मोगाः कर्फ्यू के बीच हादसा, जहरीली गैस की चपेट में आया मजदूर, बचाने गए दो सगे भाईयों की भी मौत
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मोगा के कस्बा कोटइसे खां में एक फीड फैक्ट्री में काम कर रहे तीन मजदूरों की गैस चढ़ने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि मरने वालों में दो भाई शामिल थे, जो एक दूसरे को बचाने के चक्कर में अपनी जान गंवा बैठे।
वहीं पता चला कि फीड फैक्ट्री कर्फ्यू के दौरान बिना मंजूरी के चल रही थी। घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे एसपी (देहात) हरिंदर पाल सिंह परमार ने बताया कि कोटइसेखां में चीमा रोड पर एकम फीड फैक्ट्री है। फीड फैक्ट्री में पशुओं की फीड तैयार की जाती है।
सोमवार को काम करने के लिए मालिक संजीव कुमार गर्ग अपने कुछ मजदूरों को उनके घर से लेकर आया था। इस दौरान सुबह के समय सुरजीत सिंह निवासी गांव जानियां फीड फैक्ट्री में रखे सीरे को साफ करने के लिए टैंकर में गया तो वह काफी समय तक वापस नहीं लौटा। इस दौरान उसे देखने के लिए जब सत्तनाम सिंह निवासी गांव खोसा कोटला टैंकर में गया तो उसे बचाने के चक्कर में उसे भी गैस चढ़ गई और वह भी टैंकर में गिर गया।
इसी बीच अपने भाई सत्तनाम सिंह की जान बचाने के लिए उसका भाई जसप्रीत सिंह भी टैंकर के अंदर गया और गैस चढ़ने के कारण मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। घटना का पता फैक्ट्री के मुनीम मंगत राम शर्मा को करीब साढे़ 11 बजे चला तो उसने अपने मालिक को सूचित किया।
इस दौरान मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर तीनों मजदूरों के शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मोगा के शवगृह में रखवा दिए। एसपी के अनुसार मामले की जांच जारी है और प्राथमिक जांच दौरान पता चला है कि फैक्ट्री मालिक ने फैक्ट्री चलाने के लिए कर्फ्यू के दौरान मंजूरी नहीं ली थी।
वहीं फैक्ट्री में कुल 10 के करीब मजदूर काम करते हैं और सोमवार के दिन करीब पांच मजदूरों को मालिक उनके घर जाकर अपने साथ लेकर आया था। एसपी का कहना है कि मृतकों के परिजनों को बुलाया गया है और जांच के बाद परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।