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प्रशासन की तरफ से बीएलओ की डयूटी लगाए जाने पर अध्यापकों का विरोध
Updated Sun, 11 Feb 2018 09:32 PM IST
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बीएलओ ड्यूटी लगाने के खिलाफ रोष प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी अध्यापक बोले, बाधित हो रही है बच्चों की पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिला प्रशासन की ओर से बीएलओ ड्यूटी लगाए जाने से अध्यापकों में रोष है। अध्यापकों ने रविवार को जिला प्रशासन के खिलाफ धरना लगाकर नारेबाजी। अध्यापकों ने प्रशासन के खिलाफ रोष मार्च निकालना चाहा। पुलिस फोर्स ने उन्हेें सर्किट हाउस के समीप ही रोक लिया। इससे गुस्साए अध्यापकों ने वहीं पर धरना लगाकर नारेबाजी ।
हल्का भुच्चो से संबंधित अध्यापक जसविंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पहले भी उन्हें बतौर बीएलओ लगाया गया था और अब फिर से चुनाव संबंधी रिकार्ड ऑनलाइन करने के लिए उनकी ड्यूूटी लगाई जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। साथ ही बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले उनका एक साथी अध्यापक बतौर बीएलओ अपनी ड्यूटी करने के लिए आ रहा था। रास्ते में कार ने टक्कर से उसकी उपचार दौरान मौत हो गई थी। मृतक साथी के बच्चे छोटे हैं। प्रशासन ने उनके साथी अध्यापक के परिवार के बारे में नही सोचा। उसके परिवार को प्रशासन से मुआवजा दिलवाने के लिए उनकी तरफ से संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी अध्यापकों की ड्यूटी चुनाव का रिकार्ड ऑनलाइन करने से काटी जाए और बेरोजगार युवायों से चुनाव आयोग उक्त काम करवाए, ताकि उनको भी रोजगार मिल सकें। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार नच्छतर सिंह अध्यापकों का मांग पत्र लेने पहुंचे। उन्होंने अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा ।
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प्रदर्शनकारी अध्यापक बोले, बाधित हो रही है बच्चों की पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिला प्रशासन की ओर से बीएलओ ड्यूटी लगाए जाने से अध्यापकों में रोष है। अध्यापकों ने रविवार को जिला प्रशासन के खिलाफ धरना लगाकर नारेबाजी। अध्यापकों ने प्रशासन के खिलाफ रोष मार्च निकालना चाहा। पुलिस फोर्स ने उन्हेें सर्किट हाउस के समीप ही रोक लिया। इससे गुस्साए अध्यापकों ने वहीं पर धरना लगाकर नारेबाजी ।
हल्का भुच्चो से संबंधित अध्यापक जसविंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पहले भी उन्हें बतौर बीएलओ लगाया गया था और अब फिर से चुनाव संबंधी रिकार्ड ऑनलाइन करने के लिए उनकी ड्यूूटी लगाई जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। साथ ही बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले उनका एक साथी अध्यापक बतौर बीएलओ अपनी ड्यूटी करने के लिए आ रहा था। रास्ते में कार ने टक्कर से उसकी उपचार दौरान मौत हो गई थी। मृतक साथी के बच्चे छोटे हैं। प्रशासन ने उनके साथी अध्यापक के परिवार के बारे में नही सोचा। उसके परिवार को प्रशासन से मुआवजा दिलवाने के लिए उनकी तरफ से संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी अध्यापकों की ड्यूटी चुनाव का रिकार्ड ऑनलाइन करने से काटी जाए और बेरोजगार युवायों से चुनाव आयोग उक्त काम करवाए, ताकि उनको भी रोजगार मिल सकें। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार नच्छतर सिंह अध्यापकों का मांग पत्र लेने पहुंचे। उन्होंने अध्यापकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा ।
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