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सजा पर बोले सिमरजीत बैंस: मैं राहुल गांधी का साथी, जेल जाना मेरे लिए नया नहीं; हाईकोर्ट जाने का एलान
Tue, 20 Oct 2026 01:09 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: Nivedita
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:09 PM IST
सार
मानहानि के एक मामले में पटियाला की अदालत ने पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को एक साल की कैद की सजा सुनाई है। 2018 में तत्कालीन विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे।
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पत्रकारों से बात करते सिमरजीत बैंस
- फोटो : संवाद
विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आत्मनगर हलके से पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने मानहानि के एक मामले में अदालत द्वारा एक साल की सजा सुनाए जाने के बाद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बैंस ने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने अपनी तुलना कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करते हुए दो टूक कहा कि वह माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज को दबने नहीं देंगे। पूर्व विधायक ने कहा कि वह राहुल गांधी के सहयात्री हैं।
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उन्होंने याद दिलाया कि जिस तरह सूरत कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम विवाद में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गई थी, उनकी संसद सदस्यता और आवास छीना गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सच बोलना नहीं छोड़ा। बैंस ने कहा कि उसी राह पर चलते हुए वह भी अन्याय के खिलाफ चुपचाप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले के खिलाफ पटियाला सेशन कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती देंगे।
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सिमरजीत बैंस ने बताया कि उनके लिए जेल जाना कोई नया अनुभव नहीं है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र में धर्म युद्ध मोर्चे के दौरान पहली बार जेल यात्रा की थी। अपने ढाई दशक राजनीतिक सफर में वह रेत, केबल और ड्रग माफिया के खिलाफ मुखर होकर लड़े हैं, जिसके चलते वह अब तक 13 बार जेल जा चुके हैं और लगभग पौने पांच साल सलाखों के पीछे बिताए हैं।
खुद को एंटी-करप्शन आइकॉन बताते हुए उन्होंने साल 2019 के उस बहुचर्चित वाकये को भी याद किया जब उन्होंने कथित तौर पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज का स्टिंग किया था। बैंस ने आरोप लगाया था कि एक नेता की जमानत रद्द कराने के एवज में जज द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी, जिसका ऑडियो उन्होंने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में बेनकाब किया था। यह पूरा विवाद साल 2018 का है। उस वक्त पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद और नशा मुक्ति केंद्रों को की जाने वाली सप्लाई में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गरमाए हुए थे।
तत्कालीन विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए थे। उनके बयानों से आहत होकर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने इसे निराधार, भ्रामक और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने वाला बताते हुए अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। लंबी सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एकता सहोता की अदालत ने पाया कि आरोपी पूर्व विधायक अपने लगाए गए आरोपों के पक्ष में कोई ठोस और पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके।
अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए लुधियाना जिले की आत्मनगर सीट से विधायक रहे बैंस को आईपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि का दोषी करार दिया।