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किसानों ने डीसी दफ्तर के सामने फैंकी पराली
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:08 PM IST
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किसानों ने डीसी दफ्तर के सामने फेंकी पराली
पराली पर बैठकर लगाया धरना, जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। पराली जलाने के लिए किसानों और प्रशासन के बीच चल रही कश्मकश के कारण शुक्रवार को किसान पराली की ट्रालियां भरकर ले आए और डीसी दफ्तर के बाहर सड़क पर फेंक दी। किसानों ने पराली पर बैठकर धरना लगा दिया और जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर किसान मोरचा के जिला कन्वीनर भूपिंदर सिंह लौंगोवाल और बलवीर जलूर ने कहा कि गांव बड़रूखां, कुंनरा, साहोके और लौंगोवाल के किसान पराली लेकर आए हैं। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि प्रशासन इस पराली का क्या करेगा, प्रशासन जो पराली का करेगा, वही किसान करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के पास पराली जलाने के सिवाय अन्य कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खेतों से खुद पराली काटकर ले जाए अथवा उन्हें पांच हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे। इसके अलावा किसानों के पास इसका कोई हल नहींहै। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार किसानों को जलील करने के लिए पराली जलाने के लिए कानून सख्त कर रही है लेकिन इसके योग्य समाधान के लिए कुछ नहीं कर रही। इस मौके पर सुख सिंह साहोके, तेजिंदर सिंह ढडरियां, हरदेव सिंह दुल्लट, बलहार सिंह रत्तोके, राम सिंह, बलवीर सिंह कुंनरा, गुरप्रीत सिंह सहित बड़ी तदाद में किसान मौजूद थे।
फोटो:12एसजीआरपी01:संगरूरमें पराली पर बैठकर धरना देते हुए किसान।
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पराली पर बैठकर लगाया धरना, जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। पराली जलाने के लिए किसानों और प्रशासन के बीच चल रही कश्मकश के कारण शुक्रवार को किसान पराली की ट्रालियां भरकर ले आए और डीसी दफ्तर के बाहर सड़क पर फेंक दी। किसानों ने पराली पर बैठकर धरना लगा दिया और जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर किसान मोरचा के जिला कन्वीनर भूपिंदर सिंह लौंगोवाल और बलवीर जलूर ने कहा कि गांव बड़रूखां, कुंनरा, साहोके और लौंगोवाल के किसान पराली लेकर आए हैं। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि प्रशासन इस पराली का क्या करेगा, प्रशासन जो पराली का करेगा, वही किसान करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के पास पराली जलाने के सिवाय अन्य कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खेतों से खुद पराली काटकर ले जाए अथवा उन्हें पांच हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे। इसके अलावा किसानों के पास इसका कोई हल नहींहै। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार किसानों को जलील करने के लिए पराली जलाने के लिए कानून सख्त कर रही है लेकिन इसके योग्य समाधान के लिए कुछ नहीं कर रही। इस मौके पर सुख सिंह साहोके, तेजिंदर सिंह ढडरियां, हरदेव सिंह दुल्लट, बलहार सिंह रत्तोके, राम सिंह, बलवीर सिंह कुंनरा, गुरप्रीत सिंह सहित बड़ी तदाद में किसान मौजूद थे।
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फोटो:12एसजीआरपी01:संगरूरमें पराली पर बैठकर धरना देते हुए किसान।