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कांग्रेस भवन के बाहर धरने पर बैठे सर्व शिक्षा अभियान व मिड डे मील कर्मचारी
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जालंधर। हल्की बारिश व कड़ाके की ठंड के बावजूद कांग्रेस भवन का माहौल उस समय गरमा गया, जब सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील दफ्तरी कर्मचारियों ने कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। खुद को स्थायी किए जाने की मांग को लेकर इन कर्मचारियों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।
यूनियन के कर्मचारी टेंट लगाकर कांग्रेस भवन के बाहर धरने पर बैठ गए व यूनियन सदस्यों ने कांग्रेस सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की। यूनियन सदस्यों का कहना है कि सरकार लगातार यूनियन से मीटिंग करके केवल आश्वासन का लालीपॉप दे रही है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वह सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा करेंगे, लेकिन उनका आश्वासन भी मात्र कोरा झूठ बनकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे कर्मचारियों से पहले ही भेदभाव किया जा चुका है। वित्त विभाग ने टीचिंग कर्मचारियों को रेगुलर करने की मंजूरी दे दी गई है, लेकिन उन्हें स्थायी करने में आनाकानी की जा रही है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर उन्हें स्थायी नहीं किया गया तो इसका अंजाम कांग्रेस सरकार को विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
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यूनियन के कर्मचारी टेंट लगाकर कांग्रेस भवन के बाहर धरने पर बैठ गए व यूनियन सदस्यों ने कांग्रेस सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की। यूनियन सदस्यों का कहना है कि सरकार लगातार यूनियन से मीटिंग करके केवल आश्वासन का लालीपॉप दे रही है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वह सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा करेंगे, लेकिन उनका आश्वासन भी मात्र कोरा झूठ बनकर रह गया है।
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उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे कर्मचारियों से पहले ही भेदभाव किया जा चुका है। वित्त विभाग ने टीचिंग कर्मचारियों को रेगुलर करने की मंजूरी दे दी गई है, लेकिन उन्हें स्थायी करने में आनाकानी की जा रही है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर उन्हें स्थायी नहीं किया गया तो इसका अंजाम कांग्रेस सरकार को विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
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