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विद्यार्थियों को आग लगने की स्थिति में लोगों की मदद करने के तरीके बताए
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:18 PM IST
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अग्निकांड में लोगों की मदद के तरीके बताए
गुलजार ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट ने किया सेमिनार का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गुलजार ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट खन्ना ने सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य मेहमान के तौर पर रिटायर्ड चीफ फायर सेफ्टी अतफसर टीए वर्मा ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को अग्निकांड के दौरान लोगों की मदद करने और बचाव के तरीके बताए। इस दौरान लुधियाना में अग्निकांड के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य मेहमान शर्मा ने विद्यार्थी और स्टाफ को आग लगने की किसी भी घटना के दौरान बिना किसी तनाव के सही तरीके साथ प्रतिक्रिया करने के लिए प्रेरणा देते हुए रुकने, ड्रिल और रोल तकनीक की जानकारी दी। इस दौरान हाथों और घुटनों को ड्राप करते हुए नजदीकी निकास की तरफ जाना चाहिए। इस के साथ ही नीचे हो कर चलना चाहिए, क्योंकि धुआं छत की तरफ उठता है, जिससे सांस घुटनी शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड में फंसने पर अधिक से अधिक नाक से सांस ले। सांस भी रोक कर लेनी चाहिए, जिससे कम से कम धुआं फेफड़ों तक पहुंचे। इसके साथ यदि हो सके तो तौलिया, रुमाल या ओर किसी सफ कपड़े को फिल्टर की तरह सांस लेने के लिए प्रयोग करे।
उन्होंने बताया कि आग में घिरने पर कंबल या भारी कपड़े को लपेट लेना चाहिए, साथ ही कंबल या कपड़े को गीला कर लें। उन्होंने बताया अक्सर आग लगने पर भगदड़ से अधिक नुरसान होता है। इस दौरान किसी भी हालत में लिफ्ट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही विद्यार्थियों अग्निशमन सिलेंडरों के प्रयोग की जानकारी प्रैक्टिकल तरीकों के साथ दी गई।
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गुलजार ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट ने किया सेमिनार का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गुलजार ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट खन्ना ने सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य मेहमान के तौर पर रिटायर्ड चीफ फायर सेफ्टी अतफसर टीए वर्मा ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को अग्निकांड के दौरान लोगों की मदद करने और बचाव के तरीके बताए। इस दौरान लुधियाना में अग्निकांड के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य मेहमान शर्मा ने विद्यार्थी और स्टाफ को आग लगने की किसी भी घटना के दौरान बिना किसी तनाव के सही तरीके साथ प्रतिक्रिया करने के लिए प्रेरणा देते हुए रुकने, ड्रिल और रोल तकनीक की जानकारी दी। इस दौरान हाथों और घुटनों को ड्राप करते हुए नजदीकी निकास की तरफ जाना चाहिए। इस के साथ ही नीचे हो कर चलना चाहिए, क्योंकि धुआं छत की तरफ उठता है, जिससे सांस घुटनी शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड में फंसने पर अधिक से अधिक नाक से सांस ले। सांस भी रोक कर लेनी चाहिए, जिससे कम से कम धुआं फेफड़ों तक पहुंचे। इसके साथ यदि हो सके तो तौलिया, रुमाल या ओर किसी सफ कपड़े को फिल्टर की तरह सांस लेने के लिए प्रयोग करे।
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उन्होंने बताया कि आग में घिरने पर कंबल या भारी कपड़े को लपेट लेना चाहिए, साथ ही कंबल या कपड़े को गीला कर लें। उन्होंने बताया अक्सर आग लगने पर भगदड़ से अधिक नुरसान होता है। इस दौरान किसी भी हालत में लिफ्ट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही विद्यार्थियों अग्निशमन सिलेंडरों के प्रयोग की जानकारी प्रैक्टिकल तरीकों के साथ दी गई।
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