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सुखबीर बादल की वजह से बना अकाली दल टकसाली
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‘सुखबीर की वजह से बना अकाली दल टकसाली’
अकाली दल बादल छोड़ने वाले टकसाली नेता सेवा सिंह सेखवा बोले
कहा, हम भी लड़ेंगे एसजीपीसी चुनाव और शानदार जीत हासिल करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
श्री आनंदपुर साहिब। अकाली दल बादल छोड़ अकाली दल टकसाली बनाने वाले टकसाली नेता सेवा सिंह सेखवां ने मंगलवार को कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पुराने नेताओं की कद्र नहीं करनी आती। सुखबीर बादल की वजह से अकाली दल टकसाली का गठन हुआ। सेखवा पूर्व विधायक ऊजागर सिंह बडाली और साथियों के साथ तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे।
इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए सेखवां ने कहा टकसाली नेताओं की अकाली दल बादल में अनदेखी के चलते ब्रह्मपुरा को अलग पार्टी बनानी पड़ी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पर सरमायेदारों का कब्जा है। बादलों की गलत नीतियों के कारण ही किसानों को खुदकुशी करनी पड़ रही है और पंजाब की जवानी भी बादलों की गलत नीतियों की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बादलों की ओर सिर्फ वोटों के कारण सौदा साध को बिना मांगे ही माफी दे दी गई थी।
जब लोगों ने इसका विरोध किया तो बादल ने उन पर गोली चलवा दी, जिसमें बेकसूरों की जान भी गई। सेखवां ने यह भी स्पष्ट किया के उनकी ओर से बनाई गई पार्टी भी बादलों की गलत नीतियों का परिणाम है। मनप्रीत बादल पर पूछे गए सवाल पर सेखवां ने कहा बेशक मनप्रीत बादल कामरेड सोच रखने वाला व्यक्ति है, पर उसने भी सिर पर पगड़ी बांधी हुई है। सेखवां ने कहा के करतारपुर कॉरिडोर पर कोई भी बयान बाजी नहीं करनी चाहिए और इसके लिए बादल का कोई रोल नहीं है और इसके लिए हम भारत और पाकिस्तान सरकार का धन्यवाद करते हैं।
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बहिबल कलां गोली कांड पर सेखवां ने कहा के सिख संस्थाओं ने अपना रोल सही तरीके से नहीं निभाया, जिसके नतीजे से बहिबल कलां गोली कांड हुआ। साथ ही कहा कि इस गोली कांड में जितना बादल का रोल है, उतना ही रोल डॉ दलजीत सिंह चीमा का भी है। सेखवां ने यह भी कहां के श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हुकमनामे तो जारी किए जाते हैं, बाद में हुकमनामों को बदल दिया जाता है,पहले ऐसा कभी नहीं होता था। उन्होंने कहा कांग्रेस और अकाली दल से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा, खैहरा से समझौते के बारे में सोचा जा सकता है। सेखवां ने कहा कि हम एसजीपीसी चुनाव लड़ेंगे ही एवं साथ ही बहुत शानदार जीत भी प्राप्त करेंगे। इस दौरान शिरोमणि कमेटी मेंबर महेंद्र सिंह हुसैनपुर, पर्व शिरोमणि कमेटी मेंबर जरनैल सिंह औलख, मनदीप सिंह खिजराबाद ,मेजर सिंह ,जसवीर सिंह, जगतार सिंह , हरजीत सिंह ,साहिब सिंह वडाली, सुरेंद्र सिंह किशनपुरा, जितेंद्र सिंह, अमरीक सिंह उपस्थित थे।
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अकाली दल बादल छोड़ने वाले टकसाली नेता सेवा सिंह सेखवा बोले
कहा, हम भी लड़ेंगे एसजीपीसी चुनाव और शानदार जीत हासिल करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
श्री आनंदपुर साहिब। अकाली दल बादल छोड़ अकाली दल टकसाली बनाने वाले टकसाली नेता सेवा सिंह सेखवां ने मंगलवार को कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पुराने नेताओं की कद्र नहीं करनी आती। सुखबीर बादल की वजह से अकाली दल टकसाली का गठन हुआ। सेखवा पूर्व विधायक ऊजागर सिंह बडाली और साथियों के साथ तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे।
इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए सेखवां ने कहा टकसाली नेताओं की अकाली दल बादल में अनदेखी के चलते ब्रह्मपुरा को अलग पार्टी बनानी पड़ी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पर सरमायेदारों का कब्जा है। बादलों की गलत नीतियों के कारण ही किसानों को खुदकुशी करनी पड़ रही है और पंजाब की जवानी भी बादलों की गलत नीतियों की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बादलों की ओर सिर्फ वोटों के कारण सौदा साध को बिना मांगे ही माफी दे दी गई थी।
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जब लोगों ने इसका विरोध किया तो बादल ने उन पर गोली चलवा दी, जिसमें बेकसूरों की जान भी गई। सेखवां ने यह भी स्पष्ट किया के उनकी ओर से बनाई गई पार्टी भी बादलों की गलत नीतियों का परिणाम है। मनप्रीत बादल पर पूछे गए सवाल पर सेखवां ने कहा बेशक मनप्रीत बादल कामरेड सोच रखने वाला व्यक्ति है, पर उसने भी सिर पर पगड़ी बांधी हुई है। सेखवां ने कहा के करतारपुर कॉरिडोर पर कोई भी बयान बाजी नहीं करनी चाहिए और इसके लिए बादल का कोई रोल नहीं है और इसके लिए हम भारत और पाकिस्तान सरकार का धन्यवाद करते हैं।
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बहिबल कलां गोली कांड पर सेखवां ने कहा के सिख संस्थाओं ने अपना रोल सही तरीके से नहीं निभाया, जिसके नतीजे से बहिबल कलां गोली कांड हुआ। साथ ही कहा कि इस गोली कांड में जितना बादल का रोल है, उतना ही रोल डॉ दलजीत सिंह चीमा का भी है। सेखवां ने यह भी कहां के श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हुकमनामे तो जारी किए जाते हैं, बाद में हुकमनामों को बदल दिया जाता है,पहले ऐसा कभी नहीं होता था। उन्होंने कहा कांग्रेस और अकाली दल से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा, खैहरा से समझौते के बारे में सोचा जा सकता है। सेखवां ने कहा कि हम एसजीपीसी चुनाव लड़ेंगे ही एवं साथ ही बहुत शानदार जीत भी प्राप्त करेंगे। इस दौरान शिरोमणि कमेटी मेंबर महेंद्र सिंह हुसैनपुर, पर्व शिरोमणि कमेटी मेंबर जरनैल सिंह औलख, मनदीप सिंह खिजराबाद ,मेजर सिंह ,जसवीर सिंह, जगतार सिंह , हरजीत सिंह ,साहिब सिंह वडाली, सुरेंद्र सिंह किशनपुरा, जितेंद्र सिंह, अमरीक सिंह उपस्थित थे।