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ओडवायर के साथियों को भी मरता देखना चाहते थे ऊधम सिंह
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:36 PM IST
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ओडवायर के साथियों को भी मारना चाहते थे ऊधम सिंह
केकिस्टन हाल में चार अंग्रेज अधिकारियों को बनाया था निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम (संगरूर)। शहीद ऊधम सिंह केवल माइकल ओडवायर को ही नहीं मारना चाहते थे बल्कि ओडवायर के साथी मॉरक्यूस आफ जेटलैंड समेत कई को मरता देखना चाहते थे। जेटलैंड करीब पांच वर्ष तक बंगाल का गवर्नर रहा था और वह देश की आजादी के खिलाफ था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जलियांवाला बाग कांड ने ऊधम सिंह को किस कदर विचलित किया था और वे हर हाल में इसका बदला लेना चाहते थे।
13 मार्च 1940 को लंदन के केकिस्टन हाल में ऊधम सिंह ने ओडवायर सहित मारकुयस आफ जेटलैंड, लुइस डेन और लार्ड लैमिंगटन को गोली मारी थी। इस दौरान ओडवायर वहीं ढेर हो गया था। जबकि अन्य तीनों अंग्रेज अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके तुरंत बाद ऊधम सिंह ने ब्रिटिश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ऊधम सिंह ने पुलिस अधिकारियों से पूछा था कि क्या जेटलैंड मर गया। इसे भी मरना चाहिए था। मैंने उस पर दो गोलियां ठोकी थीं। एक ही मरा है वो भी माइकल ओडवायर। मेरा यकीन था कि मैंने कई को मार दिया होगा। मैं काफी सुस्त रह गया। वहां रास्ते में कई महिलाएं गई थीं। यह बात ऊधम सिंह से संबधित इंग्लैंड में पड़ी फाइल एमईपीओ 3- 1743 के रिकार्ड में दर्ज हैं और लेखक राकेश कुमार द्वारा लिखी महान गदरी इंकलाबी शहीद ऊधम सिंह पुस्तक के पन्ना नंबर 179 में ये तथ्य अंकित हैं।
फोटो:30एसजीआरपी02 -शहीद ऊधम सिंह।
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केकिस्टन हाल में चार अंग्रेज अधिकारियों को बनाया था निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम (संगरूर)। शहीद ऊधम सिंह केवल माइकल ओडवायर को ही नहीं मारना चाहते थे बल्कि ओडवायर के साथी मॉरक्यूस आफ जेटलैंड समेत कई को मरता देखना चाहते थे। जेटलैंड करीब पांच वर्ष तक बंगाल का गवर्नर रहा था और वह देश की आजादी के खिलाफ था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जलियांवाला बाग कांड ने ऊधम सिंह को किस कदर विचलित किया था और वे हर हाल में इसका बदला लेना चाहते थे।
13 मार्च 1940 को लंदन के केकिस्टन हाल में ऊधम सिंह ने ओडवायर सहित मारकुयस आफ जेटलैंड, लुइस डेन और लार्ड लैमिंगटन को गोली मारी थी। इस दौरान ओडवायर वहीं ढेर हो गया था। जबकि अन्य तीनों अंग्रेज अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके तुरंत बाद ऊधम सिंह ने ब्रिटिश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ऊधम सिंह ने पुलिस अधिकारियों से पूछा था कि क्या जेटलैंड मर गया। इसे भी मरना चाहिए था। मैंने उस पर दो गोलियां ठोकी थीं। एक ही मरा है वो भी माइकल ओडवायर। मेरा यकीन था कि मैंने कई को मार दिया होगा। मैं काफी सुस्त रह गया। वहां रास्ते में कई महिलाएं गई थीं। यह बात ऊधम सिंह से संबधित इंग्लैंड में पड़ी फाइल एमईपीओ 3- 1743 के रिकार्ड में दर्ज हैं और लेखक राकेश कुमार द्वारा लिखी महान गदरी इंकलाबी शहीद ऊधम सिंह पुस्तक के पन्ना नंबर 179 में ये तथ्य अंकित हैं।
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फोटो:30एसजीआरपी02 -शहीद ऊधम सिंह।