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कनाडा-भारत में तनाव: चार माह से लंबित हैं टूरिस्ट वीजा, आवेदकों पर होने लगा असर; पंजाबी सबसे ज्यादा प्रभावित

Wed, 27 Nov 2024 02:56 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 27 Nov 2024 02:56 PM IST
सार

वीजा एक्सपर्ट सुकांत का कहना है कि लंबे प्रोसेसिंग समय का मतलब है कि आवेदकों को अपने स्टडी परमिट, वर्क वीजा और परमानेंट रेजीडेंसी आवेदनों पर फैसले का इंतजार करने में लंबा समय लग रहा है। यह अनिश्चितता उनकी पढ़ाई और नौकरी के प्लान को बिगाड़ सकती है।

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Tension between Canada and India, Tourist visas are pending for four months
अमेरिकी वीजा - फोटो : ani

विस्तार

भारत-कनाडा के बीच चल रहे राजनयिक तनाव की वजह से भारतीयों पर इस इमिग्रेशन बैकलॉग का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। कनाडा ने भारत में राजनयिक स्टाफ कम किया है, जिसकी वजह से भारतीयों को वीजा मिलने में ज्यादा समय लग रहा है। 

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कम संख्या में राजनयिकों के होने का मतलब है कि भारतीयों के लिए लंबा इंतजार होना। कनाडा को लंबे समय से भारतीय छात्रों और वर्कर्स के लिए सबसे बढ़िया देश माना जाता रहा है। खासकर पंजाब के लोगों की पहली पसंद रही है। 25 लाख के करीब आवेदक का वीजा पेंडिग है लेकिन 11 लाख केस ऐसे हैं, जिसमें देरी हो रही है। इनमें ऐसे लोग भी हैं, जिनको पंजाब से शादी ब्याह के अलावा कारोबार के सिलसिले में कनाडा जाना है लेकिन वीजा न मिलने से सिस्टम गड़बड़ा गया है।
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परमानेंट रेजिडेंसी आवेदक धारक भी कनाडा में इस इंतजार में हैं कि उनको पीआर मिलेगी तो वह सुविधाओं का फायदा ले सकेंगे लेकिन हालात यह हैं कि 3,05,200 आवेदन बैकलॉग में पड़े हैं। इनमें बहुसंख्यक पंजाबी समुदाय के लोग हैं। अस्थायी रेजिडेंसी आवेदन 7,53,700 आवेदन पेंडिंग हैं। वीजा प्रोसेसिंग टाइम बढ़ने से भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई टाइम पर शुरू करना मुश्किल हो चुका है। 

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राजनयिक विवाद ने बढ़ाई चुनाैतियां

भारतीय वर्कर्स भी समय पर कंपनियों में ज्वाइनिंग नहीं कर पा रहे हैं। इमिग्रेशन बैकलॉग के चलते कनाडा जाने की सोच रहे भारतीय काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कनाडा और भारत के बीच राजनयिक विवाद ने इन चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। उन्हें नहीं पता कि उनके आवेदनों पर कब फैसला आएगा।

चार माह से कर रहे इंतजार

जालंधर में होलसेल आर्टिफिशियल ज्वेलरी का काम करने वाले नीरज मल्होत्रा का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी दीपिका के साथ चार माह पहले वीजा का आवेदन किया था। उसका मकसद एक पारिवारिक समारोह में शामिल होना व कुछ कारोबार के बारे में सोचना था लेकिन मौजूदा हालात की वजह से उनकी न सिर्फ भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। वह चार माह से इंतजार में हैं जबकि टूरिस्ट वीजा का फैसला अधिकतम 2 माह में हो जाता है।

पंजाब के युवाओं पर ज्यादा असर

कनाडा में नागरिकता हासिल करने से लेकर परमानेंट रेजिडेंसी पाने तक का इंतजार लंबा हो रहा है। इन दिनों कनाडा में इमिग्रेशन के लिए एप्लिकेशन का अंबार लग गया है। पंजाब के युवा खासे प्रभावित हैं। कनाडा में एडमिंटन में वीजा एक्सपर्ट परविंदर मोंटू का कहना है कि इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटीजनशिप कनाडा के पास 10,97,000 एप्लिकेशन ऐसे हैं, जो अपने प्रोसेस होने के टाइम से ज्यादा वक्त से पेंडिंग पड़े हुए हैं। 30 सितंबर तक कनाडा में नागरिकता, स्थायी नागरिकता और अस्थायी नागरिकता के लिए कुल 24,50,600 एप्लिकेशन प्रक्रिया में हैं, इनमें बहुसंख्यक पंजाबी हैं।
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