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अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का सीधा प्रसारण हो: जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:00 PM IST
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सुनील जाखड़।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश कांग्रेस उपप्रधान व पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की कि सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का सीधा प्रसारण करवाया जाए।
बहस के दौरान कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों से स्पष्ट होगा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार पर सदन का विश्वास खत्म हो चुका है। जाखड़ ने बताया कि पत्र में लिखा गया है कि विपक्ष का यह हक बनता है कि उनकी तरफ से सदन में उठाई गई आवाज को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाए। यह तभी संभव हो सकता है जब इस बहस का सीधा प्रसारण करवाया जाए।
अगर इसका सीधा प्रसारण नहीं करवाया जा सकता तो कांग्रेस को बहस की एक वीडियो सीडी बनाने की मंजूरी दी जाए ताकि वह इसे सोशल मीडिया के जरिए पंजाब व पंजाब से बाहर बैठे पंजाबियों को दिखाकर अकाली-भाजपा सरकार को बेनकाब कर सके।
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जाखड़ ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान समय कम होने के कारण सभी मुद्दों पर बहस होनी असंभव नहीं है। उन्होंने 14 सितंबर को सदन की बैठक के दौरान बिजली व किसानी पर बहस के लिए विशेष समय निश्चित करने को कहा।
जाखड़ ने बताया कि 9 सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री किसी भी मुद्दे पर गंभीर नहीं थे। उन्होंने बताया कि जिस तरह उपमुख्यमंत्री शहरी विकास के मुद्दे पर सदन में बहस करने से भाग गए उससे लगता है कि वह अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भी विधानसभा में अकाली विधायकों के जरिए हंगामा करवा सकते हैं।
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बहस के दौरान कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों से स्पष्ट होगा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार पर सदन का विश्वास खत्म हो चुका है। जाखड़ ने बताया कि पत्र में लिखा गया है कि विपक्ष का यह हक बनता है कि उनकी तरफ से सदन में उठाई गई आवाज को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाए। यह तभी संभव हो सकता है जब इस बहस का सीधा प्रसारण करवाया जाए।
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अगर इसका सीधा प्रसारण नहीं करवाया जा सकता तो कांग्रेस को बहस की एक वीडियो सीडी बनाने की मंजूरी दी जाए ताकि वह इसे सोशल मीडिया के जरिए पंजाब व पंजाब से बाहर बैठे पंजाबियों को दिखाकर अकाली-भाजपा सरकार को बेनकाब कर सके।
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जाखड़ ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान समय कम होने के कारण सभी मुद्दों पर बहस होनी असंभव नहीं है। उन्होंने 14 सितंबर को सदन की बैठक के दौरान बिजली व किसानी पर बहस के लिए विशेष समय निश्चित करने को कहा।
जाखड़ ने बताया कि 9 सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री किसी भी मुद्दे पर गंभीर नहीं थे। उन्होंने बताया कि जिस तरह उपमुख्यमंत्री शहरी विकास के मुद्दे पर सदन में बहस करने से भाग गए उससे लगता है कि वह अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भी विधानसभा में अकाली विधायकों के जरिए हंगामा करवा सकते हैं।