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सरोटी सैंटर मामला : पूर्व एसएसपी की अर्जी पर 24 अगस्त को हो सकता है फैसला
Updated Thu, 16 Aug 2018 10:16 PM IST
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पूर्व एसएसपी की अर्जी पर 24 अगस्त को हो सकता है फैसला
सिटी सेंटर मामला : प्रोसिक्यूशन के डायरेक्टर ने अदालतों के फैसलों की प्रति सेशन जज को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
लुदियाना। विजिलेंस ब्यूरो के पूर्व एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू की तरफ से लुधियाना की जिला एंव सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में सिटी सेंटर मामले में लगाई गई अर्जी पर वीरवार को बहस हुई। पूर्व एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू के वकील व सरकार की तरफ से पंजाब के प्रोसिक्यूशन के डायरेक्टर विजय सिंगला व जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने बहस पूरी करते हुए अपने तर्क को लेकर पूर्व में सुनाए विभिन्न अदालतों के फैसलों की प्रति सेशन जज को सौंपी।
सुनवाई के दौरान भी पंजाब के प्रोसिक्यूशन विभाग के डायरेक्टर विजय सिंगला व जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने बहस करते हुए पूर्व एसएसपी द्वारा लगाए सभी आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी द्वारा दायर की गई अर्जी का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि सिटी सेंटर मामले में विजिलेंस पुलिस द्वारा दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में पूरी तरह सच्चाई अदालत के सामने रखी जा चुकी है और कुछ भी छुपाया नहीं गया है। उन्होंने पूर्व एसएसपी के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद व गलत बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी मीडिया में पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश कर रहे है। जबकि संधू के वकील ने कहा कि सरकार संधू पर कैंसलेशन रिपोर्ट में सहयोग करने के लिए दबाव बनाते हुए उन पर झूठे मामले दर्ज करने को लेकर धमका रही है और पूर्व एसएसपी द्वारा मना किए जाने पर उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। जबकि सरकारी वकील ने यह आरोप लगाया कि पूर्व एसएसपी अदालत में दाखिल की गई अर्जी में झूठे आरोप लगाकर सरकारी पक्ष को धमकाने व उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है। वहीं उन्होंने पूर्व एसएसपी के इस तर्क को भी गलत ठहराया कि उन्हें कैंसलेशन रिपोर्ट पर फैसला लेने से पहले सुना जाए, गलत है क्योंकि पूर्व एसएसपी ने बतौर पुलिस अधिकारी होते हुए मामला दर्ज किया था और अब वह नौकरी से सेवानिवृत हो चुके है। उनका कोई अधिकार नहीं बनता कि वो इस मामले में दखलांदाजी कर सकते है। क्योंकि न तो वो शिकायतकर्ता है और न ही पीड़ित। उनका कोई भी कानूनी अधिकार अर्जी दाखिल करने का नहीं बनता है। सरकारी पक्ष की ओर से दाखिल की गए जवाब में पूर्व एसएसपी पर सियासी सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया गया है और कहा गया कि पूर्व एसएसपी संधू सियासी प्रभाव के तले आकर झूठे आरोप लगा रहे है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व एसएसपी विजिलेंस ने इस माह अदालत में अर्जी दाखिल करके मौजूदा मुखयमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर आपसी मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा था कि सिटी सेंटर मामले में उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो अदालत में उपरोक्त मामले को रद्द करवाने के लिए दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में अपना सहयोग दें और उनके द्वारा इंकार करने पर उन्हें झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी व इस दिन अदालत पूर्व एसएसपी विजिलेंस की अर्जी पर अपना फैसला सुना सकती है।
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सिटी सेंटर मामला : प्रोसिक्यूशन के डायरेक्टर ने अदालतों के फैसलों की प्रति सेशन जज को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
लुदियाना। विजिलेंस ब्यूरो के पूर्व एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू की तरफ से लुधियाना की जिला एंव सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में सिटी सेंटर मामले में लगाई गई अर्जी पर वीरवार को बहस हुई। पूर्व एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू के वकील व सरकार की तरफ से पंजाब के प्रोसिक्यूशन के डायरेक्टर विजय सिंगला व जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने बहस पूरी करते हुए अपने तर्क को लेकर पूर्व में सुनाए विभिन्न अदालतों के फैसलों की प्रति सेशन जज को सौंपी।
सुनवाई के दौरान भी पंजाब के प्रोसिक्यूशन विभाग के डायरेक्टर विजय सिंगला व जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने बहस करते हुए पूर्व एसएसपी द्वारा लगाए सभी आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी द्वारा दायर की गई अर्जी का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि सिटी सेंटर मामले में विजिलेंस पुलिस द्वारा दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में पूरी तरह सच्चाई अदालत के सामने रखी जा चुकी है और कुछ भी छुपाया नहीं गया है। उन्होंने पूर्व एसएसपी के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद व गलत बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी मीडिया में पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश कर रहे है। जबकि संधू के वकील ने कहा कि सरकार संधू पर कैंसलेशन रिपोर्ट में सहयोग करने के लिए दबाव बनाते हुए उन पर झूठे मामले दर्ज करने को लेकर धमका रही है और पूर्व एसएसपी द्वारा मना किए जाने पर उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। जबकि सरकारी वकील ने यह आरोप लगाया कि पूर्व एसएसपी अदालत में दाखिल की गई अर्जी में झूठे आरोप लगाकर सरकारी पक्ष को धमकाने व उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है। वहीं उन्होंने पूर्व एसएसपी के इस तर्क को भी गलत ठहराया कि उन्हें कैंसलेशन रिपोर्ट पर फैसला लेने से पहले सुना जाए, गलत है क्योंकि पूर्व एसएसपी ने बतौर पुलिस अधिकारी होते हुए मामला दर्ज किया था और अब वह नौकरी से सेवानिवृत हो चुके है। उनका कोई अधिकार नहीं बनता कि वो इस मामले में दखलांदाजी कर सकते है। क्योंकि न तो वो शिकायतकर्ता है और न ही पीड़ित। उनका कोई भी कानूनी अधिकार अर्जी दाखिल करने का नहीं बनता है। सरकारी पक्ष की ओर से दाखिल की गए जवाब में पूर्व एसएसपी पर सियासी सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया गया है और कहा गया कि पूर्व एसएसपी संधू सियासी प्रभाव के तले आकर झूठे आरोप लगा रहे है।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व एसएसपी विजिलेंस ने इस माह अदालत में अर्जी दाखिल करके मौजूदा मुखयमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर आपसी मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा था कि सिटी सेंटर मामले में उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो अदालत में उपरोक्त मामले को रद्द करवाने के लिए दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में अपना सहयोग दें और उनके द्वारा इंकार करने पर उन्हें झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी व इस दिन अदालत पूर्व एसएसपी विजिलेंस की अर्जी पर अपना फैसला सुना सकती है।
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