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कर्ज से परेशान नौजवान किसान ने की आत्महत्या
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:09 PM IST
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कर्ज से परेशान खेत मजदूर ने जान दी
मात्र दो माह पहले हुई थी शादी
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)।
कर्ज से परेशान नौजवान खेत मजदूर ने जहरीली वस्तु निगलकर आत्महत्या कर ली है। मात्र दो माह पहले ही इस नौजवान की शादी हुई थी।
गांव कोहरियां के सतनाम सिंह (25) खेत में मजदूरी का काम करता था। उसके मजदूर पिता गरीब सिंह ने बताया कि महंगाई के कारण उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा था। करीब तीन लाख रूपये का कर्ज उनके सिर पर है। इसी बात की चिंता सतनाम सिंह को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। मात्र दो माह पहले ही सतनाम सिंह की शादी हुई थी। वीरवार शाम को घर में ही उसने कोई जहरीली चीज खा ली। अस्पताल ले जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला, कोहरियां ब्लाक के सचिव बलवीर सिंहने घटना कके लिए सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदारी ठहराया। छाजला ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह विधानसभा चुनाव के दौरान दमभर रहे थे कि उसके सत्ता में आने पर एक भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा। नेताओं ने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार किसानों से किए गए वादे भी पूरे नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
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मात्र दो माह पहले हुई थी शादी
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)।
कर्ज से परेशान नौजवान खेत मजदूर ने जहरीली वस्तु निगलकर आत्महत्या कर ली है। मात्र दो माह पहले ही इस नौजवान की शादी हुई थी।
गांव कोहरियां के सतनाम सिंह (25) खेत में मजदूरी का काम करता था। उसके मजदूर पिता गरीब सिंह ने बताया कि महंगाई के कारण उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा था। करीब तीन लाख रूपये का कर्ज उनके सिर पर है। इसी बात की चिंता सतनाम सिंह को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। मात्र दो माह पहले ही सतनाम सिंह की शादी हुई थी। वीरवार शाम को घर में ही उसने कोई जहरीली चीज खा ली। अस्पताल ले जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला, कोहरियां ब्लाक के सचिव बलवीर सिंहने घटना कके लिए सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदारी ठहराया। छाजला ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह विधानसभा चुनाव के दौरान दमभर रहे थे कि उसके सत्ता में आने पर एक भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा। नेताओं ने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार किसानों से किए गए वादे भी पूरे नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
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