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मिड-डे मील के तहत बच्चो को मिलेगा मार्कफैड का डब्बा बंद खाना
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:27 PM IST
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मिड-डे मील के तहत मिलेगा मार्कफैड का डिब्बाबंद खाना
एक जनवरी से सूबे के दो ब्लाक में शुरू किया जाएगा पायलट प्रोजेक्ट : गुरसंदीप सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिड-डे मील योजना के तहत मार्कफैड का डिब्बा बंद खाना मुहैया करवाया जाएगा। इस संबंधी पायलट प्रोजेक्ट एक जनवरी 2019 से शुुरू किया जा रहा है। यह फैसला बच्चों को साफ सुथरा और गुणवत्ता भरपूर खाना मुहैया करवाने के मकसद से लिया गया है। यह जानकारी पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सदस्य गुरसंदीप सिंह ग्रेवाल ने सर्किट हाउस में खाद्य पदार्थों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित मामलों संबंधी प्रगति का जायजा लेने के दौरान दी।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब स्टेट फूड कमीशन की ओर से सभी जिलों में जाकर मिड-डे मील और अनाज वितरण प्रणाली से संबंधित कामों की प्रगति का लगातार जायजा लिया जा रहा है। कमीशन की पहलकदमी पर पंजाब के दो ब्लाकों (एक देहाती और एक शहरी) के 25-25 स्कूलों, केंद्रों में 1 जनवरी 2019 से इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत मार्कफैड की ओर से स्कूलों, केंद्रों में मिड-डे मील के मैन्यू के मुताबिक डिब्बा बंद भोजन मुहैया करवाया जाएगा। इसे इस्तेमाल से पहले सिर्फ गर्म ही करना पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के सफल होने से जहां स्कूलों और केंद्रों में मिड-डे मील को तैयार करने के लिए मैनपावर की जरूरत नहीं रहेगी और अध्यापकों का बोझ घटेगा, वहीं इससे मार्कफैड की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।
ग्रेवाल ने कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा करके मिड-डे मील की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों और बच्चों से फीडबैक भी लिए। उन्होंने हिदायत दी कि सभी मिड-डे मील संबंधी मैन्यू बोर्ड और फूड सेफ्टी एक्ट की हिदायतें बाहर बोर्ड पर लगाना यकीनी बनाया जाए। रोजाना दिए जाते भोजन संबंधी महीनावार रिपोर्ट कमीशन को भी भेजने के लिए कहा गया। खाद्य पदार्थों से संबंधित शिकायतों का निपटारा सीनियर अधिकारियों के स्तर पर पहल के आधार पर किया जाना चाहिए। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर इकबाल सिंह संधू ने कहा कि जिला लुधियाना में अब तक ऐसी 28 शिकायतें सामने आई थी। जिसे एक्ट के मुताबिक निपटा दिया गया है।
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एक जनवरी से सूबे के दो ब्लाक में शुरू किया जाएगा पायलट प्रोजेक्ट : गुरसंदीप सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिड-डे मील योजना के तहत मार्कफैड का डिब्बा बंद खाना मुहैया करवाया जाएगा। इस संबंधी पायलट प्रोजेक्ट एक जनवरी 2019 से शुुरू किया जा रहा है। यह फैसला बच्चों को साफ सुथरा और गुणवत्ता भरपूर खाना मुहैया करवाने के मकसद से लिया गया है। यह जानकारी पंजाब स्टेट फूड कमीशन के सदस्य गुरसंदीप सिंह ग्रेवाल ने सर्किट हाउस में खाद्य पदार्थों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित मामलों संबंधी प्रगति का जायजा लेने के दौरान दी।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब स्टेट फूड कमीशन की ओर से सभी जिलों में जाकर मिड-डे मील और अनाज वितरण प्रणाली से संबंधित कामों की प्रगति का लगातार जायजा लिया जा रहा है। कमीशन की पहलकदमी पर पंजाब के दो ब्लाकों (एक देहाती और एक शहरी) के 25-25 स्कूलों, केंद्रों में 1 जनवरी 2019 से इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत मार्कफैड की ओर से स्कूलों, केंद्रों में मिड-डे मील के मैन्यू के मुताबिक डिब्बा बंद भोजन मुहैया करवाया जाएगा। इसे इस्तेमाल से पहले सिर्फ गर्म ही करना पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के सफल होने से जहां स्कूलों और केंद्रों में मिड-डे मील को तैयार करने के लिए मैनपावर की जरूरत नहीं रहेगी और अध्यापकों का बोझ घटेगा, वहीं इससे मार्कफैड की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।
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ग्रेवाल ने कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा करके मिड-डे मील की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों और बच्चों से फीडबैक भी लिए। उन्होंने हिदायत दी कि सभी मिड-डे मील संबंधी मैन्यू बोर्ड और फूड सेफ्टी एक्ट की हिदायतें बाहर बोर्ड पर लगाना यकीनी बनाया जाए। रोजाना दिए जाते भोजन संबंधी महीनावार रिपोर्ट कमीशन को भी भेजने के लिए कहा गया। खाद्य पदार्थों से संबंधित शिकायतों का निपटारा सीनियर अधिकारियों के स्तर पर पहल के आधार पर किया जाना चाहिए। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर इकबाल सिंह संधू ने कहा कि जिला लुधियाना में अब तक ऐसी 28 शिकायतें सामने आई थी। जिसे एक्ट के मुताबिक निपटा दिया गया है।
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