कोरोना से हुई बुजुर्ग महिला की मौत, शव लेने से परिवार का इनकार, 100 फुट दूर से देखते रहे अंतिम संस्कार
शिमलापुरी निवासी 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कभी सोचा नहीं होगा कि इतने बड़े परिवार के बावजूद अंतिम समय में उसका परिवार शव लेने से भी मना कर देगा। सोमवार दोपहर कोरोना से चलते मौत होने के बाद बुजुर्ग महिला का शव लेने के लिए उनका परिवार के कोई सदस्य फोर्टिस अस्पताल नहीं गया। आखिरकार ड्यूटी मजिस्ट्रेट कम तहसीलदार जगसीर सिंह ने शव को रसीव किया।
स्वास्थ्य विभाग, पुलिस मुलाजिमों को साथ लेकर शव को अनाज मंडी स्थित शमशान घाट में पहुंचाया गया। यहां पर भी परिजन सौ मीटर दूर गाड़ियों में बैठ रहे। सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश बग्गा ने बताया कि शव लेकर प्रशासनिक अधिकारी शमशान घाट पहुंचे। परिवार के सदस्यों से कहा गया कि दूर से ही अगर कोई रस्म करनी तो कर सकते है, लेकिन परिवार का कोई सदस्य आगे नहीं आया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ही शव को चिता तक पहुंचाया। इसके बाद परिवार के सदस्यों को कहा गया कि मुखाग्नि देने के लिए कोई व्यक्ति आगे आ सकता है। कोई व्यक्ति आगे आने के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्हें बताया गया कि जो भी परिवार का सदस्य मुखाग्नि देगा, उसे पीपीई किट डालकर ही आगे भेजा जाएगा।
वही उसे मुखाग्नि देने के लिए एक 12 फुट लंबा बांस मुहैया करवाया जाएगा, ताकि वह उसके नजदीक न पहुंच सके। उन्हें सब कुछ सैनिटाइज कर दिया जाएगा और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोबारा सैनिटाइज कर दिया जाएगा। इतने आश्वासन देने के बावजूद कोई आगे नहीं आया। आखिरकार प्रशासन की तरफ से शमशान घाट के माली को इस काम के लिए तैयार किया गया। उसे पीपीई किट पहना कर मुखाग्नि दिलवाई गई। डॉक्टर बग्गा के अनुसार कितनी बदकिस्मत मां होगी जिसे उसके परिजन मुखाग्नि देने के लिए आगे नहीं आए।
तीन अफसर मिलकर करवाएंगे अंतिम अरदास
सिविल सर्जन डॉक्टर बग्गा ने बताया कि अब बुजुर्ग महिला की अंतिम अरदास का जिम्मा तीन अधिकारी उठाने जा रहे है। इसमें वह खुद, एडीएम अमरिंदर सिंह मल्ली और डीपीआरओ प्रभदीप सिंह नत्थोवाल होंगे। गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह में श्री अखंड पाठ साहिब का प्रकाश करवाया जाएगा। शनिवार के दिन अंतिम अरदास होगी। इसका सारा खर्च सभी प्रशासनिक अधिकारी मिलकर उठाएंगे।