{"_id":"5aa953d24f1c1b4d0a8b4d62","slug":"71521046482-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत पर शिकायत: दुखी पार्षदों ने छोड़ी बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायत पर शिकायत: दुखी पार्षदों ने छोड़ी बैठक
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकायतों से दुखी पार्षदों ने बीच में छोड़ी बैठक
मंडी गोबिंदगढ़ नगर काउंसिल का 70 करोड़ 30 लाख का बजट पास
विकास कार्यों में अड़ंगा अटकाने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
प्रदेश की सबसे बड़े बजट वाली नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ के पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्यों की आए दिन हो रही शिकायतों से दुखी हो गए हैं। यह समस्या करीब 25 वार्डों में हैं। जहां कहीं भी कोई नया विकास शुरू होता हैं, उसकी जांच के लिए डायरेक्टर स्थानीय विभाग की ओर से रोक लगा दी जाती है। शिकायतों से दुखी कई पार्षदों ने मंगलवार शाम को नगर काउंसिल की बैठक का बाईकाट कर डायरेक्टर स्थानीय सरकार से उन लोगों पर कार्रवाई मांगी है जो चुने गए नुमाइंदों की सर्वसमिति से हाउस में पास किए विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे हैं।
नगर काउंसिल अध्यक्षा पूनम जिंदल ने कहा कि किसी भी विकास कार्य को प्रस्ताव पास करने को लेकर कई प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, जिसमें सभी पार्षदों का हाउस बैठता है। बैठक पर खर्च होता है। इससे पहले कार्यकारी अधिकारी, म्यूनिसिपल इंजीनियर और जेई होने वाले विकास कार्य की तफ्तीश करके जट बनाते हैं। फिर इसे बैठक में पार्षदों के समक्ष रखा जाता है। एक शिकायत पर यह सारे काम रुकवा दिए जाते हैं, जो शहर के विकास में रोड़ा अटकाने वाली बात है। सरकार को ऐसे शिकायतकर्ताओ के खिलाफ कोई मजबूत पालिसी बनानी चाहिए।
जिंदल ने बताया कि बैठक में ज्यादातर पार्षद मौजूद रेह। बैठक में सर्वसमिति से 70 करोड़ 30 लाख का वार्षिक बजट पेश किया। यह पहली बार हुआ है कि शिकायतों से परेशान होकर पार्षदों ने बैठक बीच में छोड़ी हो। इस मौके पर जगमीत सिंह सहोता, हरदीप कौर, बलदेव सिंह, हरमीत सिंह, रमनजीत कौर बल, बिक्रम सिंह बिक्का, हरप्रीत सिंह प्रिंस, राहुल सोफत, परमजीत सिंह, बलदेव सिंह, सिमरन देवी, कुलदीप कौर, सुखविंदर कौर, दलजीत कौर, पुनीत गोयल, बलविंदर खटड़ा, हरजिंदर सिंह राजू, तेजिंदर सिंह रहल, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी गोबिंदगढ़ नगर काउंसिल का 70 करोड़ 30 लाख का बजट पास
विकास कार्यों में अड़ंगा अटकाने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
प्रदेश की सबसे बड़े बजट वाली नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ के पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्यों की आए दिन हो रही शिकायतों से दुखी हो गए हैं। यह समस्या करीब 25 वार्डों में हैं। जहां कहीं भी कोई नया विकास शुरू होता हैं, उसकी जांच के लिए डायरेक्टर स्थानीय विभाग की ओर से रोक लगा दी जाती है। शिकायतों से दुखी कई पार्षदों ने मंगलवार शाम को नगर काउंसिल की बैठक का बाईकाट कर डायरेक्टर स्थानीय सरकार से उन लोगों पर कार्रवाई मांगी है जो चुने गए नुमाइंदों की सर्वसमिति से हाउस में पास किए विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे हैं।
नगर काउंसिल अध्यक्षा पूनम जिंदल ने कहा कि किसी भी विकास कार्य को प्रस्ताव पास करने को लेकर कई प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, जिसमें सभी पार्षदों का हाउस बैठता है। बैठक पर खर्च होता है। इससे पहले कार्यकारी अधिकारी, म्यूनिसिपल इंजीनियर और जेई होने वाले विकास कार्य की तफ्तीश करके जट बनाते हैं। फिर इसे बैठक में पार्षदों के समक्ष रखा जाता है। एक शिकायत पर यह सारे काम रुकवा दिए जाते हैं, जो शहर के विकास में रोड़ा अटकाने वाली बात है। सरकार को ऐसे शिकायतकर्ताओ के खिलाफ कोई मजबूत पालिसी बनानी चाहिए।
विज्ञापन
जिंदल ने बताया कि बैठक में ज्यादातर पार्षद मौजूद रेह। बैठक में सर्वसमिति से 70 करोड़ 30 लाख का वार्षिक बजट पेश किया। यह पहली बार हुआ है कि शिकायतों से परेशान होकर पार्षदों ने बैठक बीच में छोड़ी हो। इस मौके पर जगमीत सिंह सहोता, हरदीप कौर, बलदेव सिंह, हरमीत सिंह, रमनजीत कौर बल, बिक्रम सिंह बिक्का, हरप्रीत सिंह प्रिंस, राहुल सोफत, परमजीत सिंह, बलदेव सिंह, सिमरन देवी, कुलदीप कौर, सुखविंदर कौर, दलजीत कौर, पुनीत गोयल, बलविंदर खटड़ा, हरजिंदर सिंह राजू, तेजिंदर सिंह रहल, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन