{"_id":"5c474d0cbdec22281746eac1","slug":"81548176652-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में तीसरे फ्रंट की पहली मीटिंग में सामने आए मतभेद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में तीसरे फ्रंट की पहली मीटिंग में सामने आए मतभेद
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तीसरे फ्रंट की पहली मीटिंग में सामने आए मतभेद
ब्रह्मपुरा ने भगवंत मान को गठबंधन में शामिल होने का दिया न्यौता
आप ने दिया झटका, खैरा और बैंस को करो बाहर फिर होगी बात
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और अकाली-भाजपा पार्टी को टक्कर देने के लिए बनाए गए पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस फ्रंट की पहली मीटिंग में मतभेद सामने आ गए। गठबंधन की पहली बैठक में शामिल बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश प्रधान रछपाल सिंह राजू ने आम आदमी पार्टी को साथ रखने की बात रखी। राष्ट्रीय स्तर पर उनका गठबंधन पहले हो चुका है। ऐसे में अकाली दल टकसाली प्रधान रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने आप नेता भगवंत मान को फोन कर गठबंधन में शामिल होने का न्यौता दे दिया। भगवंत मान ने साफ कर दिया कि सुखपाल खैरा और सिमरजीत सिंह बैंस को गठबंधन से बाहर करना होगा। इसके बाद ही आगे की बात हो सकती है। बसपा प्रधान राजू ने यह भी एलान कर दिया कि मायावती को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा, इसलिए गठबंधन को उन्हें सपोर्ट करना होगा।
सूत्रों की माने तो नेशनल पार्टी होने के कारण बसपा ने लोकसभा की 13 सीटों में 6 टिकट देने की दावेदारी ठोकी है। ऐसे में गठबंधन की पहली बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। इस बैठक में लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस, पंजाब एकता पार्टी से सुखपाल खैरा, टकसाली अकाली दल से रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सेवा सिंह सेखवां, रतन सिंह अजनाला, मनमोहन सिंह, गुरप्रताप सिंह और बसपा प्रधान रछपाल सिंह राजू शामिल हुए। पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी किसी कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।
खैरा ने आप को शामिल करने पर भरी हामी
पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा के अनुसार गठबंधन की बैठक में यह सवाल सामने आया था कि आप को इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने हां कर दी, क्योंकि मामला पंजाब को बचाने का है। भगवंत मान ने फोन पर ब्रह्मपुरा को यह साफ कर दिया कि अगर खैरा और बैंस साथ है, तो फिर गठबंधन संभव नहीं है। खैरा के अनुसार आप की इस सोच से यह साबित होता है कि वह सिर्फ दुर्भावना के साथ काम कर रहे हैं। अगर वह शामिल नहीं होंगे, तो भी कोई बात नहीं। बैंस ने कहा कि आप का गठबंधन में शामिल होने का सभी ने स्वागत किया था। लेकिन जिस तरह से उन्होंने यह शर्त रखी है, इससे साफ है कि वे पंजाब की भलाई नहीं चाहते है।
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एक संविधान और एक प्रधान पर सहमति नहीं
गठबंधन की पहली बैठक में एक संविधान और एक प्रधान का चुनाव करने पर भी सहमति नहीं बन सकी। बसपा प्रधान का कहना था कि उनकी नेशनल पार्टी है। इसलिए वह अपने पार्टी चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं ब्रह्मपुरा का कहना था कि गठबंधन में सभी दल अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। जैसे अकाली भाजपा में गठबंधन है, लेकिन दोनों पार्टी के प्रत्याशी अपने पार्टी चिन्ह पर चुनाव लड़ते हैं। इससे साफ है कि गठबंधन में शामिल होने वाली पार्टी अपने अपने चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगी।
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ब्रह्मपुरा ने भगवंत मान को गठबंधन में शामिल होने का दिया न्यौता
आप ने दिया झटका, खैरा और बैंस को करो बाहर फिर होगी बात
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और अकाली-भाजपा पार्टी को टक्कर देने के लिए बनाए गए पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस फ्रंट की पहली मीटिंग में मतभेद सामने आ गए। गठबंधन की पहली बैठक में शामिल बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश प्रधान रछपाल सिंह राजू ने आम आदमी पार्टी को साथ रखने की बात रखी। राष्ट्रीय स्तर पर उनका गठबंधन पहले हो चुका है। ऐसे में अकाली दल टकसाली प्रधान रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने आप नेता भगवंत मान को फोन कर गठबंधन में शामिल होने का न्यौता दे दिया। भगवंत मान ने साफ कर दिया कि सुखपाल खैरा और सिमरजीत सिंह बैंस को गठबंधन से बाहर करना होगा। इसके बाद ही आगे की बात हो सकती है। बसपा प्रधान राजू ने यह भी एलान कर दिया कि मायावती को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा, इसलिए गठबंधन को उन्हें सपोर्ट करना होगा।
सूत्रों की माने तो नेशनल पार्टी होने के कारण बसपा ने लोकसभा की 13 सीटों में 6 टिकट देने की दावेदारी ठोकी है। ऐसे में गठबंधन की पहली बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। इस बैठक में लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस, पंजाब एकता पार्टी से सुखपाल खैरा, टकसाली अकाली दल से रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सेवा सिंह सेखवां, रतन सिंह अजनाला, मनमोहन सिंह, गुरप्रताप सिंह और बसपा प्रधान रछपाल सिंह राजू शामिल हुए। पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी किसी कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।
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खैरा ने आप को शामिल करने पर भरी हामी
पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा के अनुसार गठबंधन की बैठक में यह सवाल सामने आया था कि आप को इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने हां कर दी, क्योंकि मामला पंजाब को बचाने का है। भगवंत मान ने फोन पर ब्रह्मपुरा को यह साफ कर दिया कि अगर खैरा और बैंस साथ है, तो फिर गठबंधन संभव नहीं है। खैरा के अनुसार आप की इस सोच से यह साबित होता है कि वह सिर्फ दुर्भावना के साथ काम कर रहे हैं। अगर वह शामिल नहीं होंगे, तो भी कोई बात नहीं। बैंस ने कहा कि आप का गठबंधन में शामिल होने का सभी ने स्वागत किया था। लेकिन जिस तरह से उन्होंने यह शर्त रखी है, इससे साफ है कि वे पंजाब की भलाई नहीं चाहते है।
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एक संविधान और एक प्रधान पर सहमति नहीं
गठबंधन की पहली बैठक में एक संविधान और एक प्रधान का चुनाव करने पर भी सहमति नहीं बन सकी। बसपा प्रधान का कहना था कि उनकी नेशनल पार्टी है। इसलिए वह अपने पार्टी चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं ब्रह्मपुरा का कहना था कि गठबंधन में सभी दल अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। जैसे अकाली भाजपा में गठबंधन है, लेकिन दोनों पार्टी के प्रत्याशी अपने पार्टी चिन्ह पर चुनाव लड़ते हैं। इससे साफ है कि गठबंधन में शामिल होने वाली पार्टी अपने अपने चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगी।