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राजनीतिक बदलाखोरी के चलते पुलिस अधिकारियों को अपराधियों की कतार में खड़ा करना गलत : टंडन
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कांग्रेस की बी टीम है एसआईटी: शिवसेना
राजनीतिक बदले के चलते पुलिस अफसरों को अपराधी बताना गलत : टंडन
पुलिस अधिकारियों को जेलों में भेज सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने के सामान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शिवसेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन ने बहिबलकलां गोलीकांड की जांच के नाम पर बदले की राजनीति के चलते पुलिस अफसरों को जेल भेजने का विरोध किया है। टंडन का कहना है कि वोट बटोरने की नीति के तहत पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों को जेलों में डाल जलील करने की यह कोई पहला मामला नहीं है।
टंडन ने आरोप लगाया कि बहिबलकलां गोलीकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी कांग्रेस की बी टीम की तरह काम कर रही है। बहिबलकलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद बिगड़ती कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियो पर ही कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सता परिवर्तन के बाद पुलिस अधिकारियों को नई सरकार की तरफ से कटघरे में खड़ा किया जाता रहा तो सड़कों पर उतर कर कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के हौसले बुलंद होंगे। कोई भी पुलिस अधिकारी निष्ठा से कार्य नहीं कर पाएगा। शिव सेना नेता ने कहा कि वोट बटोरने के लिए पुलिस अधिकारियों को अपराधियों की कतार में खड़ा कर दिया गया है। बहिबल कलां में प्रदर्शनकारियों की तरफ से घायल किए 40 पुलिस कर्मियों के मामले की जांच एसआईटी ने नहीं की। इस अवसर पर नीतीश नारंग, संदीप थापर, अमित कौंडल, भानू प्रताप सिंह, प्रिंस शर्मा, विशेष मलिक हाजिर थे।
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राजनीतिक बदले के चलते पुलिस अफसरों को अपराधी बताना गलत : टंडन
पुलिस अधिकारियों को जेलों में भेज सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने के सामान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शिवसेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन ने बहिबलकलां गोलीकांड की जांच के नाम पर बदले की राजनीति के चलते पुलिस अफसरों को जेल भेजने का विरोध किया है। टंडन का कहना है कि वोट बटोरने की नीति के तहत पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों को जेलों में डाल जलील करने की यह कोई पहला मामला नहीं है।
टंडन ने आरोप लगाया कि बहिबलकलां गोलीकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी कांग्रेस की बी टीम की तरह काम कर रही है। बहिबलकलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद बिगड़ती कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियो पर ही कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सता परिवर्तन के बाद पुलिस अधिकारियों को नई सरकार की तरफ से कटघरे में खड़ा किया जाता रहा तो सड़कों पर उतर कर कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के हौसले बुलंद होंगे। कोई भी पुलिस अधिकारी निष्ठा से कार्य नहीं कर पाएगा। शिव सेना नेता ने कहा कि वोट बटोरने के लिए पुलिस अधिकारियों को अपराधियों की कतार में खड़ा कर दिया गया है। बहिबल कलां में प्रदर्शनकारियों की तरफ से घायल किए 40 पुलिस कर्मियों के मामले की जांच एसआईटी ने नहीं की। इस अवसर पर नीतीश नारंग, संदीप थापर, अमित कौंडल, भानू प्रताप सिंह, प्रिंस शर्मा, विशेष मलिक हाजिर थे।
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