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कांग्रेस के दिग्गज ही बिगाड़ेंगे कांग्रेसियों का सियासी गणित

Fri, 28 Jan 2022 10:39 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 10:39 PM IST
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Congress veterans will spoil the political math of Congressmen
लुधियाना। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 14 में से 13 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। टिकट वितरण के बाद कई ऐसे नेता हैं जो पार्टी के फैसले से नाराज हैं। पार्टी की तरफ से समराला में तो मौजूदा चार बार के विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों का टिकट काट दिया है, वहीं पूर्व मंत्री जो जगरांव से दावेदार थे उन्हें भी साइड लाइन कर दिया गया है।
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इसी तरह साहनेवाल में हलका इंचार्ज सतविंदर कौर बिट्टी को भी पार्टी ने टिकट न देकर निराश किया है। इन तीन दिग्गज नेताओं के नाराजगी के चलते पार्टी को काफी नुकसान हो सकता है। यह तीनों नेता बाकी कांग्रेसियों का सियासी गणित बिगाड़ सकते हैं। इन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ खुलकर विरोध करना भी शुरू कर दिया है। समराला के विधायक रहे अमरीक सिंह ढिल्लों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बात करने का भी मौका नहीं दिया। उन्होंने तो एक दम से आजाद चुनाव लड़ने का एलान तो किया ही, साथ ही कुछ समय बाद समराला से नामांकन भी दाखिल कर दिया गया।
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चार बार विधायक बने अमरीक ढिल्लों
अमरीक सिंह ढिल्लों समराला हलके से चार बार विधायक रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वादा किया था कि अगर समराला के लोग उन्हें जिताते हैं तो पार्टी की तरफ से उन्हें मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन उन्हें मंत्री भी नहीं बनाया गया। इस बार विधायक अमरीक ढिल्लों खुद न लड़कर अपने पोते के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। उन्होंने पार्टी के सामने एक विकल्प यह भी रखा था कि अगर पार्टी उनके पोते को टिकट नहीं देती तो वह भी चुनाव लड़ सकते हैं। मगर पार्टी ने उनका टिकट काटकर पोते को न देकर बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के नजदीकी रहे राजा गिल को दे दिया। अब विधायक ढिल्लों आजाद लड़ रहे हैं। (संवाद)
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पांच साल हलका प्रभारी रहीं बिट्टी, अंतिम समय कटा टिकट
सतविंदर कौर बिट्टी 2017 में शरणजीत सिंह ढिल्लों के खिलाफ हलका साहनेवाल से चुनाव मैदान में उतरी थीं, लेकिन कुछ वोट के अंतर से वह हार गई थीं। इसके बाद पार्टी ने उन्हें हलका इंचार्ज लगाया। वह पार्टी के लिए पांच साल वहां काम करती रहीं और अंतिम समय में टिकट पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भटठल के दामाद को दे दिया गया। उन्होंने भी पार्टी के फैसले का विरोध किया और सीधे-सीधे प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सास पूर्व मुख्यमंत्री नहीं रही हैं। वह पार्टी के साथियों से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी। बिट्टी के पार्टी विरोधी होने के बाद साहनेवाल से विक्रम बाजवा की राह कोई आसान नहीं है। पार्टी के नेता उनसे संपर्क कर उन्हें मनाने में जुटे हैं, लेकिन बिट्टी ने आजाद चुनाव लड़ने का मन बनाया है।

दाखा भी चन्नी को कर चुके हैं टारगेट
पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा की जगरांव से टिकट कटने के बाद वह सीधे-सीधे चरणजीत सिंह चन्नी को टारगेट कर चुके हैं। उनका कहना है कि चन्नी के कारण ही उनका टिकट कटा है। पार्टी ने टकसाली कांग्रेसियों को नजदअंदाज कर कुछ समय पहले दूसरी पार्टियों से लाए जग्गा हिस्सोंवाल को टिकट दिया है। जग्गा के खिलाफ जगरांव के कुछ और कांग्रेसी भी हैं, जिन्हें पार्टी के नेता मनाने में जुटे हैं। जबकि मलकीत सिंह दाखा यह कह चुके हैं कि वह आजाद चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन इससे पहले वह अपने साथियों से बात करेंगे और फिर फैसला लेंगे।
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