फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   डरावनी घटना के डर का इलाज संभव है

डरावनी घटना के डर का इलाज संभव है

Wed, 27 Jun 2018 10:36 PM IST
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
डरावनी घटना के डर का इलाज संभव है
रिमट में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर पर चर्चा
विज्ञापन

मंडी गोबिंदगढ़। किसी बड़े हादसे या डरावनी घटना के दौरान या उसके बाद डरना कुदरती बात है। इसका प्रभाव थोड़े समय से लेकर लंबी देर तक बना रह सकता है। यह बात बुधवार को यहां रिमट यूनिवर्सिटी में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर दिवस पर फार्मेसी विभाग के प्रमुख डॉ संजीव मित्तल ने कही। उन्होंने बताया कि हर 100 में से 7 या 8 लोग अपने जीवन के दौरान इस तरह के सदमे का अनुभव करते हैं और महिलाएं पुरुषों की तुलना में इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं। अधिकतर लोग कुदरती तौर पर ही थोड़े समय के बाद इस के दुष्प्रभावों से उभर आते हैं परंतु जो लोग इससे उभर नहीं पाते वह उस समय भी डर या दबाव का अनुभव करते हैं जब वह खतरे में नहीं होते। डॉ. संजीव मित्तल ने कहा कि पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से प्रभावित लोगों का इलाज किया जा सकता है जिसके लिए विभिन्न दवाएं और थैरेपी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि डिसऑर्डर से प्रभावित लोग मनोचिकित्सकों की सहायता ले और परिवार के सदस्य भी उनको उस स्थिति से उबरने में मदद करें।

फोटो कैप्शन:27जीबीजीपी03: रिमट में फार्मेसी विभाग के प्रमुख डॉक्टर संजीव मित्तल जानकारी देते हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed