर को एक लाख रुपये देने की बात कहीं थी।
तीन फरवरी की शाम को नौकर मनी सरिए का टुकड़ा लेकर अमित की कार में बैठ गया। पहले वह समराला चौक गए। जहां पर माहौल ठीक न होने के कारण वह वापस आ गए। उसके बाद वह बस्ती जोधेवाल स्थित सूप की रेहड़ी पर गए और मनी ने अमित की गर्दन पर सरिया मार दिया। उसके बाद गोली का खोल उसकी कार की पीछे की तरफ फेंक दिया।
उसके बाद वहां पर एक पटाखा फोड़ा गया और अमित ने शोर मचा दिया कि किसी ने उस पर गोली चलाई है और युवक फरार हो गए हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो अमित को सीएमसी अस्पताल ले जाया जा चुका था। अगले दिन सीएफएसएल की टीम ने रिपोर्ट दी कि अमित अरोड़ा पर कोई गोली नहीं चली है।
पहले हुए एक मामले की भी होगी जांच
करीब दो साल पहले शिवसेना नेता आरडी पुरी पर भी ऐसा ही हमला हुआ था। पुरी हमले के समय अपने दफ्तर में बैठा था। उस मामले में अभी तक कोई जांच नहीं हुई थी। हमले के बाद पुरी को भी सुरक्षा दी गई थी।
अब पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा है कि वह उस मामले की भी जांच शुरू करवाएंगे। इस मामले में अब पुलिस ने समर डिसूजा नाम के एक शिव सैनिक को हिरासत में भी लिया है। हालांकि पुलिस उसे हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं कर रही है।
शिवसेना पंजाब के नेताओं ने बांटे लड्डू
अपने ही नेता के गिरफ्तार होने के बाद विरोध करने के बजाय शिवसेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन और राकेश कपूर लाटा की अगुवाई में शिवसेना पंजाब के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर लड्डू बांटे और पुलिस का धन्यवाद किया। टंडन ने कहा कि किसी को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।
अगर किसी व्यक्ति ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऐसा ड्रामा किया है तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। वह पुलिस के फैसले का सम्मान करते हुए उनका धन्यवाद करते हैं। जो व्यक्ति कानून के दायरे के बाहर जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।
विज्ञापन
उसने इसमें अपने गनमैन ओम प्रकाश को भी मिलाया था। लुधियाना पुलिस ने अमित अरोड़ा, उसके सुरक्षा गार्ड कांस्टेबल ओम प्रकाश और उसके नौकर हनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने सभी आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने सरिए का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है, जिससे उसने खुद को चोट लगवाई थी।
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख और डीसीपी ध्रुमन निंबले ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि गोलीकांड तीन फरवरी को प्लान किया गया था। अमित अरोड़ा सूप की रेहड़ी पर खड़ा था और पुलिस को सूचना दी गई थी कि दो आरोपियों ने उसे गोली मार कर घायल कर दिया है। फोरेंसिक टीम की जांच के बाद पता चला कि अमित अरोड़ा की गर्दन पर जो चोट लगी है वह गोली की नहीं बल्कि किसी पत्ती की है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस को पहले दिन से ही सारा मामला फर्जी होने का शक था। जब अमित के गनमैन ओम प्रकाश और नौकर मनी से पूछताछ की गई तो उन्होंने सारा राज खोल दिया। औलख ने कहा कि घटना से पहले अमित के पास एक गनमैन था, जबकि हादसे के बाद तीन गनमैन और दे दिए गए थे। अमित अरोड़ा ने ओम प्रकाश को प्रमोशन दिलाने का लालच जबकि नौकर को एक लाख रुपये देने की बात कहीं थी।
तीन फरवरी की शाम को नौकर मनी सरिए का टुकड़ा लेकर अमित की कार में बैठ गया। पहले वह समराला चौक गए। जहां पर माहौल ठीक न होने के कारण वह वापस आ गए। उसके बाद वह बस्ती जोधेवाल स्थित सूप की रेहड़ी पर गए और मनी ने अमित की गर्दन पर सरिया मार दिया। उसके बाद गोली का खोल उसकी कार की पीछे की तरफ फेंक दिया।
उसके बाद वहां पर एक पटाखा फोड़ा गया और अमित ने शोर मचा दिया कि किसी ने उस पर गोली चलाई है और युवक फरार हो गए हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो अमित को सीएमसी अस्पताल ले जाया जा चुका था। अगले दिन सीएफएसएल की टीम ने रिपोर्ट दी कि अमित अरोड़ा पर कोई गोली नहीं चली है।
पहले हुए एक मामले की भी होगी जांच
करीब दो साल पहले शिवसेना नेता आरडी पुरी पर भी ऐसा ही हमला हुआ था। पुरी हमले के समय अपने दफ्तर में बैठा था। उस मामले में अभी तक कोई जांच नहीं हुई थी। हमले के बाद पुरी को भी सुरक्षा दी गई थी।
अब पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा है कि वह उस मामले की भी जांच शुरू करवाएंगे। इस मामले में अब पुलिस ने समर डिसूजा नाम के एक शिव सैनिक को हिरासत में भी लिया है। हालांकि पुलिस उसे हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं कर रही है।
शिवसेना पंजाब के नेताओं ने बांटे लड्डू
अपने ही नेता के गिरफ्तार होने के बाद विरोध करने के बजाय शिवसेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन और राकेश कपूर लाटा की अगुवाई में शिवसेना पंजाब के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर लड्डू बांटे और पुलिस का धन्यवाद किया। टंडन ने कहा कि किसी को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।
अगर किसी व्यक्ति ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऐसा ड्रामा किया है तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। वह पुलिस के फैसले का सम्मान करते हुए उनका धन्यवाद करते हैं। जो व्यक्ति कानून के दायरे के बाहर जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।