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पैगंबरे इसलाम की शान के लिए जान भी हाजिर है:शाही इमाम
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:41 PM IST
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सच्चा मुसलमान वही हजरत मोहम्मद के बताए रास्ते पर चले : शाही इमाम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
दिलों से नफरतें निकाल कर आपसी भाईचारे को मजबूत कीजिए, सच्चा मुसलमान वही है, जो हजरत मोहम्मद (स.) साहिब के बताए हुए रास्ते पर चलें। यह विचार शनिवार को जामा मस्जिद में 12 वफात के ऐतिहासिक मौके पर मुसलमानों को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने व्यक्त किए।
शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन मुसलमान अपने प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (स.) साहिब को याद करते हुए उनकी दी हुई शिक्षाओं के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करने का संकल्प दोहरातेे हैं। शाही इमाम ने कहा कि 14 सौ वर्ष बीत जाने के बाद भी आपकी शिक्षाएं किसी परिवर्तन के बिना मूल्य रूप में मौजूद हैं और मानव जाति के मार्ग दर्शन के लिए आशा की किरण हैं।
शाही इमाम ने कहा कि हजरत मोहम्मद (स.) साहिब के दुनिया में आने से पहले लोग बेटियों को जिंदा जमीन में दफन कर दिया करते थे। आप (स.) ने दुनिया में आकर इस जुल्म को रोका और बेटी को अल्लाह की रहमत बताया। शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम धर्म आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देता है।
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इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने भी संबोधित किया व मौलाना मुहम्मद इब्राहिम सहित मौलाना मोहतरम, कारी अल्ताफ उर रहमान, गुलाम हसन कैसर व मुख्य सचिव मोहम्मद मुस्तकीम विशेष रूप से उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
दिलों से नफरतें निकाल कर आपसी भाईचारे को मजबूत कीजिए, सच्चा मुसलमान वही है, जो हजरत मोहम्मद (स.) साहिब के बताए हुए रास्ते पर चलें। यह विचार शनिवार को जामा मस्जिद में 12 वफात के ऐतिहासिक मौके पर मुसलमानों को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने व्यक्त किए।
शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन मुसलमान अपने प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (स.) साहिब को याद करते हुए उनकी दी हुई शिक्षाओं के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करने का संकल्प दोहरातेे हैं। शाही इमाम ने कहा कि 14 सौ वर्ष बीत जाने के बाद भी आपकी शिक्षाएं किसी परिवर्तन के बिना मूल्य रूप में मौजूद हैं और मानव जाति के मार्ग दर्शन के लिए आशा की किरण हैं।
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शाही इमाम ने कहा कि हजरत मोहम्मद (स.) साहिब के दुनिया में आने से पहले लोग बेटियों को जिंदा जमीन में दफन कर दिया करते थे। आप (स.) ने दुनिया में आकर इस जुल्म को रोका और बेटी को अल्लाह की रहमत बताया। शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम धर्म आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देता है।
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इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने भी संबोधित किया व मौलाना मुहम्मद इब्राहिम सहित मौलाना मोहतरम, कारी अल्ताफ उर रहमान, गुलाम हसन कैसर व मुख्य सचिव मोहम्मद मुस्तकीम विशेष रूप से उपस्थित थे।