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सेना भर्ती ठगी: खुलासा- दिव्यांग भाई के दस्तावेज पर सेना में भर्ती हुआ था आरोपी, दर्ज हैं 15 मामले
Tue, 21 Jul 2020 01:45 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, हलवारा(लुधियाना)
अमर उजाला, हलवारा(लुधियाना)
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2020 01:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सैकड़ों युवाओं से सेना में भर्ती करवाने के नाम पर करोड़ों ठगने वाले शातिर के बारे में सनसनी खेज जानकारी अमर उजाला ने जुटाई है। इस शातिर ठग का नाम नाम प्रदीप सिंह है और यह लुधियाना के गांव नुरपूर बेट का रहने वाला है।
इसने सेना में भर्ती होते समय अपने बड़े दिव्यांग भाई स्वर्ण सिंह के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। यही नहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में इस आरोपी के खिलाफ लगभग 15 ठगी के मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों में इसने सेना में भर्ती करवाने के नाम पर युवाओं से पैसा ठगा है। हैरानी की बात है कि ठगी के नए मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। उधर एसएसपी ग्रामीण विवेकशील सोनी का कहना है कि अभी जांच चल रही है।
अमर उजाला की तरफ से जुटाई गई जानकारी के अनुसार ठग प्रदीप सिंह का परिवार भारतीय सेना से हमेशा जुड़ा है। उसके पिता गुरमेल सिंह भी भारतीय सेना में थे। यही नहीं इसके चचेरे भाई, ससुर और साला भी भारतीय सेना में हैं। 17 साल पहले प्रदीप सिंह भी सेना में भर्ती होने के लिए गया था। दस्तावेजों में कमी के कारण वह भर्ती नहीं हो पाया। आखिरकार उसने अपने बड़े भाई स्वर्ण सिंह के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सेना में भर्ती ली। फिलहाल यह लुधियाना के जगरांव ब्रिज के पास 152 टीए हेड क्वार्टर में तैनात था।
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इसके खिलाफ शिकायतों और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के कारण इसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर घर भेज दिया था। इस समय इसकी पत्नी मंदीप कौर और दो बच्चे गांव नुरपूर बेट में रहते हैं। मां, बड़ा भाई और उसका परिवार अलग घर में रहते हैं। बेटे की हरकतों को देखते हुए दो साल पहले उसे बेदखल कर दिया गया था। वहीं सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ साल पहले आरोपी ने अपने एक रिश्तेदार से 16 लाख की ठगी की थी।
आरोपी के खिलाफ लाडोवाल थाना में भी एक ठगी का मामला दर्ज है। इसने तरनतारन के युवक के साथ ठगी की थी। बाद में समझौता कर इसने अपने व पत्नी के नाम पर चेक उन्हें जारी कर दिया था। बाद में चेक बाउंस हो गया। मामले में उसकी पत्नी जमानत पर चल रही है। यह अभी तक गिरफ्त में नहीं आया है। चार दिन पहले धमकी देने की सूचना मिलने पर पुलिस को भेजा गया था लेकिन यह फरार हो गया था। इसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल में लगभग 15 मामले दर्ज हैं।
- बलविंदर सिंह, एसएचओ लाडोवाल (लुधियाना)
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इसने सेना में भर्ती होते समय अपने बड़े दिव्यांग भाई स्वर्ण सिंह के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। यही नहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में इस आरोपी के खिलाफ लगभग 15 ठगी के मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों में इसने सेना में भर्ती करवाने के नाम पर युवाओं से पैसा ठगा है। हैरानी की बात है कि ठगी के नए मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। उधर एसएसपी ग्रामीण विवेकशील सोनी का कहना है कि अभी जांच चल रही है।
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अमर उजाला की तरफ से जुटाई गई जानकारी के अनुसार ठग प्रदीप सिंह का परिवार भारतीय सेना से हमेशा जुड़ा है। उसके पिता गुरमेल सिंह भी भारतीय सेना में थे। यही नहीं इसके चचेरे भाई, ससुर और साला भी भारतीय सेना में हैं। 17 साल पहले प्रदीप सिंह भी सेना में भर्ती होने के लिए गया था। दस्तावेजों में कमी के कारण वह भर्ती नहीं हो पाया। आखिरकार उसने अपने बड़े भाई स्वर्ण सिंह के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सेना में भर्ती ली। फिलहाल यह लुधियाना के जगरांव ब्रिज के पास 152 टीए हेड क्वार्टर में तैनात था।
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इसके खिलाफ शिकायतों और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के कारण इसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर घर भेज दिया था। इस समय इसकी पत्नी मंदीप कौर और दो बच्चे गांव नुरपूर बेट में रहते हैं। मां, बड़ा भाई और उसका परिवार अलग घर में रहते हैं। बेटे की हरकतों को देखते हुए दो साल पहले उसे बेदखल कर दिया गया था। वहीं सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ साल पहले आरोपी ने अपने एक रिश्तेदार से 16 लाख की ठगी की थी।
आरोपी के खिलाफ लाडोवाल थाना में भी एक ठगी का मामला दर्ज है। इसने तरनतारन के युवक के साथ ठगी की थी। बाद में समझौता कर इसने अपने व पत्नी के नाम पर चेक उन्हें जारी कर दिया था। बाद में चेक बाउंस हो गया। मामले में उसकी पत्नी जमानत पर चल रही है। यह अभी तक गिरफ्त में नहीं आया है। चार दिन पहले धमकी देने की सूचना मिलने पर पुलिस को भेजा गया था लेकिन यह फरार हो गया था। इसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल में लगभग 15 मामले दर्ज हैं।
- बलविंदर सिंह, एसएचओ लाडोवाल (लुधियाना)