{"_id":"5abbc8934f1c1be4298b4622","slug":"201522256019-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मामला किसान द्वारा टंकी पर जहर पीने का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मामला किसान द्वारा टंकी पर जहर पीने का
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवार ने लाश लेने से किया इनकार
किसान की ओर से टंकी पर जहर पीकर जान देने मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
गांव अतापुर निवासी किसान जसवंत सिंह की ओर से मंगलवार को जमीन मामले में इंसाफ न मिलने को लेकर जहर पीकर जान दे थी। मृतक जसवंत सिंह के परिवार ने लाश लेने से इनकार कर दिया है। लाश 32 सेक्टर के सरकारी अस्पताल में पड़ी है। परिवार की मांग है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करे, तभी वह दाह संस्कार करेंगे। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की तो वह परिवार समेत रोड जाम करके धरना देंगे।
मृतक जसवंत सिंह के बेटे हरिंदर सिंह ने बताया कि हमारे मामले से जिला प्रशासन भलीभांति जानता है। उन्हें भी पता है कि इस मामले में कौन कौन लोग जिम्मेदार हैं। 2011 से मेरे पिता जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे थे। उनकी किसी ने नहीं सुनी और मेरे पिता की किसी से निजी रंजिश नहीं थी। वह अपने हक की जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
हरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा पंचायत और एक कांग्रेसी नेता समेत अन्य लोग उसकी पिता की मौत के जिम्मेदार हैं। जिला प्रशासन को तुरंत दोषियों खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। प्रशासन ने उक्त लोगों पर मामला दर्ज न किया गया तो वह रोड जाम करके रोष धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
उधर,अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने पीड़ित परिवार के घर जाकर दुख सांझा किया। इनमें आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान लखवीर सिंह राय, पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी, जिला परिषद् चेयरमैन बलजीत सिंह भुट्टा, कुलदीप सिंह पहलवान माजरी सोढियां, शेर सिंह प्रधान नगर कौंसिल, शिअद जिलाध्यक्ष स्वर्न सिंह चनारथल, शरनजीत सिंह शामिल थे।
विज्ञापन
किसान की ओर से टंकी पर जहर पीकर जान देने मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
गांव अतापुर निवासी किसान जसवंत सिंह की ओर से मंगलवार को जमीन मामले में इंसाफ न मिलने को लेकर जहर पीकर जान दे थी। मृतक जसवंत सिंह के परिवार ने लाश लेने से इनकार कर दिया है। लाश 32 सेक्टर के सरकारी अस्पताल में पड़ी है। परिवार की मांग है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करे, तभी वह दाह संस्कार करेंगे। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की तो वह परिवार समेत रोड जाम करके धरना देंगे।
मृतक जसवंत सिंह के बेटे हरिंदर सिंह ने बताया कि हमारे मामले से जिला प्रशासन भलीभांति जानता है। उन्हें भी पता है कि इस मामले में कौन कौन लोग जिम्मेदार हैं। 2011 से मेरे पिता जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे थे। उनकी किसी ने नहीं सुनी और मेरे पिता की किसी से निजी रंजिश नहीं थी। वह अपने हक की जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
विज्ञापन
हरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा पंचायत और एक कांग्रेसी नेता समेत अन्य लोग उसकी पिता की मौत के जिम्मेदार हैं। जिला प्रशासन को तुरंत दोषियों खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। प्रशासन ने उक्त लोगों पर मामला दर्ज न किया गया तो वह रोड जाम करके रोष धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
उधर,अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने पीड़ित परिवार के घर जाकर दुख सांझा किया। इनमें आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान लखवीर सिंह राय, पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी, जिला परिषद् चेयरमैन बलजीत सिंह भुट्टा, कुलदीप सिंह पहलवान माजरी सोढियां, शेर सिंह प्रधान नगर कौंसिल, शिअद जिलाध्यक्ष स्वर्न सिंह चनारथल, शरनजीत सिंह शामिल थे।