{"_id":"6932f3d799569cabd1058bb3","slug":"pytex-started-with-five-cans-of-honey-employed-100-youth-now-a-major-brand-kapurthala-news-c-59-1-asr1001-115526-2025-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाइटेक्स: पांच डिब्बों से शुरू शहद का कारोबार, 100 युवाओं को दिया रोजगार, अब बना बड़ा ब्रैंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाइटेक्स: पांच डिब्बों से शुरू शहद का कारोबार, 100 युवाओं को दिया रोजगार, अब बना बड़ा ब्रैंड
विज्ञापन
फोटो
-गांव जेठूवाल के पवनदीप अरोड़ा ने मधुमक्खी पालन में पेश की नई राह
-- -
पिंकेश कुमार
अमृतसर।
पवनदीप अरोड़ा गांव जेठूवाल के रहने वाले हैं पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेश जाने की बजाय अपने पिता के शहद व्यवसाय को आगे बढ़ाने का रास्ता चुनकर स्वरोजगार की मिसाल बने हैं। उनके पिता ने यह कारोबार मात्र पांच डिब्बों से शुरू किया था। पवनदीप ने पंजाब यूनिवर्सिटी, पटियाला के साथ मिलकर शहद की गुणवत्ता में सुधार किया और आज उनका एंजल ब्रैंड पंजाब समेत विदेशों में भी लोकप्रिय है। रणजीत एवेन्यू में आयोजित 19वें पाइटेक्स मेले में पवनदीप की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने बताया कि उनके पास जामुन, केसर, अखरोट, बादाम, लीची, सरसों, बेरी, तुलसी और अजवायन जैसी दर्जन भर शहद की किस्में उपलब्ध हैं। इसके अलावा वह ऑर्गेनिक हल्दी का कारोबार भी कर रहे हैं।
पवनदीप के प्रयासों से अब 100 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और दर्जनों युवाओं और युवतियों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। उनकी पत्नी रितिका अरोड़ा महिला उद्यमियों को सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से सशक्त कर रही हैं। पवनदीप का मानना है कि विदेशों में पैसे ज्यादा बन सकते हैं, लेकिन युवा अपने देश में मेहनत करके पहचान बना सकते हैं। उनका यह उदाहरण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा और स्वरोजगार की दिशा में मार्गदर्शन साबित हो रहा है। संवाद
विज्ञापन
-गांव जेठूवाल के पवनदीप अरोड़ा ने मधुमक्खी पालन में पेश की नई राह
पिंकेश कुमार
अमृतसर।
पवनदीप अरोड़ा गांव जेठूवाल के रहने वाले हैं पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेश जाने की बजाय अपने पिता के शहद व्यवसाय को आगे बढ़ाने का रास्ता चुनकर स्वरोजगार की मिसाल बने हैं। उनके पिता ने यह कारोबार मात्र पांच डिब्बों से शुरू किया था। पवनदीप ने पंजाब यूनिवर्सिटी, पटियाला के साथ मिलकर शहद की गुणवत्ता में सुधार किया और आज उनका एंजल ब्रैंड पंजाब समेत विदेशों में भी लोकप्रिय है। रणजीत एवेन्यू में आयोजित 19वें पाइटेक्स मेले में पवनदीप की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने बताया कि उनके पास जामुन, केसर, अखरोट, बादाम, लीची, सरसों, बेरी, तुलसी और अजवायन जैसी दर्जन भर शहद की किस्में उपलब्ध हैं। इसके अलावा वह ऑर्गेनिक हल्दी का कारोबार भी कर रहे हैं।
पवनदीप के प्रयासों से अब 100 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और दर्जनों युवाओं और युवतियों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। उनकी पत्नी रितिका अरोड़ा महिला उद्यमियों को सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से सशक्त कर रही हैं। पवनदीप का मानना है कि विदेशों में पैसे ज्यादा बन सकते हैं, लेकिन युवा अपने देश में मेहनत करके पहचान बना सकते हैं। उनका यह उदाहरण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा और स्वरोजगार की दिशा में मार्गदर्शन साबित हो रहा है। संवाद
विज्ञापन