फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jig started in Shell Assembly of Rail Coach Factory Kapurthala

कपूरथला: कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जल्द दौड़ेंगे एनजी विस्टाडोम कोच, रेल कोच फैक्टरी के शैल असेंबली में स्थापित जिग शुरू

Fri, 29 Oct 2021 09:31 AM IST
प्रमोद कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला Published by: प्रमोद कुमार Updated Fri, 29 Oct 2021 09:31 AM IST
सार

रेल कोच फैक्टरी कपूरथला के शैल असेंबली में स्थापित जिग शुरू कर दिया गया है। अब विस्टाडोम कोचों के निर्माण में भी तेजी आएगी। नए जीएम ने जिग का उद्घाटन कर दिया है। जल्दी ही नैरोगेज विस्टाडोम डिब्बों का निर्माण कर भारतीय रेल को समर्पित कर दिया जाएगा। आरसीएफ की शैल असेंबली में फिलहाल 30 कोच बनाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
Jig started in Shell Assembly of Rail Coach Factory Kapurthala
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) कपूरथला ने कालका-शिमला रेलवे के लिए 30 नैरोगेज (एनजी) विस्टाडोम डिब्बों की शैल के निर्माण के लिए शैल असेंबली जिग का निर्माण किया है। इसका उद्घाटन वीरवार को आरसीएफ के नए महाप्रबंधक (जीएम) अशेष अग्रवाल ने किया। जीएम अशेष अग्रवाल व पीआरओ जितेश कुमार ने बताया कि इस जिग का निर्माण आरसीएफ की टूल रूम शॉप की ओर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया है। इसको बनाने में महज ढाई माह का समय लगा है और इसकी स्थापना से आरसीएफ ने आत्मनिर्भर भारत अभियान में अपना योगदान उल्लेखनीय रूप से प्रस्तुत किया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-Petrol Diesel Price: पंजाब में 109.57 रुपये प्रति लीटर हुआ पेट्रोल का भाव, 99.52 रुपये बिक रहा डीजल
विज्ञापन


जिग में हैं कई विशेषताएं
इस जिग में कई विशेषताएं हैं, जिससे इनकी उपयोगिता विशेष रूप से बढ़ गई है और शैल निर्माण में समय की बचत होगी। मौके पर मौजूद स्टाफ को जीएम अशेष अग्रवाल ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आरसीएफ के कुशल कर्मचारी हर तरह के तकनीकी निर्माण में सक्षम हैं और जल्दी ही नैरोगेज विस्टाडोम डिब्बों का निर्माण कर भारतीय रेल को समर्पित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन सुविधाओं से सुसज्जित होंगे एनजी कोच
आरसीएफ कालका-शिमला रेलवे के लिए 30 नैरोगेज विस्टाडोम डिब्बों का निर्माण कर रही है। आरसीएफ ने एलएचबी तकनीक पर आधारित नए एनजी कोचों के शैल, फर्निशिंग और बोगी लिए डिजाइन तैयार किए हैं। नए शैल के अलावा बोगियों को अपग्रेड करने और ब्रेक सिस्टम में सुधार किए गए हैं, जिससे गाड़ी की मौजूदा 25/35 से 40/55 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता में सुधार लाने में मदद मिल सके। ये कोच सीसीटीवी और फायर अलार्म सरीखे आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से भी लैस होंगे।


ये भी पढ़ें-सुविधा: विदेश जाने के इच्छुक लोगों की अब घर बैठे होगी वेरिफिकेशन, एनआरआई विभाग ने बनाई योजना

चौड़ी खिड़कियां होंगी आकर्षण का केंद्र
इन विशेषताओं के अलावा इन डिब्बों का मुख्य आकर्षण बड़ी और चौड़ी खिड़कियां हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार खोला भी जा सकता है जिससे गुजरते परिदृश्य का मनोरम दृश्य यात्रियों को लुभाएगा। हर कोच में यात्री गिलास छत के माध्यम से मनोरम पहाड़ी दृश्यों का आनंद उठा सकेंगे। इनमें यात्री अपनी आरामदायक सीटों को ट्रेन की दिशा के अनुसार भी 180 डिग्री तक घुमा सकेंगे। कोच का अंदरूनी हिस्सा खूबसूरत एफआरपी पैनल से सुसज्जित होगा।

ये भी पढ़ें-11 माह बाद खुलेगा रास्ता: टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने हटाए बैरिकेड, शुक्रवार को हो सकता है एक तरफ का यातायात बहाल

रेस्तरां जैसी मिलेगी सुविधा
हर सीट के लिए रेस्तरां की तरह स्नैक टेबल की व्यवस्था, ऑटोमेटिक दरवाजे आदि इन डिब्बों की मुख्य खासियत होंगी। जीएम अशेष अग्रवाल ने बताया कि आरसीएफ अब एनजी के एग्जीक्यूटिव एसी चेयर कार, एसी द्वितीय श्रेणी चेयर कार, जनरल सिटिंग और एसएलआर कोचों का उत्पादन शुरू करेगा। इनका पहला प्रोटोटाइप रैक इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed