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चीन, ईराक और रूस को भी भाने लगा है भारतीय बासमती
अमर उजाला,लुधियाना।
Updated Wed, 06 Nov 2013 10:19 PM IST
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ईरान, सऊदी अरब और कुवैत के बाद अब ईराक, रूस और चीन को भी भारतीय बासमती की खुशबू भाने लगी है।
इससे ओवरसीज मार्केट में भारतीय बासमती की मांग लगातार बढ़ रही है।
यह जानकारी बुधवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में एग्रीकल्चर मार्केटिंग इंटेलिजेंस सेंटर के प्रभारी डा. जगरूप सिंह सिद्धू ने दी।
उन्होंने कहा कि इस वजह से किसानों को चालू सीजन के दौरान इसका बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
डॉ. सिद्धू ने कहा कि विश्व बाजार में मांग बढ़ने के कारण देश से बासमती का निर्यात वर्ष 2010-11 के 11,354 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2012-13 के दौरान उछल कर 19,391 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर बासमती की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर कीमत 2500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहेगी। डॉ. सिद्धू ने कहा कि चालू सीजन के दौरान पैदावार 40 से 45 लाख टन होने की संभावना है।
पंजाब में बासमती के तहत रकबे में एक लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है। इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी रकबे में इजाफा हुआ है। डॉ. सिद्धू ने किसानों को अच्छा मूल्य हासिल करने के लिए बासमती की फसल को मंडियों में एकदम से न लाने की सलाह दी।
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इससे ओवरसीज मार्केट में भारतीय बासमती की मांग लगातार बढ़ रही है।
यह जानकारी बुधवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में एग्रीकल्चर मार्केटिंग इंटेलिजेंस सेंटर के प्रभारी डा. जगरूप सिंह सिद्धू ने दी।
उन्होंने कहा कि इस वजह से किसानों को चालू सीजन के दौरान इसका बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
डॉ. सिद्धू ने कहा कि विश्व बाजार में मांग बढ़ने के कारण देश से बासमती का निर्यात वर्ष 2010-11 के 11,354 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2012-13 के दौरान उछल कर 19,391 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर बासमती की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर कीमत 2500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहेगी। डॉ. सिद्धू ने कहा कि चालू सीजन के दौरान पैदावार 40 से 45 लाख टन होने की संभावना है।
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पंजाब में बासमती के तहत रकबे में एक लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है। इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी रकबे में इजाफा हुआ है। डॉ. सिद्धू ने किसानों को अच्छा मूल्य हासिल करने के लिए बासमती की फसल को मंडियों में एकदम से न लाने की सलाह दी।
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