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-एमपी का व्यापमं घोटाला-
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:27 PM IST
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एमपी का व्यापंम घोटाला-
एडमिशन सीटों में किया था बड़ा घोटाला
भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डीन था डॉ. वरिंदर मोहन
मंगलवार सीबीआई ने आरोपी को भोपाल अदालत में पेश कर भेजा जूडिशियल रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
मध्य प्रदेश में हुए व्यापमं घोटला में सोमवार देर शाम को किचलू नगर में रहने वाले डॉ. वरिंदर मोहन को सैंटर ब्यूरों इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने काबू किया था। जोकि आरोपी डॉ. वरिंदर मोहन को देर रात ही भोपाल ले गई। जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया।
दरअसल, लुधियाना के किचलू नगर का रहने वाला डॉ. वरिंदर मोहन एमपी के जिला भोपाल में स्थित चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का डीन था। कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट प्री-मेडिकल टेस्ट देते थे। उसमें टेस्ट पास करने वालों को एडमिशन मिल जाती थी। उसके बाद डीन ने रिक्त सीटों का वेरवा देना होता था। लेकिन, पूर्व डीन डॉ. वरिंदर ने ऐसा नहीं किया था। डॉ. वरिंदर पर आरोप है कि उन्होंने रिक्त पड़ी सीटों पर एडमिश्न शो कर गलत सूचना दी और फिर उन रिक्त सीटों पर कई अधिकारियों से मिलीभगत कर मोटी रकम वसूल कर उन स्टूडेंट को एडमिशन दे दी जोकि परीक्षा में बैठने के लायक तक नहीं थे।
एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कुल 55 सीटें रिक्त पड़ी है। जबकि डीएन का कहना था कि सिर्फ 9 सीटें है। सीबीआई अधिकारी के मुताबिक मंगलवार आरोपी डॉ. वरिंदर मोहन को सीबीआई ने भोपाल स्थित न्यायधीश एसपी उपाध्याय की कोर्ट में पेश किया। जहां से अदालत ने आरोपी को 30 नवंबर तक जूूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है।
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यहां बता दें कि व्यापमं घोटाला एडमिशन और भर्ती की धोखाधड़ी है। जिसकी शुरुआत मध्य प्रदेश में सन 1995 में हुई थी और खुलासा सन 2013 में हुआ। जिसमें कई राजनेताओं, उच्च अधिकारियों, उद्योगपतियों के नाम शामिल थे।
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एमपी का व्यापंम घोटाला-
एडमिशन सीटों में किया था बड़ा घोटाला
भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डीन था डॉ. वरिंदर मोहन
मंगलवार सीबीआई ने आरोपी को भोपाल अदालत में पेश कर भेजा जूडिशियल रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
मध्य प्रदेश में हुए व्यापमं घोटला में सोमवार देर शाम को किचलू नगर में रहने वाले डॉ. वरिंदर मोहन को सैंटर ब्यूरों इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने काबू किया था। जोकि आरोपी डॉ. वरिंदर मोहन को देर रात ही भोपाल ले गई। जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया।
दरअसल, लुधियाना के किचलू नगर का रहने वाला डॉ. वरिंदर मोहन एमपी के जिला भोपाल में स्थित चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का डीन था। कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट प्री-मेडिकल टेस्ट देते थे। उसमें टेस्ट पास करने वालों को एडमिशन मिल जाती थी। उसके बाद डीन ने रिक्त सीटों का वेरवा देना होता था। लेकिन, पूर्व डीन डॉ. वरिंदर ने ऐसा नहीं किया था। डॉ. वरिंदर पर आरोप है कि उन्होंने रिक्त पड़ी सीटों पर एडमिश्न शो कर गलत सूचना दी और फिर उन रिक्त सीटों पर कई अधिकारियों से मिलीभगत कर मोटी रकम वसूल कर उन स्टूडेंट को एडमिशन दे दी जोकि परीक्षा में बैठने के लायक तक नहीं थे।
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एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि चिरायु मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कुल 55 सीटें रिक्त पड़ी है। जबकि डीएन का कहना था कि सिर्फ 9 सीटें है। सीबीआई अधिकारी के मुताबिक मंगलवार आरोपी डॉ. वरिंदर मोहन को सीबीआई ने भोपाल स्थित न्यायधीश एसपी उपाध्याय की कोर्ट में पेश किया। जहां से अदालत ने आरोपी को 30 नवंबर तक जूूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है।
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यहां बता दें कि व्यापमं घोटाला एडमिशन और भर्ती की धोखाधड़ी है। जिसकी शुरुआत मध्य प्रदेश में सन 1995 में हुई थी और खुलासा सन 2013 में हुआ। जिसमें कई राजनेताओं, उच्च अधिकारियों, उद्योगपतियों के नाम शामिल थे।