फसल खरीद : लुधियाना में 1.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक, लेकिन ओटीपी न आने से किसान परेशान
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पंजाब सरकार के गेहूं खरीद के दावों की धज्जियां उड़ती साफ नजर आ रही है। ऑनलाइन पोर्टल की दिक्कतों से आढ़ती और किसान परेशान हैं। आलम यह है कि लुधियाना की जालंधर बाईपास स्थित अनाज मंडी में 11 अप्रैल को गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को शुक्रवार शाम तक भुगतान नहीं हो सका। अभी तक ऑनलाइन पोर्टल पर सब कुछ अपडेट नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ फसल की आवक तेज होने से मंडियों में गेहूं का अंबार लगा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लुधियाना में शुक्रवार तक 1.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुकी है, इसमें 35 हजार मीट्रिक टन की लिफ्टिंग हो पाई है। धीमी लिफ्टिंग होने के कारण मंडी में चारों ओर गेहूं के अंबार लगे हैं। शुक्रवार दोपहर से मौसम का मिजाज भी बदल गया है, तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा चुके है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार 18 अप्रैल तक जिले में हल्की बरसात के साथ हवाएं चल सकती हैं।
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लुधियाना के गांव बलीपुर निवासी किसान हरभजन सिंह ने बताया कि वह 11 अप्रैल को फसल लेकर अनाज मंडी गए थे। लेकिन फसल की बोली 13 अप्रैल को हुई थी। उनका 400 क्विंटल गेहूं बोरियों में भर भी दिया गया है। 14 अप्रैल को शाम को वह घर लौट आए हैं। लेकिन भुगतान नहीं मिला। वह आढ़ती के पास भी गए थे, उसने बताया कि अभी उनका नाम ही पोर्टल में रजिस्ट्रर नहीं हो सका है।
वह अपने आधार कार्ड से लेकर अन्य दस्तावेज आढ़ती को दे चुके हैं, अब उनके मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है। ऐसे में पता नहीं कब उनका भुगतान होगा। उनकी फसल की कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये बनती है। इससे पहले वह आढ़ती के पास फसल देकर आते थे, उन्हें सब काम होने के बाद जे फार्म मिल जाता था। कुछ दिन बाद आढ़ती से पेमेंट लेकर आ जाते थे। लेकिन इस सिस्टम ने पूरा परेशान कर दिया है।
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ऑनलाइन पोर्टल बना परेशानी का सबब
अनाज खरीद पोर्टल अभी तक आढ़तियों और किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अनाज मंडियों में आढ़ती किसानों की फसलों संबंधी डेटा धड़ाधड़ अपलोड कर रहे हैं लेकिन इसके आगे क्या हो रहा है, इसके बारे में कुछ नहीं पता है। कई मामलों में आढ़तियों के लाइसेंस खरीद एजेंसी को नहीं दिख रहे हैं तो कहीं किसानों संबंधी डाटा अपडेट नहीं हो रहा है।
अभी तक लुधियाना में 1.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक अनाज मंडियों में हो चुकी है। गुरुवार से गेहूं की आवक कुछ ज्यादा बढ़ी है, अभी तक 35 हजार मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग हो चुकी है। इसमें तेजी लाने का काम चल रहा है। ऑनलाइन पोर्टल में काफी दिक्कतों को ठीक कर दिया है। जहां तक किसानों के भुगतान की बात है, काफी किसानों को हो चुका है। इसका पूरा रिकॉर्ड जल्द दिया जाएगा। - सुखविंदर सिंह गिल, डीएफएससी लुधियाना।