फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Committee constituted to investigate allegations of ragging in AIIMS

एम्स में रैगिंग के आरोपों की जांच के लिए गठित की कमेटी, डीन बोले-विद्यार्थी ने रैगिंग संबंधी कभी किसी से नहीं की कोई शिकायत

Fri, 01 Apr 2022 10:33 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 10:33 PM IST
विज्ञापन
Committee constituted to investigate allegations of ragging in AIIMS
बठिंडा। एम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक विद्यार्थी ने अपने कुछ सीनियर साथियों पर रैगिंग के आरोप लगाए थे। एम्स प्रबंधकों ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। यह जांच कमेटी विद्यार्थी की तरफ से लगाएं जा रहे आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट एम्स बठिंडा के डायरेक्टर और डीन को सौंपेंगे। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

एम्स प्रबंधकों का कहना है कि आरोप लगाने वाले विद्यार्थी ने न तो अभी तक कोई लिखित शिकायत दी है और न ही पहले कभी किसी से रैगिंग संबंधी कोई शिकायत दर्ज करवाई है। फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। एम्स बठिंडा के डीन डा. सतीश गुप्ता का कहना है कि विद्यार्थी की तरफ से लगाए जा रैगिंग वाले आरोप बिलकुल गलत हैं।
विज्ञापन

विद्यार्थी की तरफ से लिखे गए पत्र में भी रैगिंग करने वाले किसी भी सीनियर या विद्यार्थी का नाम शामिल नहीं किया है। डीन डा. सतीश गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थी के होस्टल रूम से मिले पत्र में उसने अपने अच्छे सीनियर दोस्तों के नाम लिखे हैं। इसके साथ ही लिखा है कि कुछ सीनियर उसे कैप की जगह पगड़ी पहनने के लिए बोलते थे। उन्होंने बताया कि आरोप लगाने वाले विद्यार्थी ने पहले कभी भी रैगिंग करने की शिकायत न तो कभी मौखिक तौर पर और न ही लिखित तौर पर किसी भी अधिकारी से की। इतना ही नहीं उसके माता-पिता भी कई बार आए हैं, लेकिन उन्होंने भी कभी उनके बेटे के साथ रैगिंग होने की शिकायत तक नहीं की है। उसके रूम मेट ने भी रैगिंग होने की बात से इंकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीन डा. सतीश गुप्ता ने कहा कि रैगिंग रोकने के लिए एम्स में दस सदस्यीय एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया गया। एंटी रैगिंग स्कवाड कमेटी टीम अलग से गठित की गई है, जिसमें एम्स के सभी डाक्टर शामिल हैं। एम्स में पढ़ाई करने वाले सभी विद्यार्थियों के दस-दस विद्यार्थियों का ग्रुप बनाकर उन्हें एक-एक गाइड दिए गए हैं, जो समय-समय पर सभी विद्यार्थियों से बातचीत करके और उनकी सभी समस्याओं का समाधान करते हैं। इस विद्यार्थी ने कभी रैगिंग होने की बात नहीं कहीं। विद्यार्थी को बुलाया गया है, ताकि जांच कमेटी उसे बातचीत कर सच का पता किया जा सके।
गौरतलब है कि डबवाली रोड पर स्थित एम्स बठिंडा में मेडिकल के फर्स्ट ईयर की पढ़ाई करने आया फाजिल्का जिला निवासी सुखमनदीप सिंह नामक विद्यार्थी वीरवार को अचानक अपने हॉस्टल के कमरे से फरार हो गया। युवक कमरे में एक खत छोड़कर गया, जिसमें उसने सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मामला सामने आने पर एम्स के अधिकारियों ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
फाजिल्का जिले से संबंधित युवक एम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। वह पिछले एक माह से अपने हॉस्टल के सीनियर छात्रों द्वारा उसके साथ की जा रही रैगिंग से परेशान चला आ रहा था। युवक ने खत में लिखा कि रैगिंग से परेशान होकर उसने यहां से जाने का फैसला किया है। उसने लिखा कि एक माह से वह मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो रहा है। उसने लिखा था कि पता नहीं मैं अब आगे क्या करूंगा, लेकिन यहां और नहीं ठहर सकता।

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : एसएसपी
एसएसपी अमनीत कोंडल ने कहा कि अगर युवक पुलिस के पास कोई शिकायत करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वीरवार को जब युवक हॉस्टल से चला गया था तो उसके परिजन पुलिस के पास आए थे। पुलिस ने युवक की मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसका पता लगाया तो पता चला कि वह अपनी बहन के पास चंडीगढ़ में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed