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Jalandhar News: प्रदूषण से आजादी... 27 हजार पौधे लगाकर पर्यावरण प्रेम का मिसाल बने रमन कुमार, 70 करोड़ लीटर पानी बचाया

Thu, 14 Aug 2025 07:34 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Aug 2025 07:34 PM IST
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Raman Kumar became an example of love for environment by planting 27 thousand trees, saved 70 crore liters of water
-पद्मश्री बाबा सेवा सिंह के मॉडल से प्रेरित हो पंजाब को बना रहे हरित प्रदेश
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मनमोहन सिंह
जालंधर। स्वतंत्रता की वास्तविक परिभाषा को समझते हुए कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने न केवल अपनी जिंदगी को समाजसेवा के लिए समर्पित किया बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण देने का बीड़ा भी उठाया है। ऐसे ही एक पर्यावरण प्रेमी हैं रमन कुमार जिन्होंने 2018 में आरएन ट्री मित्रा नामक संस्था की नींव रखी।
उनके प्रयासों से 27 हजार से अधिक पौधे आज पंजाब की धरती पर जीवनदायिनी हरियाली फैला रहे हैं। रमन कुमार को यह प्रेरणा खडूर साहिब के पद्मश्री बाबा सेवा सिंह के कार्यों से मिली जो वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के लिए कार्य कर रहे हैं। इसी मॉडल को अपनाते हुए रमन ने पौधरोपण को एक मिशन बनाया जिसमें केवल पेड़ लगाना ही नहीं बल्कि उनकी देखभाल करना भी शामिल है।
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हर साल मानसून से पहले लगाते हैं 5000 पौधे
हर साल मानसून से पहले 5000 पौधे लगाए जाते हैं जिससे उन्हें प्राकृतिक बारिश से पर्याप्त जल मिल सके और शुरुआती दिनों में सिंचाई की आवश्यकता कम हो। अगर कोई व्यक्ति या संस्था पौधरोपण करवाना चाहती है तो आरएन ट्री मित्रा यह सेवा भी प्रदान करती है। खास बात यह है कि ग्राहक को यह भी बताया जाता है कि उनका पौधा कहां लगाया गया, उसकी स्थिति क्या है, और साथ ही लोकेशन शेयर की जाती है।
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द वरुण मित्रा: पानी बचाने की अनूठी पहल
केवल हरियाली फैलाना ही नहीं, रमन कुमार ने द वरुण मित्रा के माध्यम से पंजाब में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की जो जल संकट से जूझ रहे प्रदेश में एक क्रांतिकारी कदम है। अब तक वे 1,400 यूनिट स्थापित कर चुके हैं और अनुमानित 70 करोड़ लीटर वर्षा जल को संरक्षित किया जा चुका है।


हरियाली और जल संरक्षण का संगम
पंजाब को प्राकृतिक संसाधनों की बहाली की ओर ले जा रही है। उनका कार्य स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर यह याद दिलाता है कि सच्ची आजादी सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि पर्यावरणीय आत्मनिर्भरता में भी है। आने वाली पीढि़यों के लिए प्रदूषण से आजादी बहुत जरूरी है। यह कहानी उन अनगिनत नायकों में से एक की है जो बिना किसी प्रचार के आने वाली नस्लों को सांस लेने लायक हवा और पीने लायक पानी देने में जुटे हैं।
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