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शैलरों में पड़े धान को निकलवाने का प्रयास करें बिट्टू : झज्ज
Mon, 12 Oct 2026 07:13 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Mon, 12 Oct 2026 07:13 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। जगरांव अनाज मंडी में रविवार को हुई तेज बारिश से जलभराव से किसानों और आढ़तियों को परेशानी उठानी पड़ी। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंडी का दौरा कर पंजाब सरकार को विफल बताया। इस पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलविंदर सिंह झज्ज ने बिट्टू के दौरे को ड्रामेबाजी करार देते हुए तीखा पलटवार किया।
झज्ज ने कहा कि अगर बिट्टू किसानों के हितैषी हैं तो उन्हें अपने सांसद और केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि बिट्टू ने जगरांव मंडी और यहां के किसानों के हित में क्या योगदान दिया। झज्ज ने बिट्टू को चुनौती दी कि वे पहले शैलरों में पड़े धान को निकलवाने का प्रयास करें। इससे नई फसल के लिए रास्ता साफ हो सकेगा। उन्होंने माझा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान घोषित 1,600 करोड़ रुपये का हिसाब भी मांगा। झज्ज ने कहा, किसानों के नाम पर बयानबाजी करने से उनकी समस्याएं हल नहीं होंगी।
मंडी में जलभराव को झज्ज ने प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पानी निकालने के लिए तुरंत ट्यूबवेल चलाए। साथ ही सीवरेज चैंबरों की सफाई भी करवाई। झज्ज ने धान की खरीद प्रभावित होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि 17 फीसदी से कम नमी वाले धान की सरकारी खरीद और उठान लगातार जारी है।
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जगरांव। जगरांव अनाज मंडी में रविवार को हुई तेज बारिश से जलभराव से किसानों और आढ़तियों को परेशानी उठानी पड़ी। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंडी का दौरा कर पंजाब सरकार को विफल बताया। इस पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलविंदर सिंह झज्ज ने बिट्टू के दौरे को ड्रामेबाजी करार देते हुए तीखा पलटवार किया।
झज्ज ने कहा कि अगर बिट्टू किसानों के हितैषी हैं तो उन्हें अपने सांसद और केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि बिट्टू ने जगरांव मंडी और यहां के किसानों के हित में क्या योगदान दिया। झज्ज ने बिट्टू को चुनौती दी कि वे पहले शैलरों में पड़े धान को निकलवाने का प्रयास करें। इससे नई फसल के लिए रास्ता साफ हो सकेगा। उन्होंने माझा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान घोषित 1,600 करोड़ रुपये का हिसाब भी मांगा। झज्ज ने कहा, किसानों के नाम पर बयानबाजी करने से उनकी समस्याएं हल नहीं होंगी।
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मंडी में जलभराव को झज्ज ने प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पानी निकालने के लिए तुरंत ट्यूबवेल चलाए। साथ ही सीवरेज चैंबरों की सफाई भी करवाई। झज्ज ने धान की खरीद प्रभावित होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि 17 फीसदी से कम नमी वाले धान की सरकारी खरीद और उठान लगातार जारी है।
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