कृषि विधेयकों के खिलाफ अगुवाई की बात कहने वाले कैप्टन को ढूंढने को बनानी पड़ेगी कमेटी: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि बिल के विरोध में सभी पार्टियों की अगुवाई की बात करने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद गायब हैं। उन्हें ढूंढने के लिए अकाली दल की तरफ से पांच सदस्यीय कमेटी बनानी पड़ेगी, जो उन्हें ढूंढेगी। अकाली दल किसानों की पार्टी है और सदैव किसानों के साथ ही खड़ी रहेगी।
विधेयक का विरोध करने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह के 2017 के चुनावी घोषणा पत्र में इस बिल का जिक्र है। इसके बाद 2019 में राहुल गांधी ने कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में इसका जिक्र किया। अब कांग्रेस इसका विरोध कर अपनी साख बचाना चाहती है और अकाली दल पर आरोप लगाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार हुआ है। केंद्र सरकार जब बिल तैयार कर रही थी तो उस समय भी विरोध किया गया और अब भी विरोध जारी है।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि जब इस बिल की तैयारी शुरू हुई थी तो पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने उसी समय इसका विरोध किया था लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वह पंजाब से किसानों की मांगों को लेकर उनके आगे रखें, ताकि बिल में सुधार करना पड़ा तो जरूर करेंगे।
सुखबीर ने कहा कि वह खुद इस बिल को लेकर कई किसान जत्थेबंदियों से मिले। उनकी मांगें केंद्र सरकार के पास रखी और उनकी एक नहीं मानी गई। जब बिल पेश किया गया तो लोकसभा में इसका विरोध करने वाले वह और उनकी धर्मपत्नी सांसद हरसिमरत कौर बादल थीं। जबकि एक तरफ भाजपा के साढ़े तीन सौ सांसद थे।
उन्होंने कहा कि जब इस बिल के खिलाफ वोटिंग हुई तो उन्होंने वोटिंग की लेकिन लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू जो संसद में तरह तरह के भाषण दे रहे थे, वह वोटिंग के समय वहां से वॉकआउट कर गए। जबकि आम आदमी पार्टी के प्रधान और संगरूर से सांसद भगवंत मान भी बिल के खिलाफ वोटिंग करने के बजाय वॉकआउट कर गए। किसानों के हक की बात करने वाले उस समय किसानों के हक में नहीं आए।
राहुल गांधी को 'पप्पू' कह किया सुखबीर ने संबोधित
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 'पप्पू' कहकर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रधान राहुल गांधी ने भी चुनावी घोषणा पत्र में इस बिल को लाने की बात की थी और अब जब बिल के खिलाफ किसान धरने दे रहे हैं तो कांग्रेस उनके साथ खड़े होने का ढोंग कर रही है। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर से अकाली दल किसानों के हक में आंदोलन शुरू करने जा रहा है।