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नेटबैंकिग का किया पासवर्ड हैक, फर्म के खाते से निकलवाए 70 लाख
Updated Wed, 19 Jul 2017 10:23 PM IST
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नेटबैंकिग का पासवर्ड हैक कर खाते से निकाले 70 लाख
आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल का सिम भी ले लिया नया
पीड़ित को बैंक अधिकारियों के शामिल होने का शक, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
जालंधर बाईपास स्थित एक फर्म के बैंक खाते की नेटबैंकिंग का पासवर्ड हैक कर हैकर्स ने इंडियन ओवरसिस घंटाघर ब्रांच के खाते से करीब 70 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने फर्म मालिक के मोबाइल का नया सिम भी ले लिया। इसके बाद फर्म मालिक के मोबाइल में जो सिम था, वह बंद आने लग गया। जब फर्म मालिक बैंक पहुंचे तो सारी कहानी उन्हें पता चली। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस के पास की। सिविल लाइंस स्थित बसंत रोड पर रहने वाले अरुण बेरी की शिकायत पर थाना कोतवाली की पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बेरी की शिकायत के मुताबिक जालंधर बाईपास हीरा नगर में उनकी लाइक निटिंग वेयर के नाम से फैक्टरी है। वह फैक्टरी में बतौर पार्टनर शामिल हैं। घंटाघर स्थित इंडियन ओवरसिस बैंक की ब्रांच में उनकी फर्म का एक खाता है, जिसमें करीब 80 लाख रुपये थे। उसने अपने मोबाइल नंबर पर ही नेटबैंकिंग की सुविधा ले रखी है। वह रोजाना सुबह अपने बैंक का कुछ काम मोबाइल पर ही कर लेता है। मंगलवार सुबह उसने अपना फोन चेक किया तो उस पर नो सर्विस आ रहा था। उसने कुछ समय बाद मेल चेक की तो उसमें एक मेल आई हुई थी, जिसमें लिखा था कि उसने अपनी नेट बैंकिंग का पासवर्ड बदल लिया है। कुछ समय बाद उसे एक ओर मेल आई जिसमें लिखा कि उसके खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं। उसने अकाउंट खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद करीब 11 बजे वह बैंक पहुंचा तो पता चला कि एक ही दिन में उसके खाते से 69.90 लाख रुपये की ट्रांजक्शन हुई है। पैसे अलग अलग खातों में गए हैं। उसके बाद वह वोडाफोन कंपनी के दफ्तर पहुंचा जहां पर उसने अपने नंबर बंद होने की जानकारी दी। जिससे पता चला कि उसके नंबर का नया सिम जारी करवाया गया है। बैंक वालों ने हैकर का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं पता चला। अरुण बेरी के अनुसार एक दिन में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करने की लिमिट है तो उसके खाते से इतने पैसे कैसे ट्रांसफर हो गए। उसने इस बात का शक जाहिर किया है कि इस मामले में किसी बैंक कर्मी की भी मिलीभगत है। उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल का सिम भी ले लिया नया
पीड़ित को बैंक अधिकारियों के शामिल होने का शक, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
जालंधर बाईपास स्थित एक फर्म के बैंक खाते की नेटबैंकिंग का पासवर्ड हैक कर हैकर्स ने इंडियन ओवरसिस घंटाघर ब्रांच के खाते से करीब 70 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने फर्म मालिक के मोबाइल का नया सिम भी ले लिया। इसके बाद फर्म मालिक के मोबाइल में जो सिम था, वह बंद आने लग गया। जब फर्म मालिक बैंक पहुंचे तो सारी कहानी उन्हें पता चली। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस के पास की। सिविल लाइंस स्थित बसंत रोड पर रहने वाले अरुण बेरी की शिकायत पर थाना कोतवाली की पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बेरी की शिकायत के मुताबिक जालंधर बाईपास हीरा नगर में उनकी लाइक निटिंग वेयर के नाम से फैक्टरी है। वह फैक्टरी में बतौर पार्टनर शामिल हैं। घंटाघर स्थित इंडियन ओवरसिस बैंक की ब्रांच में उनकी फर्म का एक खाता है, जिसमें करीब 80 लाख रुपये थे। उसने अपने मोबाइल नंबर पर ही नेटबैंकिंग की सुविधा ले रखी है। वह रोजाना सुबह अपने बैंक का कुछ काम मोबाइल पर ही कर लेता है। मंगलवार सुबह उसने अपना फोन चेक किया तो उस पर नो सर्विस आ रहा था। उसने कुछ समय बाद मेल चेक की तो उसमें एक मेल आई हुई थी, जिसमें लिखा था कि उसने अपनी नेट बैंकिंग का पासवर्ड बदल लिया है। कुछ समय बाद उसे एक ओर मेल आई जिसमें लिखा कि उसके खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं। उसने अकाउंट खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद करीब 11 बजे वह बैंक पहुंचा तो पता चला कि एक ही दिन में उसके खाते से 69.90 लाख रुपये की ट्रांजक्शन हुई है। पैसे अलग अलग खातों में गए हैं। उसके बाद वह वोडाफोन कंपनी के दफ्तर पहुंचा जहां पर उसने अपने नंबर बंद होने की जानकारी दी। जिससे पता चला कि उसके नंबर का नया सिम जारी करवाया गया है। बैंक वालों ने हैकर का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं पता चला। अरुण बेरी के अनुसार एक दिन में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करने की लिमिट है तो उसके खाते से इतने पैसे कैसे ट्रांसफर हो गए। उसने इस बात का शक जाहिर किया है कि इस मामले में किसी बैंक कर्मी की भी मिलीभगत है। उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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