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पैसे के लालच में खुद को गोली मारी थी गोली
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टांडा (रामपुर)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मरघटी में पैसे के लेनदेन को लेकर गोली मारकर पुत्र को अगवा कर ले जाने का को घटना पीड़ित ने ही अपने साथी को फंसाने के लिए रची थी। पुलिस ने बारह घंटे में ही गायब बच्चे को बरामद कर मामले का खुलासा कर दिया। वहीं, पुलिस अब झूठा आरोप लगाकर सनसनी फैलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
सोमवार देर रात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मरघटी निवासी तेजपाल सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई जयपाल अपने आठ वर्षीय पुत्र अखिलेश को बाइक से दलपतपुर से अपने घर जा रहा था। तभी बैंजनी घाट पर करीब छह बजे कार सवार रियाज अपने तीन साथियों के साथ तमंचे से उसके भाई और भतीजे को जान से मारने की नियत से फायर झोंक दिया और उसके भाई के पुत्र को अगवा कर ले गए।
सूचना मिलते ही हरकत में आयी पुलिस ने मामला में चारों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कोतवाल प्रवेज कुमार चौहान के नेतृत्व में अगवा बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सर्विलांस की मदद से कोतवाली पुलिस ने बालक को ग्राम देहरी थाना कटघर मुरादबाद से बरामद कर लिया। वहीं मामले की जांच शुरू करने पर पुलिस को रिपोर्ट में दर्शाए गए आरोपी के दिव्यांग होने से घटना पर संदेह हुआ।
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पुलिस ने पीड़ित जयपाल से गहनता से पूछताछ की तो उसने हकीकत बयां कर दी। उसने बताया कि उसके तीन चार साल पहले गरीब कन्याओं के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए गुरु गोरखनाथ जान कल्याण समिति बनाई थी। जिसके लिए उसने और रियाज ने काफी लोगों से पैसे एकत्र किए थे। लेकिन संस्था बंद होने चलते उसके ऊपर काफी कर्ज हो गया।
कर्जदारों के काफी परेशान करने पर उसने अपने भांजे भूपसिंह निवासी ग्राम नंगला जटनी थाना मूंढापांडे के साथ मिलकर रियाज को फंसाने के लिए यह योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने जयपाल को हिरासत में ले लिया और उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
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सोमवार देर रात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मरघटी निवासी तेजपाल सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई जयपाल अपने आठ वर्षीय पुत्र अखिलेश को बाइक से दलपतपुर से अपने घर जा रहा था। तभी बैंजनी घाट पर करीब छह बजे कार सवार रियाज अपने तीन साथियों के साथ तमंचे से उसके भाई और भतीजे को जान से मारने की नियत से फायर झोंक दिया और उसके भाई के पुत्र को अगवा कर ले गए।
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सूचना मिलते ही हरकत में आयी पुलिस ने मामला में चारों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कोतवाल प्रवेज कुमार चौहान के नेतृत्व में अगवा बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सर्विलांस की मदद से कोतवाली पुलिस ने बालक को ग्राम देहरी थाना कटघर मुरादबाद से बरामद कर लिया। वहीं मामले की जांच शुरू करने पर पुलिस को रिपोर्ट में दर्शाए गए आरोपी के दिव्यांग होने से घटना पर संदेह हुआ।
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पुलिस ने पीड़ित जयपाल से गहनता से पूछताछ की तो उसने हकीकत बयां कर दी। उसने बताया कि उसके तीन चार साल पहले गरीब कन्याओं के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए गुरु गोरखनाथ जान कल्याण समिति बनाई थी। जिसके लिए उसने और रियाज ने काफी लोगों से पैसे एकत्र किए थे। लेकिन संस्था बंद होने चलते उसके ऊपर काफी कर्ज हो गया।
कर्जदारों के काफी परेशान करने पर उसने अपने भांजे भूपसिंह निवासी ग्राम नंगला जटनी थाना मूंढापांडे के साथ मिलकर रियाज को फंसाने के लिए यह योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने जयपाल को हिरासत में ले लिया और उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।