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परीक्षा केंद्र में अज्ञात हमलावरों का हमला
Ludhiana
Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
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हलवारा (लुधियाना)। गांव सराभा में शहीद करतार सिंह सराभा ट्रस्ट के अधीन चल रहे मेडिकल शिक्षण संस्थान में बुधवार को बीएएमएस भाग एक की परीक्षा के दौरान अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने परीक्षा केंद्र में जमकर तोड़ फोड़ की और जबरन परीक्षा केंद्र में दाखिल होकर परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं फाड़ डाली।
गुरु रविदास आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा ली जा रही परीक्षा में बुधवार को पदार्थ-बी का परचा था। हमलावरों ने विद्यार्थियों के अलावा परीक्षा ले रहे स्टॉफ की भी पिटाई की। जब तक गांव के लोगों ने पुलिस की मदद से उनको खदेड़ा, तब तक वह काफी उत्पात मचा चुके थे। दल बल के साथ पहुंचे रायकोट के डीएसपी अमरीक सिंह ने करीब 65 लोगों को गांववालों की मदद से काबू कर लिया।
जानकारी के अनुसार अज्ञात युवक सुबह साढ़े दस बजे के करीब दो बसों और तीन कारों में सवार होकर सराभा पहुंचे। पहले उन्होंने संस्थान के गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मियों को खदेड़ा। इसके बाद अस्पताल के वार्डों में तोड़फोड़ की। कालेज के दफ्तर में पड़े रिकार्ड को भी नष्ट कर दिया गया। इसके बाद परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों की भी पिटाई कर दी। पुलिस को आता देख हमलावर दीवार फांद कर भागे। डीएसपी अमरीक सिंह ने कहा है कि इस संबंध में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। प्रबंधकों ने कहा कि बुधवार का पेपर रद कर दिया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय को सूचित कर दिया गया है।
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ट्रस्ट के चेयरमैन होशियार सिंह यूके ने बताया कि पिछले वर्ष कालेज ने बीएएमएस भाग एक में 35 विद्यार्थियों को नियमानुसार दाखिला दिया था। कई सीट खाली रह गईं। 16 दिसंबर 2011 को पंजाब सरकार ने एक सर्कूलर जारी करके खाली सीटें भरने की अनुमति दे दी। इसके बाद संस्थान ने दस विद्यार्थियों को दाखिला दे दिया। 30 अप्रैल 2011 को संस्थान ने इनकी रजिस्ट्रेशन के लिए विश्वविद्यालय में दस्तावेज भेजे, जिनको विश्वविद्यालय ने रद कर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अदालत में याचिका डाल दी। इस दौरान विश्वविद्यालय ने 29 नवंबर 2012 से परीक्षा की तारीख तय कर दी। दस विद्यार्थी परीक्षा में नहीं बैठ सके। होशियार सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को विद्यार्थियों के परिजन शिव सेना के प्रधान राजीव टंडन एवं एसओआई कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आए थे। होशियार सिंह ने कहा कि इस संबंध में एसएसपी को शिकायत कर सुरक्षा की मांग की गई थी। तीन दिसंबर को पुलिस ने सुरक्षा दी थी, लेकिन बुधवार को पुलिस सुरक्षा नहीं पहुंची। होशियार का आरोप है कि दस विद्यार्थियों ने ही अज्ञात लोगों की सहायता से हमला कराया है।
वहीं शिव सेना के प्रधान राजीव टंडन का कहना है कि वह परिजनों के साथ संस्थान में उनकी बात रखने के लिए गए जरूर थे, लेकिन बुधवार के हमले से उनका और शिव सेना का कोई लेना देना नहीं है।
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गुरु रविदास आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा ली जा रही परीक्षा में बुधवार को पदार्थ-बी का परचा था। हमलावरों ने विद्यार्थियों के अलावा परीक्षा ले रहे स्टॉफ की भी पिटाई की। जब तक गांव के लोगों ने पुलिस की मदद से उनको खदेड़ा, तब तक वह काफी उत्पात मचा चुके थे। दल बल के साथ पहुंचे रायकोट के डीएसपी अमरीक सिंह ने करीब 65 लोगों को गांववालों की मदद से काबू कर लिया।
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जानकारी के अनुसार अज्ञात युवक सुबह साढ़े दस बजे के करीब दो बसों और तीन कारों में सवार होकर सराभा पहुंचे। पहले उन्होंने संस्थान के गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मियों को खदेड़ा। इसके बाद अस्पताल के वार्डों में तोड़फोड़ की। कालेज के दफ्तर में पड़े रिकार्ड को भी नष्ट कर दिया गया। इसके बाद परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों की भी पिटाई कर दी। पुलिस को आता देख हमलावर दीवार फांद कर भागे। डीएसपी अमरीक सिंह ने कहा है कि इस संबंध में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। प्रबंधकों ने कहा कि बुधवार का पेपर रद कर दिया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय को सूचित कर दिया गया है।
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ट्रस्ट के चेयरमैन होशियार सिंह यूके ने बताया कि पिछले वर्ष कालेज ने बीएएमएस भाग एक में 35 विद्यार्थियों को नियमानुसार दाखिला दिया था। कई सीट खाली रह गईं। 16 दिसंबर 2011 को पंजाब सरकार ने एक सर्कूलर जारी करके खाली सीटें भरने की अनुमति दे दी। इसके बाद संस्थान ने दस विद्यार्थियों को दाखिला दे दिया। 30 अप्रैल 2011 को संस्थान ने इनकी रजिस्ट्रेशन के लिए विश्वविद्यालय में दस्तावेज भेजे, जिनको विश्वविद्यालय ने रद कर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अदालत में याचिका डाल दी। इस दौरान विश्वविद्यालय ने 29 नवंबर 2012 से परीक्षा की तारीख तय कर दी। दस विद्यार्थी परीक्षा में नहीं बैठ सके। होशियार सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को विद्यार्थियों के परिजन शिव सेना के प्रधान राजीव टंडन एवं एसओआई कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आए थे। होशियार सिंह ने कहा कि इस संबंध में एसएसपी को शिकायत कर सुरक्षा की मांग की गई थी। तीन दिसंबर को पुलिस ने सुरक्षा दी थी, लेकिन बुधवार को पुलिस सुरक्षा नहीं पहुंची। होशियार का आरोप है कि दस विद्यार्थियों ने ही अज्ञात लोगों की सहायता से हमला कराया है।
वहीं शिव सेना के प्रधान राजीव टंडन का कहना है कि वह परिजनों के साथ संस्थान में उनकी बात रखने के लिए गए जरूर थे, लेकिन बुधवार के हमले से उनका और शिव सेना का कोई लेना देना नहीं है।