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रेफरेंडम 2020 का पंजाब में कोई आधार नहीं: मनीष तिवारी
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:20 PM IST
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रेफरेंडम 2020 का पंजाब में कोई आधार नहीं: मनीष तिवारी
कांग्रेस समान विचारधारा वाले व्यापक धर्म निरपेक्ष व प्रगतिशील ताकतों के गठबंधन के पक्ष में
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि रेफरेंडम 2020 का पंजाब ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी कोई आधार नहीं है। यह किसी न किसी कारण चर्चा में रहने का लालच रखने वाले कुछ निराश लोगों की एक नाकाम कोशिश है। सीनियर पार्टी नेता पलविंदर सिंह तग्गड़ के निवास पर आयोजित एक बैठक से पत्रकारों के एक समूह के साथ बातचीत में तिवारी ने कहा कि पंजाबियों के अंदर आतंकवाद के काले दशक की भयानक यादें अभी भी ताजा हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता और वे किसी को भी पंजाब की शांति को बिगाड़ने नहीं देंगे।
रेफरेंडम 2020 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है, के जवाब में लुधियाना के पूर्व सांसद ने कहा कि पाकिस्तान की 1971 की जंग में हार के बाद से आईएसआई भारत में तनाव पैदा करने की कोशिश करती आ रही है, लेकिन उसे कभी भी कामयाबी नहीं मिली। 2019 में विपक्ष का सांझा गठबंधन बनाए जाने के मुद्दे पर, उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले व्यापक धर्म निरपेक्ष व प्रगतिशील ताकतों के गठबंधन के पक्ष में है, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को हराया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन राज्यस्तर पर सीटों के तालमेल के जरिए उभरकर सामने आएगा। जबकि पूर्व मंत्री ने राज्य में आम आदमी पार्टी के मध्य हो रही उठा-पटक पर बोलने से इंकार करते हुए कहा कि यह उनका अंदरूनी मामला है। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ऩे संबंधी अपनी योजना को लेकर तिवारी ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है और जहां से भी उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी, वह खुशी से स्वीकार करेंगे। इसी तरह, अपने लुधियाना के दौरों को लेकर उन्होंने कहा कि वह पांच साल तक संसद में इस हलके का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और साल 2004 से यहां पर हैं। ऐसे में उनका पार्टी वर्करों व नेताओं से मिलना और उनके न्यौतों पर कार्यक्रमों में शामिल होना वाजिब है। इस दौरान पलविंदर सिंह तगगड़, आयोजक, पवन दीवान, गुरमेल सिंह पहलवान, अवतार सिंह कंडा, डा. ओंकार चंद शर्मा, नरेन्द्र सुरा, बहादुर सिंह, मनी भगत, बृज मोहन शर्मा, अमृतपाल कलसी, मनिन्दर उब्भी, यशपाल शर्मा, बलजीत गोगना, डा. दीपक, बलविंदर गोरा, पाल सिंह मठारू शामिल रहे।
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कांग्रेस समान विचारधारा वाले व्यापक धर्म निरपेक्ष व प्रगतिशील ताकतों के गठबंधन के पक्ष में
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि रेफरेंडम 2020 का पंजाब ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी कोई आधार नहीं है। यह किसी न किसी कारण चर्चा में रहने का लालच रखने वाले कुछ निराश लोगों की एक नाकाम कोशिश है। सीनियर पार्टी नेता पलविंदर सिंह तग्गड़ के निवास पर आयोजित एक बैठक से पत्रकारों के एक समूह के साथ बातचीत में तिवारी ने कहा कि पंजाबियों के अंदर आतंकवाद के काले दशक की भयानक यादें अभी भी ताजा हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता और वे किसी को भी पंजाब की शांति को बिगाड़ने नहीं देंगे।
रेफरेंडम 2020 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है, के जवाब में लुधियाना के पूर्व सांसद ने कहा कि पाकिस्तान की 1971 की जंग में हार के बाद से आईएसआई भारत में तनाव पैदा करने की कोशिश करती आ रही है, लेकिन उसे कभी भी कामयाबी नहीं मिली। 2019 में विपक्ष का सांझा गठबंधन बनाए जाने के मुद्दे पर, उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले व्यापक धर्म निरपेक्ष व प्रगतिशील ताकतों के गठबंधन के पक्ष में है, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को हराया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन राज्यस्तर पर सीटों के तालमेल के जरिए उभरकर सामने आएगा। जबकि पूर्व मंत्री ने राज्य में आम आदमी पार्टी के मध्य हो रही उठा-पटक पर बोलने से इंकार करते हुए कहा कि यह उनका अंदरूनी मामला है। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ऩे संबंधी अपनी योजना को लेकर तिवारी ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है और जहां से भी उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी, वह खुशी से स्वीकार करेंगे। इसी तरह, अपने लुधियाना के दौरों को लेकर उन्होंने कहा कि वह पांच साल तक संसद में इस हलके का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और साल 2004 से यहां पर हैं। ऐसे में उनका पार्टी वर्करों व नेताओं से मिलना और उनके न्यौतों पर कार्यक्रमों में शामिल होना वाजिब है। इस दौरान पलविंदर सिंह तगगड़, आयोजक, पवन दीवान, गुरमेल सिंह पहलवान, अवतार सिंह कंडा, डा. ओंकार चंद शर्मा, नरेन्द्र सुरा, बहादुर सिंह, मनी भगत, बृज मोहन शर्मा, अमृतपाल कलसी, मनिन्दर उब्भी, यशपाल शर्मा, बलजीत गोगना, डा. दीपक, बलविंदर गोरा, पाल सिंह मठारू शामिल रहे।
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