फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   punjabi studies necessary in schools

10वीं में पंजाबी नहीं पढ़ोगे तो सर्टिफकेट नहीं मिलेगा

Sat, 22 Feb 2014 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Sat, 22 Feb 2014 10:31 PM IST
विज्ञापन
punjabi studies necessary in schools

अब जो भी स्कूल पंजाबी नहीं पढ़ाएंगे, वहां के छात्रों को दसवीं का प्रमाण-पत्र नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रिंसिपल सचिव अंजली भावड़ा ने राज्य के सभी डीसी को पत्र लिख सभी स्कूलों को पंजाबी पढ़ाने के लिए कहा है। इसके लिए संबंधित जिले के डीसी की जिम्मेदारी तय की गई है।

विज्ञापन


19 फरवरी को जारी हुए पत्र में प्रिंसिपल सचिव ने साफ किया है कि जो भी स्कूल पंजाबी नहीं पढ़ाएंगे, उन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी को दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। जारी पत्र में धारा 3 (1) का हवाला देते हुए भावड़ा ने साफ किया है कि इसके तहत सभी स्कूलों को पंजाबी पढ़ाना जरूरी है। इसी एक्ट की धारा 3 (2) के तहत कोई भी ऐसी संस्था या बोर्ड जो पंजाब नहीं पढ़ाता, उस संस्था में पढ़ने वाले छात्रों को दसवीं कक्षा पास का प्रमाण पत्र रिलीज नहीं कर सकता है।
विज्ञापन


स्कूलों में पंजाबी को लागू करवाने के लिए डीसी जिम्मेदार होंगे। भावड़ा ने कहा है कि डीसी ही अपने जिले के सीनियर सेकेंडरी और प्राइमरी जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सभी स्कूलों में पंजाबी लागू करवाएंगे। अगर कोई स्कूल पहली से दसवीं कक्षा के बच्चों को पंजाबी नहीं पढ़ाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाबी के लिए 2008 में पास हुआ था कानून
पंजाब सरकार ने मां बोली (पंजाबी) को प्रफुल्लित करने के लिए 22 अक्टूबर 2008 को कानून पास किया था। इसके तहत राज्य के सभी दफ्तरों, स्कूलों और अन्य सरकारी कार्यालयों में सारा काम पंजाबी में करने व पंजाबी में ही बातचीत करने के आदेश जारी हुए थे।


बेशक यह कानून 2008 में पास हो गया था लेकिन अभी तक इस कानून को पूरी तरह से सरकारी दफ्तरों में लागू करवाने में सरकार फेल रही है। प्राइवेट स्कूलों ने भी पंजाबी को नहीं अपनाया है। यही नहीं सरकारी दफ्तरों में अधिकारी अंग्रेजी में साइन करते हैं ओर अंग्रेजी में ही पत्र रिलीज करते हैं।

पंजाबी जागृति मंच के प्रधान प्यारा सिंह भोगल और महासचिव सतनाम सिंह माणक का कहना है कि इस कानून को लागू करवाने में उनकी संस्था की अहम भूमिका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed