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‘तुषार गांधी को गिरफ्तार किया जाए’
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sun, 17 May 2015 09:41 PM IST
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शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह पर विवादास्पद
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टिप्पणी करने वाले महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी को जल्द गिरफ्तार
करने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा न किया गया तो वह
लुधियाना में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। रविवार को जालंधर के सर्किट हाउस में
पहुंचे नैयर ने कहा कि शहीदों पर टिप्पणियां करने वाले को बिना सजा दिए
नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश को आजाद करवाने में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु समेत कई शहीदों का अहम योगदान है। इन शहीदों ने कुर्बानी न दी होती तो हमारा देश आजाद न होता, हमारे बच्चे अंग्रेजों के बूट पालिश कर रहे होते। गांधी परिवार से संबंधित लोगों को शहीदों पर गलत टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी चाहते तो शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की सजा से बचा सकते थे, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। दिल्ली में महात्मा गांधी का शहीद स्मारक बना हुआ है।
फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीदी स्मारक कहीं नहीं बनाया गया और न ही इनकी फोटो नोटों पर छापी गई।
नैयर ने चेतावनी दी है कि शहीद-ए-आजम पर टिप्पणी करने वाले तुषार गांधी को जल्द गिरफ्तार न किया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि उनके नाना शहीद सुखदेव के नकली रिश्तेदार बन कर कई लोग फायदा ले रहे हैं। सरकार को यही भी नहीं पता कि शहीद सुखदेव के असली रिश्तेदार कौन है। कुछ माह पहले फिरोजपुर में आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद सुखदेव का रिश्तेदार बताने वाले अशोक थापर को सम्मानित किया था, जबकि वह खुद नहीं जानते कि अशोक थापर कौन हैं। उन्होंने कहा कि शहीद सुखदेव का जन्म लुधियाना के नौघरां चौड़ा बाजार में हुआ था। इस घर पर काफी समय तक कब्जा रहा, जिसे 2011 में खाली तो करवा लिया गया था मगर इस घर को पूरे तरीके से तैयार नहीं किया जा रहा है।
इस अवसर पर शहीद करतार सिंह सराभा की पोती सुखदेव कौर, शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर की पत्नी, बच्चे, शहीद करतार सिंह सराभा के परिवार से जुड़े देव सराभा, जन जागृति मंच के प्रधान किशन लाल शर्मा, शहीद भगत सिंह यूथ क्लब के प्रधान जसबीर सिंह बाघा, मुकेश शर्मा, एनडी पवार, मनदीप सिंह मनू, संदीप सैनी, मनदीप सिंह सैनी और संजीव संगर उपस्थित रहे।
सरकारी अधिकारियों को शहीदों की नहीं पहचान
विशाल नैयर ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को शहीदों की पहचान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 मई को शहीद सुखदेव का जन्मदिवस लुधियाना में मनाया गया, मगर डीसी आफिस के अधिकारियों को सुखदेव की फोटो तक की जानकारी नहीं थी। समारोह में शहीद राजगुरु की फोटो लगाई हुई थी।
उन्होंने कहा कि देश को आजाद करवाने में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु समेत कई शहीदों का अहम योगदान है। इन शहीदों ने कुर्बानी न दी होती तो हमारा देश आजाद न होता, हमारे बच्चे अंग्रेजों के बूट पालिश कर रहे होते। गांधी परिवार से संबंधित लोगों को शहीदों पर गलत टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी चाहते तो शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की सजा से बचा सकते थे, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। दिल्ली में महात्मा गांधी का शहीद स्मारक बना हुआ है।
फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीदी स्मारक कहीं नहीं बनाया गया और न ही इनकी फोटो नोटों पर छापी गई।
नैयर ने चेतावनी दी है कि शहीद-ए-आजम पर टिप्पणी करने वाले तुषार गांधी को जल्द गिरफ्तार न किया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि उनके नाना शहीद सुखदेव के नकली रिश्तेदार बन कर कई लोग फायदा ले रहे हैं। सरकार को यही भी नहीं पता कि शहीद सुखदेव के असली रिश्तेदार कौन है। कुछ माह पहले फिरोजपुर में आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद सुखदेव का रिश्तेदार बताने वाले अशोक थापर को सम्मानित किया था, जबकि वह खुद नहीं जानते कि अशोक थापर कौन हैं। उन्होंने कहा कि शहीद सुखदेव का जन्म लुधियाना के नौघरां चौड़ा बाजार में हुआ था। इस घर पर काफी समय तक कब्जा रहा, जिसे 2011 में खाली तो करवा लिया गया था मगर इस घर को पूरे तरीके से तैयार नहीं किया जा रहा है।
इस अवसर पर शहीद करतार सिंह सराभा की पोती सुखदेव कौर, शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर की पत्नी, बच्चे, शहीद करतार सिंह सराभा के परिवार से जुड़े देव सराभा, जन जागृति मंच के प्रधान किशन लाल शर्मा, शहीद भगत सिंह यूथ क्लब के प्रधान जसबीर सिंह बाघा, मुकेश शर्मा, एनडी पवार, मनदीप सिंह मनू, संदीप सैनी, मनदीप सिंह सैनी और संजीव संगर उपस्थित रहे।
सरकारी अधिकारियों को शहीदों की नहीं पहचान
विशाल नैयर ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को शहीदों की पहचान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 मई को शहीद सुखदेव का जन्मदिवस लुधियाना में मनाया गया, मगर डीसी आफिस के अधिकारियों को सुखदेव की फोटो तक की जानकारी नहीं थी। समारोह में शहीद राजगुरु की फोटो लगाई हुई थी।