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बेनामी संपति को लेकर कैप्टन और रणइंदर के खिलाफ सुनवाई 21 जनवरी तक स्थगित
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:23 PM IST
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कैप्टन और रणइंदर के खिलाफ सुनवाई 21 जनवरी तक टली
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह के खिलाफ बेनामी संपत्ति मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक स्थगित हो गई है। चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट एसके गोयल ने आयकर विभाग को अगली पेशी पर अपने गवाह पेश करने के आदेश दिए है।
गौर हो कि एडिशनल सेशन जज राजीव कुमार बेरी के न्यायालय ने कैप्टन और उनके बेटे की तरफ से दायर याचिकाओं पर फैसला देते हुए निचली अदालत को आयकर विभाग की शिकायतों पर दोबारा बहस सुनकर दोबारा फैसला देने के लिए कहा था और निचली अदालत की ओर से तलब करने के फैसले को खारिज कर दिया था। आयकर विभाग ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह पर आरोप लगाया है कि उनकी विदेशों में कई चल और अचल संपत्तियां है। आयकर विभाग को बिना बताए जरकंघा ट्रस्ट के माध्यम से कई फायदे लिए हैं। इस संबंधी दस्तावेजों को आयकर विभाग से छुपाया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह के खिलाफ बेनामी संपत्ति मामले की सुनवाई 21 जनवरी तक स्थगित हो गई है। चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट एसके गोयल ने आयकर विभाग को अगली पेशी पर अपने गवाह पेश करने के आदेश दिए है।
गौर हो कि एडिशनल सेशन जज राजीव कुमार बेरी के न्यायालय ने कैप्टन और उनके बेटे की तरफ से दायर याचिकाओं पर फैसला देते हुए निचली अदालत को आयकर विभाग की शिकायतों पर दोबारा बहस सुनकर दोबारा फैसला देने के लिए कहा था और निचली अदालत की ओर से तलब करने के फैसले को खारिज कर दिया था। आयकर विभाग ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह पर आरोप लगाया है कि उनकी विदेशों में कई चल और अचल संपत्तियां है। आयकर विभाग को बिना बताए जरकंघा ट्रस्ट के माध्यम से कई फायदे लिए हैं। इस संबंधी दस्तावेजों को आयकर विभाग से छुपाया गया है।
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