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दलितों ने की डिपो होल्डरों खिलाफ नारेबाजी
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:40 PM IST
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डिपो होल्डरों के खिलाफ प्रदर्शन
गेहूं के खुले थैले दिए जाने के खिलाफ दलितों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर।
जिले के गांव कणकवाल भंगुआ में दलित परिवारों ने डिपो होल्डरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दलित परिवारों ने डिपो होल्डरों पर गंभीर आरोप भी लगाए।
गांववासी भिंदर सिंह, जगसीर सिंह, काला सिंह और करनैल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा राज्य सरकार की तरफ से गरीब परिवारों के लिए सस्ते भाव की में दिए जाने वाले गेहूं के बंद थैलों में कम राशन निकलने से दलित परिवार के लोगों ने एतराज किया। इस पर डिपो होल्डरों ने गेंहू की सप्लाई देना बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से गरीब लोगों के लिए तीस किलो वाले थैले में गेहूं की सप्लाई की जाती है। डिपो होल्डर थैला खोलकर गेहूं लोगों को बांटते हैं। इससे लोगों में रोष है। इसके अलावा डिपो होल्डर अपनी मनमानी करते हैं। पिछले काफी समय से लाभपात्री राशन कार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए मिन्नतें निकाल रहे हैं, किंतु उनके नाम दर्ज नहीं किए जाते।
फूड सप्लाई के इंस्पेक्टर नितिन कुमार ने कहा कि कई थैले खुल जाते हैं, जिस कारण गेहूं कम हो जाता है, कइयों में कुछ वजन बढ़ जाता है। ऐसे में लाभपात्री को गेहूं वजन करके दिया जा रहा है। जिस थैले में गेहूं ज्यादा होता है, उसमें से निकाला जाता है। राशन कार्ड पर नाम चढ़ाने की बात पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण सुनाम दफ्तर आकर अपना सुबूत देकर नाम दर्ज करवा सकते हैं।
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गेहूं के खुले थैले दिए जाने के खिलाफ दलितों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर।
जिले के गांव कणकवाल भंगुआ में दलित परिवारों ने डिपो होल्डरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दलित परिवारों ने डिपो होल्डरों पर गंभीर आरोप भी लगाए।
गांववासी भिंदर सिंह, जगसीर सिंह, काला सिंह और करनैल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा राज्य सरकार की तरफ से गरीब परिवारों के लिए सस्ते भाव की में दिए जाने वाले गेहूं के बंद थैलों में कम राशन निकलने से दलित परिवार के लोगों ने एतराज किया। इस पर डिपो होल्डरों ने गेंहू की सप्लाई देना बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से गरीब लोगों के लिए तीस किलो वाले थैले में गेहूं की सप्लाई की जाती है। डिपो होल्डर थैला खोलकर गेहूं लोगों को बांटते हैं। इससे लोगों में रोष है। इसके अलावा डिपो होल्डर अपनी मनमानी करते हैं। पिछले काफी समय से लाभपात्री राशन कार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए मिन्नतें निकाल रहे हैं, किंतु उनके नाम दर्ज नहीं किए जाते।
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फूड सप्लाई के इंस्पेक्टर नितिन कुमार ने कहा कि कई थैले खुल जाते हैं, जिस कारण गेहूं कम हो जाता है, कइयों में कुछ वजन बढ़ जाता है। ऐसे में लाभपात्री को गेहूं वजन करके दिया जा रहा है। जिस थैले में गेहूं ज्यादा होता है, उसमें से निकाला जाता है। राशन कार्ड पर नाम चढ़ाने की बात पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण सुनाम दफ्तर आकर अपना सुबूत देकर नाम दर्ज करवा सकते हैं।
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