सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी: पाकिस्तान से आ रही ग्लॉक-26 पिस्टल, आम नागरिक के लिए है बैन
ग्लॉक पिस्टल में 6 से लेकर 36 राउंड तक मैगजीन का उपयोग हो सकता है। भारत में इस हथियार में 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग किया जाता है
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बेहद विशेष और असरदार ‘ग्लॉक पिस्टल’ की पंजाब में ताबड़तोड़ बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ग्लॉक पिस्टल भारत में आम नागरिक के लिए बैन है। इसके बावजूद ऑस्ट्रिया का निर्मित हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के तस्करों व गैंगस्टरों तक पहुंच रहा है। इतना ही नहीं, पंजाब से ग्लॉक पिस्तौल गोपालगंज तक पहुंच गए हैं।
हाल ही में गोपालगंज कुचायकोट थाना क्षेत्र के बल्थरी चेकपोस्ट पर नागालैंड नंबर के बस से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से प्रतिबंधित ऑस्ट्रियन निर्मित चार विदेशी ग्लॉक पिस्टल के साथ आठ मैग्जीन बरामद किया गया। यानी आईएसआई पंजाब की सीमा का इस्तेमाल हेरोइन के साथ साथ ग्लॉक पिस्टल भेजने के लिए भी कर रही है।
पर्स में भी रख सकते हैं आठ लाख की पिस्ताैल
1982 के दशक से लेकर आज तक ग्लॉक की पहचान और विश्वास कायम है। आज दुनियाभर के देशों में इसे बेझिझक इस्तेमाल किया जा रहा है। इसने पूरी दुनिया को दिखाया है कि क्यों यह सबकी पसंद बन चुका है। इसका आकर इतना छोटा होता है कि इसे अपने पर्स में भी भी रख सकते हैं। एक पिस्टल की कीमत आठ लाख रुपये है। यह खराब नहीं होता है।
एक क्लिक में 36 राउंड फायरिंग
ग्लॉक पिस्टल में 6 से लेकर 36 राउंड तक मैगजीन का उपयोग हो सकता है। भारत में इस हथियार में 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग किया जाता है। मैगजीन में एक साथ 17 गोलियां आती हैं। इसकी गोली 1230 फीट प्रति सेकेंड की गति से दुश्मन को लगती है। इसकी रेंज भी 50 मीटर ही है।
ताजा घटनाएं, जिनमें ग्लॉक बरामद हुई
1- भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बीएसएफ की 101 बटालियन और खेमकरण थाने की पुलिस ने खेतों में 2 पिस्तौल बरामद की। चौकी हरभजन के अंतर्गत कलास हवेलियास के खेतों से एक पैकेट बरामद किया गया, जिसे खोलकर तलाशी लेने पर उसमें से 2 ग्लॉक पिस्तौल बरामद हुईं। यह पैकेट ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से भारत पहुंचा है और आगे की जांच चल रही है।
2- तरनतारन से अमृतसर तक अगस्त में 11 ग्लॉक पिस्तौलें जब्त की गईं। 29 अगस्त को, केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक संयुक्त प्रयास में, तरनतारन पुलिस ने दो गुर्गों, हरप्रीत सिंह, जिसे अमृतसर जिले के एक गांव से हैप्पी के नाम से भी जाना जाता है, और लवप्रीत सिंह, को गिरफ्तार करके एक पाकिस्तान समर्थित हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। तरनतारन जिले के एक गांव से ऑपरेशन में चार अत्याधुनिक ग्लॉक-19 पिस्तौल बरामद हुईं, जिनमें से एक पर नाटो सेना के लिए निर्मित का निशान भी था।
3- 16 अगस्त को, जालंधर ग्रामीण पुलिस ने चार लोगों की गिरफ्तारी के साथ एक अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार आपूर्ति नेटवर्क का पर्दाफाश किया। उनके पास से एक चीन निर्मित 7.65 मिमी ग्लॉक पिस्तौल, दो .30 बोर पिस्तौल और एक रिवॉल्वर बरामद हुआ।
4- चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित घर पर हुए ग्रेनेड फेंकने वाले एक आरोपी रोहन मसीह को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी अमृतसर के गांव पासिया का रहने वाला है। उसके कब्जे से एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल और गोला-बारूद बरामद हुआ।
पाकिस्तान से आ रही ग्लॉक..
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के अनुसार, हरप्रीत का पाकिस्तान स्थित तस्करों से सीधा संबंध था, जो सीमा पार ड्रग्स और हथियारों को ले जाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करते थे। उनका कहना है कि पंजाब पुलिस मुस्तैद है और सतर्कता के कारण ही ग्लॉक पिस्टल व हथियार बरामद किए जा रहे हैं।