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छप्पडों पर अबैध कब्जे व भ्रष्टाचार को लेकर बैठक में कांग्रेसी पार्षदों ने निगम मेयर को घेरा
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:49 PM IST
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निगम की बैठक में कांग्रेसियों ने मेयर को घेरा
अकाली और आजाद पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ निकाली भड़ास
मेयर ने विजिलेंस जांच करवाने के आदेश देकर छुड़वाया पीछा
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
स्थानीय नगर निगम की बुुधवार को दोबारा बुलाई गई बैठक शुरू होते ही कांग्रेसियों ने छप्पड़ों पर अवैध कब्जे, जेसीबी मशीनों की उपलब्धता और विकास के काम न होने पर मेयर बलवंत राय नाथ को घेर लिया। इस मुद्दे पर अकाली पार्षद संतोष महंत ने भी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। वहीं आजाद पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ भड़ास निकाली।
अकाली पार्षद संतोष महंत और कांग्रेसियों ने मेयर के इस्तीफे की मांग उठा दी, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। यही नहीं कांग्रेसियों ने मेयर पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। इसका अकाली दल के पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। भड़के कांग्रेसियों और आजाद पार्षदों ने बैठक में ही धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। सवालों के घेरे में आए मेयर बलवंत राय नाथ ने छप्पड़ों पर अवैध कब्जों के मामले में विजिलेंस जांच करवाने की बात कहकर पीछा छुड़वाया। इस बीच ही अकाली पार्षदों ने बहुमत से लगभग सभी प्रस्ताव पारित कर दिए, जिस पर कांग्रेसियों ने एतराज जताया। इस दौरान जहां नगर निगम कमिश्नर संयम अग्रवाल नदारद रहे, वहीं भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर तरसेम गोयल और डिप्टी मेयर गुरिंदरपाल कौर मांगट ने भी बैठक में शिरकत नहीं की।
मेयर पर आरोपों को लेकर हुआ हंगामा
निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद मलकीत सिंह, बेअंत सिंह रंधावा और राजा सिंह ने जेसीबी को लेकर मेयर पर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उक्त जेसीबी मेेयर के किसी रिश्तेदार की है और उसे मेयर केवल अपने काम के लिए ही प्रयोग करते हैं। किसी पार्षद को जरूरत पड़ने पर जेसीबी उपलब्ध नहीं होती। यही नहीं छप्पड़ों पर कब्जों को लेकर भी उक्त पार्षदों ने मेयर पर सवाल उठाए। इन आरोपों से अकाली पार्षद भड़क गए और कांग्रेसियों व अकालियों में नोंकझोंक हुई। अकालियों ने इन आरोपों को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही और कांग्रेसी अपनी बात पर अड़े रहे। भड़के कांग्रेसियों ने बैठक के दौरान ही धरना लगा दिया और निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मलकीत सिंह, जगराज सिंह, निर्मल कौर, राजा सिंह, राज कुमार, गुरमीत कौर ने भी हिस्सा लिया। पार्षद प्रदीप गोयल ने एक सप्लीमेंट्री एजेंडे में निजी कॉलोनियों पर 85 लाख खर्च करने के लाए गए प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। साथ ही गोशाला में शेडों के निर्माण पर करोड़ों खर्च करने का भी पार्षदों ने विरोध किया।
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अकाली और आजाद पार्षद भी विरोध में उतरे
अकाली पार्षद संतोष महंत ने कांग्रेसियों की ओर से उठाई गई बातों का समर्थन किया और मेयर को खरी खोटी सुनाई। उन्होंने अपने विकास में रुके हुए विकास कार्यों का दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि अगर मेयर कोई काम नहीं करवा सकते तो सभी अधिकारियों समेत मेयर भी इस्तीफा दे दें। संतोष महंत ने यह कहते हुए बैठक से किनारा कर लिया। हालांकि मेयर ने संतोष महंत की संतुष्टि करवाने की कोशिश की, लेकिन वह मेयर के इस्तीफे की मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान आजाद पार्षद गुरमीत कौर और राज कुमार ने भी विकास के काम न होने से कांग्रेसियों के साथ ही धरने में शिरकत की और निगम के खिलाफ गुस्सा निकाला।
अकाली पार्षद गुरबचन सिंह घुब्बण ने भी लोगों को पानी न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही लोगों से वसूल किए जा रहे गो सेस को लेकर भी काफी हंगामा हुआ। पार्षद प्रदीप गोयल, पार्षद गुरसेवक सिंह मान व अन्य पार्षदों ने कहा कि शहर में लावारिस पशुओं की समस्या से लोगों को निजात दिलवाई जाए। अगर निगम ऐसा नहीं कर सकता तो लोगों से गो सेस की वसूली करनी बंद की जाए। प्रदीप गोयल ने कहा कि जो धनाढ्य लोग गो सेस नहीं दे रहे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
बैठक में जब एजेंडा नंबर 19 ग्रीन सिटी कॉलोनी को निगम की ओर से टेक ओवर करने संबंधी शोर शराबा हुआ तो कुछ अकाली पार्षदों ने मेयर को कहा कि उक्त कॉलोनी निगम ओवरटेक नहीं कर सकता। इस वजह से यह प्रस्ताव बीच में ही रह गया। इसके अलावा उक्त कॉलोनी संबंधी शहर के राजीव बांसल बुधवार को चंडीगढ़ में लोकल बाडी मंत्री नवजोत सिंह को मिले। उन्होंने उक्त मामले की जांच के तुरंत प्रभाव से आदेश दे दिए।
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अकाली और आजाद पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ निकाली भड़ास
मेयर ने विजिलेंस जांच करवाने के आदेश देकर छुड़वाया पीछा
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
स्थानीय नगर निगम की बुुधवार को दोबारा बुलाई गई बैठक शुरू होते ही कांग्रेसियों ने छप्पड़ों पर अवैध कब्जे, जेसीबी मशीनों की उपलब्धता और विकास के काम न होने पर मेयर बलवंत राय नाथ को घेर लिया। इस मुद्दे पर अकाली पार्षद संतोष महंत ने भी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। वहीं आजाद पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ भड़ास निकाली।
अकाली पार्षद संतोष महंत और कांग्रेसियों ने मेयर के इस्तीफे की मांग उठा दी, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। यही नहीं कांग्रेसियों ने मेयर पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। इसका अकाली दल के पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। भड़के कांग्रेसियों और आजाद पार्षदों ने बैठक में ही धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। सवालों के घेरे में आए मेयर बलवंत राय नाथ ने छप्पड़ों पर अवैध कब्जों के मामले में विजिलेंस जांच करवाने की बात कहकर पीछा छुड़वाया। इस बीच ही अकाली पार्षदों ने बहुमत से लगभग सभी प्रस्ताव पारित कर दिए, जिस पर कांग्रेसियों ने एतराज जताया। इस दौरान जहां नगर निगम कमिश्नर संयम अग्रवाल नदारद रहे, वहीं भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर तरसेम गोयल और डिप्टी मेयर गुरिंदरपाल कौर मांगट ने भी बैठक में शिरकत नहीं की।
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मेयर पर आरोपों को लेकर हुआ हंगामा
निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद मलकीत सिंह, बेअंत सिंह रंधावा और राजा सिंह ने जेसीबी को लेकर मेयर पर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उक्त जेसीबी मेेयर के किसी रिश्तेदार की है और उसे मेयर केवल अपने काम के लिए ही प्रयोग करते हैं। किसी पार्षद को जरूरत पड़ने पर जेसीबी उपलब्ध नहीं होती। यही नहीं छप्पड़ों पर कब्जों को लेकर भी उक्त पार्षदों ने मेयर पर सवाल उठाए। इन आरोपों से अकाली पार्षद भड़क गए और कांग्रेसियों व अकालियों में नोंकझोंक हुई। अकालियों ने इन आरोपों को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही और कांग्रेसी अपनी बात पर अड़े रहे। भड़के कांग्रेसियों ने बैठक के दौरान ही धरना लगा दिया और निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मलकीत सिंह, जगराज सिंह, निर्मल कौर, राजा सिंह, राज कुमार, गुरमीत कौर ने भी हिस्सा लिया। पार्षद प्रदीप गोयल ने एक सप्लीमेंट्री एजेंडे में निजी कॉलोनियों पर 85 लाख खर्च करने के लाए गए प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। साथ ही गोशाला में शेडों के निर्माण पर करोड़ों खर्च करने का भी पार्षदों ने विरोध किया।
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अकाली और आजाद पार्षद भी विरोध में उतरे
अकाली पार्षद संतोष महंत ने कांग्रेसियों की ओर से उठाई गई बातों का समर्थन किया और मेयर को खरी खोटी सुनाई। उन्होंने अपने विकास में रुके हुए विकास कार्यों का दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि अगर मेयर कोई काम नहीं करवा सकते तो सभी अधिकारियों समेत मेयर भी इस्तीफा दे दें। संतोष महंत ने यह कहते हुए बैठक से किनारा कर लिया। हालांकि मेयर ने संतोष महंत की संतुष्टि करवाने की कोशिश की, लेकिन वह मेयर के इस्तीफे की मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान आजाद पार्षद गुरमीत कौर और राज कुमार ने भी विकास के काम न होने से कांग्रेसियों के साथ ही धरने में शिरकत की और निगम के खिलाफ गुस्सा निकाला।
अकाली पार्षद गुरबचन सिंह घुब्बण ने भी लोगों को पानी न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही लोगों से वसूल किए जा रहे गो सेस को लेकर भी काफी हंगामा हुआ। पार्षद प्रदीप गोयल, पार्षद गुरसेवक सिंह मान व अन्य पार्षदों ने कहा कि शहर में लावारिस पशुओं की समस्या से लोगों को निजात दिलवाई जाए। अगर निगम ऐसा नहीं कर सकता तो लोगों से गो सेस की वसूली करनी बंद की जाए। प्रदीप गोयल ने कहा कि जो धनाढ्य लोग गो सेस नहीं दे रहे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
बैठक में जब एजेंडा नंबर 19 ग्रीन सिटी कॉलोनी को निगम की ओर से टेक ओवर करने संबंधी शोर शराबा हुआ तो कुछ अकाली पार्षदों ने मेयर को कहा कि उक्त कॉलोनी निगम ओवरटेक नहीं कर सकता। इस वजह से यह प्रस्ताव बीच में ही रह गया। इसके अलावा उक्त कॉलोनी संबंधी शहर के राजीव बांसल बुधवार को चंडीगढ़ में लोकल बाडी मंत्री नवजोत सिंह को मिले। उन्होंने उक्त मामले की जांच के तुरंत प्रभाव से आदेश दे दिए।